AIIMS BSC Nuring 2026 Choice Filling: अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) दिल्ली ने बीएससी (ऑनर्स) नर्सिंग एडमिशन 2026 के लिए ऑनलाइन चॉइस फिलिंग प्रोसेस शुरू कर दिया है। साथ ही एमएससी नर्सिंग एडमिशन के लिए काउंसलिंग का अपडेटेड शेड्यूल भी जारी कर दिया गया है। प्रवेश परीक्षा में सफल अभ्यर्थी अब अपनी पसंद के AIIMS संस्थान और उपलब्ध कोर्स का चयन कर सकते हैं। इसके लिए उम्मीदवारों को आधिकारिक वेबसाइट aiimsexams.ac.in पर लॉग इन करना होगा।
जारी शेड्यूल के मुताबिक एमएससी नर्सिंग के लिए राउंड 1 सीट अलॉटमेंट का रिजल्ट 6 अगस्त, 2026 को घोषित किया जाएगा। कैंडिडेट्स अपनी रजिस्ट्रेशन आईडी, पासवर्ड और रजिस्ट्रेशन यूनिक कोड (RUC) के जरिए काउंसलिंग डैशबोर्ड को एक्सेस कर सकते हैं। चॉइस फिलिंग प्रोसेस के दौरान अभ्यर्थी को एम्स संस्थानों और एमएससी नर्सिंग कैंडिडेट्स को अपनी पसंदीदा स्पेशलाइजेशन को प्राथमिकता के क्रम में ध्यान से चुनना और व्यवस्थित करना होगा। बता दें सीट अलॉटमेंट एंट्रेंस, एग्जाम रैंक, कैटेगिरी, सीट की उपलब्धता और कैंडिडेट्स द्वारा दी गई पसंद जैसे कारकों पर आधारित होगा। अभ्यर्थी नीचे दिए आसान स्टेप के जरिए च्वाइज फिलिंग कर सकते हैं।
AIIMS BSC Nuring 2026 Choice Filling: ऐसे करें च्वाइस फिलिंग के लिए अप्लाई
- सबसे पहले aiimsexams.ac.in पर जाएं।
- होमपेज पर जाकर Academic Course पर क्लिक करें।
- यहां BSC Nursing या MSC Nursing Course का विकल्प चुनें।
- अब रजिस्ट्रेशन आईडी व पासवर्ड की मदद से लॉग इन करें।
- यहां Counselling/Choice Filling सेक्शन पर जाएं।
- लास्ट डेट से पहले लॉक च्वाइस के विकल्प पर क्लिक कर अपने विकल्प को लॉक कर दें।
AIIMS BSC Nuring 2026: स्पेशलाइजेशन का चयन सोच समझकर करें
एमएससी नर्सिंग में आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों को विशेष रूप से अपनी पसंदीदा स्पेशलाइजेशन का चयन सोच-समझकर करना चाहिए। एक बार विकल्प लॉक होने के बाद उनमें बदलाव की संभावना सीमित हो सकती है। इसलिए अंतिम सबमिशन से पहले सभी विकल्पों की अच्छी तरह जांच करना जरूरी है। सीट आवंटन पूरी तरह निर्धारित नियमों के अनुसार किया जाएगा। इसमें अभ्यर्थी की प्रवेश परीक्षा में प्राप्त रैंक, कैटेगरी, सीटों की उपलब्धता और चॉइस फिलिंग के दौरान दी गई प्राथमिकताओं को आधार बनाया जाएगा। इसलिए सही क्रम में विकल्प भरना प्रवेश की संभावना बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
कैंडिडेट्स को सलाह दी जाती है कि वे अपनी पसंद को ध्यान से देखें और समय-सीमा खत्म होने से पहले उन्हें लॉक कर दें। सीट अलॉटमेंट एंट्रेंस एग्जाम रैंक, कैटेगरी, सीट की उपलब्धता और कैंडिडेट्स द्वारा दी गई पसंद जैसे कारकों पर आधारित होगा।
