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Earthquake Today in India 1 April: आज भारत में कहां आया भूकंप, कितनी थी तीव्रता, कितना नुकसान?

Earthquake Today in India 1 April: भारत में एक अप्रैल को कहां भूकंप आया है, क्या दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम में भी भूकंप आया है? देखिए देश में आए भूकंप की पूरी लिस्ट

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आज कहां आया भूकंप

Earthquake Today in India 1 April: भारत में बुधवार को कहां भूकंप आया है? किस राज्य में आज भूकंप आया है। भारत में आज एक बार फिर से हिमाचल प्रदेश में ही भूकंप आया है, वो भी वहीं, जहां कल आया था। हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा में बुधवार को 9 बजे आसपास भूकंप के झटके लगे हैं। वहीं मंगलवार को भी हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा में भूकंप आया था। आज भारत के चार पड़ोसी देशों में भूकंप के झटके लगे हैं। जिसमें चीन, म्यांमार, नेपाल और भूटान शामिल है।

भारत में 1 अप्रैल को भूकंप कहां आया? (Where Did Earthquakes Hit on April 1 In India)

राज्यभूकंप की तीव्रतासमयगहराईकेंद्र/प्रभावित क्षेत्र
हिमाचल प्रदेश2.708:57:23 AM10 KMकांगड़ा
हिमाचल प्रदेश2.804:33:22 AM (31 मार्च)10 KMकांगड़ा

दुनिया में 1 अप्रैल को कहां भूकंप आया? (April 1 Tremors Worldwide)

देशभूकंप की तीव्रतासमयगहराईकेंद्र/प्रभावित क्षेत्र
म्यांमार3.102:42:27 AM90 KM23.350, 93.970
नेपाल3.802:07:35 AM10 KM29.599, 81.634
भूटान2.201:31:57 AM10 KM26.977, 89.902
तिब्बत3.801:31:02 AM112 KM34.195, 83.028
म्यांमार3.501:29:45 AM70 KM22.954, 94.376

भूटान में भूकंप क्यों ज्यादा आता है?

भूटान भूकंप के लिहाज से संवेदनशील क्षेत्र में स्थित है, इसलिए यहां अपेक्षाकृत अधिक भूकंपीय गतिविधियां दर्ज की जाती हैं। इसका सबसे बड़ा कारण यह है कि भूटान हिमालय पर्वतमाला के उस हिस्से में आता है, जहां दो विशाल टेक्टोनिक प्लेटें-Indian Plate और Eurasian Plate-आपस में टकरा रही हैं। दरअसल, भारतीय प्लेट लगातार उत्तर की ओर बढ़ रही है और यूरेशियन प्लेट के नीचे धंस रही है। इस प्रक्रिया को वैज्ञानिक भाषा में प्लेट टेक्टोनिक्स कहा जाता है। प्लेटों के इस टकराव से धरती की सतह पर तनाव जमा होता रहता है और जब यह तनाव अचानक रिलीज होता है, तो भूकंप आता है। यही वजह है कि हिमालय क्षेत्र, जिसमें भूटान, नेपाल और उत्तर भारत शामिल हैं, दुनिया के सबसे सक्रिय भूकंपीय क्षेत्रों में गिना जाता है। इसके अलावा, भूटान का पहाड़ी और युवा (नया बना) भू-भाग भी भूकंप की तीव्रता को बढ़ा सकता है। यहां कई सक्रिय फॉल्ट लाइनें (दरारें) मौजूद हैं, जो समय-समय पर ऊर्जा छोड़ती रहती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य में भी इस क्षेत्र में मध्यम से लेकर बड़े भूकंप आने की संभावना बनी रहेगी, इसलिए भूकंप-रोधी निर्माण और सतर्कता बेहद जरूरी है।

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Shishupal Kumar
शिशुपाल कुमार author

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय ... और देखें

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