Dr. Vikas Divyakirti : 'दृष्टि IAS' कोचिंग इंस्टीट्यूट के संस्थापक डॉ. विकास दिव्यकीर्ति विवादों में आ गए हैं। दरअसल, कोचिंग में छात्रों को रामायण के बारे में बताते हुए भगवान राम एवं सीता के बारे में उन्होंने जो बात कही है, उस पर वह घिरते जा रहे हैं। लोग उन पर सवाल उठा रहे हैं। दरअसल, छात्रों को संस्कृत के एक श्लोक का मतलब समझाते हुए डॉ. विकास दिव्यकीर्ति ने जो इसका अर्थ बताया है उसे अपमानजनक माना गया है। इसके लिए डॉ. विकास को ट्विटर पर ट्रोल भी किया जा रहा है। हालांकि इस मामले में एक और वीडियो सामने आया है, जिसमें विकास पूरी बात कहते नजर आ रहे हैं।
साध्वी प्राची ने कोचिंग इंस्टीट्यूट पर बैन लगाने की मांग की
'दृष्टि IAS' कोचिंग इंस्टीट्यूट के संस्थापक का यह वीडियो सामने आने के बाद हिंदू संगठनों ने मोर्चा खोल दिया है। भगवा क्रांति सेना की राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. प्राची साध्वी ने हमला बोलते हुए कहा है कि 'मैं साध्वी प्राची इस मदरसे छाप सेंटर को बैन करने की मांग करती हूं। अगर आज चुप बैठा गया तो कल कोई और ऐसे हिंदुत्व का अपमान करेगा। यह समय चुप बैठने का नहीं बल्कि आवाज उठाने का है।' साध्वी के इस ट्वीट को लोग तेजी के साथ री-ट्वीट कर रहे हैं।
कुछ लोगों ने डॉ. विकास दिव्यकीर्ति का बचाव किया
विवादित वीडियो वायरल होने के बाद कुछ लोगों ने दिव्यकीर्ति का बचाव किया है। विवादित वीडियो का अंश शेयर करते हुए लोगों ने कहा है कि पूरे वीडियो को सुनने की जरूरत है जिसमें डॉ. विकास यह कहते हैं कि लेखक अपनी बातें पात्रों के जरिए उनके मुख से कहलवाते हैं। दरअसल, पात्र के मुख से लेखक बोलता है। बोलता तो लेखक है लेकिन चरित्र पात्र का खराब होता है। भगवान राम के बारे में डॉ. विकास दिव्यकीर्ति का यह कथित बयान का लोग भारी विरोध कर रहे हैं। लोगों ने दृष्टि आईएएस को बैन करने की भी मांग की है।
