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फुकेत फ्लाइट घटना के बाद Air India के सभी पायलटों का होगा 'डोप टेस्ट', कहा-'भरोसा हमारी सबसे बड़ी पूंजी'

Air India Pilots Dope Test:एयर इंडिया ने अपने सभी पायलटों के लिए एक नया अनिवार्य डोप टेस्ट (नशीले पदार्थों की जांच) करने का आदेश दिया है।

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Air India के सभी पायलटों का होगा 'डोप टेस्ट' (फाइल फोटो)

Air India Pilots Dope Test: एयर इंडिया ने अपने सभी पायलटों के लिए एक नया अनिवार्य डोप टेस्ट (नशीले पदार्थों की जांच) करने का आदेश दिया है। यह कदम फुकेत-दिल्ली उड़ान के एक कैप्टन के मारिजुआना (गांजा) टेस्ट में पॉजिटिव पाए जाने के बाद उठे विवाद के बीच उठाया गया है। टाइम्स नाउ को मिले एक इंटरनल कम्युनिकेशन के अनुसार, एयर इंडिया ने सभी पायलटों के लिए नशीले पदार्थों के सेवन की अनिवार्य जांच (सब्सटेंस-एब्यूज स्क्रीनिंग) का आदेश दिया है। यह कदम AI2379 फुकेत-दिल्ली फ़्लाइट विवाद के बाद उठाया गया है और इसका मकसद यात्रियों का भरोसा और सुरक्षा मानकों को मजबूत करना है।

सरकारी सूत्रों के अनुसार, AI2379 फुकेत-दिल्ली घटना और एक पायलट के मारिजुआना टेस्ट में पॉजिटिव पाए जाने के बाद, एयर इंडिया ने अपने सभी पायलटों के लिए नशीले पदार्थों के सेवन की अनिवार्य जांच का आदेश दिया है। साथ ही, केंद्र सरकार एविएशन डोप-टेस्टिंग नियमों को और सख्त करने पर भी विचार कर रही है।

आज से शुरू होगी टेस्टिंग: एयर इंडिया

टाइम्स नाउ को मिले एक इंटरनल कम्युनिकेशन में, एयर इंडिया ने पायलटों को बताया कि वह मौजूदा नियमों के तहत प्रतिबंधित पदार्थों या दवाओं के लिए ग्रुप के सभी पायलटों की 'पूरी जांच' (फुल स्क्रीनिंग) करेगी। एयरलाइन ने कहा कि टेस्टिंग प्रोग्राम 13 अगस्त से शुरू होगा और सभी पायलटों के लिए अनिवार्य होगा।

'यह भरोसा हमारी सबसे बड़ी पूंजी'

एयरलाइन ने पत्र में कहा, 'यह भरोसा हमारी सबसे बड़ी पूंजी है, और इसे बनाए रखना और इसकी रक्षा करना हमारे लिए बहुत ज़रूरी है।' एयरलाइन ने यात्रियों और आम लोगों द्वारा एयर इंडिया पर जताए गए भरोसे का ज़िक्र करते हुए यह बात कही। एयरलाइन ने माना कि वह पहले से ही डायरेक्टरेट जनरल ऑफ़ सिविल एविएशन (DGCA) की सभी ज़रूरतों का पालन करती है, लेकिन उसने एक कदम और आगे बढ़ने का फ़ैसला किया है। कम्युनिकेशन में कहा गया, 'फिर भी, अब हमें लगता है कि और आगे बढ़ना ज़रूरी है। इसलिए, हमने तय किया है कि ग्रुप के सभी पायलटों की उन पदार्थों या दवाओं के लिए पूरी जांच की जाएगी जिनकी मौजूदा नियमों के तहत इजाज़त नहीं है।' यह स्क्रीनिंग एयर इंडिया की गुरुग्राम एकेडमी में ट्रेनिंग सेशन के दौरान, फ़्लाइट के बाद ब्रीफिंग सेंटरों और एयरलाइन ऑफ़िस में, और पायलट बेस पर तय की गई अन्य जगहों पर की जाएगी।

यह कदम AI2379 घटना के बाद बढ़ी हुई जांच-पड़ताल के बीच उठाया गया है। बताया जाता है कि फुकेत-दिल्ली फ़्लाइट के पायलट-इन-कमांड का मारिजुआना टेस्ट कन्फर्मेटरी लैबोरेटरी टेस्ट में पॉजिटिव आया था। यह टेस्ट तब किया गया था जब विमान की ऊंचाई अचानक कम हो गई थी, जिसके बाद सुरक्षा से जुड़ी एक हाई-लेवल जांच शुरू की गई थी।

MoCA ने AAIB से जांच में तेज़ी लाने को कहा: सूत्र

सरकारी सूत्रों ने बताया मिनिस्ट्री ऑफ़ सिविल एविएशन (MoCA) ने एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) को अपनी जांच में तेजी लाने और आम तौर पर लगने वाले एक महीने के समय से पहले शुरुआती रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है। सूत्रों ने यह भी बताया कि मंत्रालय ने एयर इंडिया से कहा है कि वह सुधार के बड़े कदमों के तहत अपने वर्कप्लेस कल्चर को बेहतर बनाए।

MoCA ने DGCA से डोप टेस्टिंग के मौजूदा नियमों की समीक्षा करने को कहा

रेगुलेटरी लेवल पर, MoCA ने DGCA से एविएशन कर्मचारियों की डोप टेस्टिंग से जुड़े मौजूदा सिविल एविएशन रिक्वायरमेंट्स (CAR) की समीक्षा करने को कहा है। समीक्षा का मकसद नियमों को और ज़्यादा सख्त बनाना है।सूत्रों के मुताबिक, बदले हुए नियमों में पॉजिटिव डोप टेस्ट के लिए सख़्त सज़ा का प्रावधान हो सकता है, जिसमें लाइसेंस सस्पेंड करना और आपराधिक कार्रवाई की संभावना भी शामिल है।

टेस्टिंग प्रोटोकॉल का पालन सुनिश्चित करने और क्रू की फिटनेस पर नजर रखने के लिए एयरलाइंस को ज़्यादा जवाबदेह बनाया जा सकता है।अधिकारी एविएशन सेक्टर में रैंडम टेस्टिंग को काफी बढ़ाने पर भी विचार कर रहे हैं। सूत्र ने कहा, 'रैंडम टेस्टिंग मॉड्यूल को बढ़ाया जा सकता है,' जिससे संकेत मिलता है कि कड़ी निगरानी और नियमों को लागू करने के उपायों पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है।

फ्लाइट क्रू द्वारा शराब पीने को लेकर सख़्त 'जीरो-टॉलरेंस' नीति है

भारत में फ्लाइट क्रू द्वारा शराब पीने को लेकर सख़्त 'ज़ीरो-टॉलरेंस' नीति है, जिसके तहत अनिवार्य रूप से ब्रेथ-एनालाइज़र टेस्ट किए जाते हैं। एविएशन अधिकारी अब इस बात पर विचार कर रहे हैं कि क्या इसी तरह का सख़्त नियम नशीले पदार्थों और अन्य प्रतिबंधित चीज़ों के लिए भी लागू किया जाना चाहिए। सूत्रों ने बताया कि प्रस्तावित नियम AI2379 के पायलट पर भी लागू हो सकते हैं, बशर्ते वे लागू कानूनी और रेगुलेटरी नियमों के दायरे में आते हों।

Ravi Vaish
रवि वैश्यauthor

रवि वैश्य टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर कार्यरत एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 20 वर्षों का व्यापक अनुभव हासिल है। खबरों की बारीकियों को समझने और तेजी से प्रस्तुत करने में उनकी विशेष दक्षता है। टीवी पत्रकारिता में रिपोर्टिंग और डेस्क—दोनों क्षेत्रों में अनुभव होने के कारण वे समाचारों को बहुआयामी दृष्टिकोण से देखते हैं। देश–दुनिया की ताजातरीन अपडेट्स, ब्रेकिंग न्यूज, एक्सप्लेनर और विशेष स्टोरीज तैयार करने में वे सिद्धहस्त हैं। उनकी प्राथमिकता हमेशा यही रही है कि हर खबर तेज, सटीक और जानकारीपूर्ण रूप में पाठकों तक पहुंचे। रवि वैश्य अब तक 22,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, इंटरव्यू, ग्राउंड रिपोर्ट्स, विश्लेषण और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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