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दिशा सालियान केस में CBI की FIR पर सुप्रिया सुले हैरान, बोलीं- 'इसी सरकार ने बंद किया था केस, अब क्या हो रहा समझ से परे'

Supriya Sule On Disha Salian Case: दिशा सालियान मौत मामले में सीबीआई द्वारा दर्ज एफआईआर पर सुप्रिया सुले ने हैरानी जताई है। एनसीपी (एसपी) सांसद ने कहा कि मौजूदा सरकार ने पहले मामला बंद कर दिया था।

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दिशा सालियान केस में CBI की FIR पर सुप्रिया सुले हैरान, बोलीं- 'इसी सरकार ने बंद किया था केस, अब क्या हो रहा समझ से परे'

Disha Salian Case CBI FIR: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) की नेता सुप्रिया सुले ने सोमवार को दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर दिशा सालियान की मौत से जुड़े मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा प्राथमिकी दर्ज किए जाने को 'आश्चर्यजनक' बताया और दावा किया कि मौजूदा सरकार ने पहले इस मामले को 'बंद कर दिया था।'

बारामती से सांसद सुले ने पुणे के श्रीमंत भाऊसाहेब रंगारी गणपति मंडल में दर्शन के बाद संवाददाताओं से कहा कि वह दिशा सालियान मामले में ताजा घटनाक्रमों को समझने के लिए शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के वरिष्ठ नेता संजय राउत से बात करेंगी।

सुले ने कहा, 'मैं यह सुनकर हैरान थी'

सुले ने कहा, 'मैं यह सुनकर हैरान थी कि ऐसा (सीबीआई द्वारा प्राथमिकी दर्ज किया जाना) कैसे हुआ, क्योंकि यही सरकार थी जिसने मामले को बंद कर दिया था। मुझे समझ नहीं आ रहा कि क्या हो रहा है।'

इस घटनाक्रम को राजनीतिक साजिश बताए जाने के सवाल पर सुले ने कहा, 'कुछ भी संभव है। आपको 'आईसीई' याद होगा-आयकर विभाग, सीबीआई और ईडी। इन एजेंसियों का इस्तेमाल लोगों के खिलाफ किया गया और फिर उन लोगों को अपनी पार्टी में शामिल कर लिया गया। इसलिए, आजकल सरकार में कुछ भी हो सकता है।'

उच्च न्यायालय ने सालियान की मौत की सीबीआई जांच का दो सितंबर को आदेश दिया था। अदालत ने छह साल तक प्राथमिकी दर्ज न करने के लिए मुंबई पुलिस को फटकार लगाते हुए कहा था कि उसकी जांच से 'जवाब से ज्यादा सवाल खड़े होते हैं।' अधिकारियों ने सोमवार को बताया कि इसके बाद 13 सितंबर को प्राथमिकी दर्ज की गई। हालांकि, इसमें किसी को भी नामजद नहीं किया गया है।

दोबारा कैसे खुला मामला?

बंबई उच्च न्यायालय ने सेलिब्रिटी प्रबंधक रहीं दिशा सालियान की मौत के मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराए जाने का आदेश दिया था। उनके पिता ने 2020 में हुई उनकी मौत की परिस्थितियों पर संदेह जताया था। न्यायमूर्ति सारंग कोतवाल और न्यायमूर्ति रंजीतसिंह राजा भोंसले की पीठ ने कहा कि सीबीआई प्राथमिकी दर्ज करे और मृतक के पिता सतीश सालियान का बयान दर्ज करे। हालांकि, जांच के दौरान किसी व्यक्ति के खिलाफ पर्याप्त सबूत मिलने तक उसे आरोपी नहीं माना जाएगा।

Nitin Arora
नितिन अरोड़ाauthor

नितिन अरोड़ा टाइम्स नाउ नवभारत में न्यूज डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया में उनका 6 वर्षों का अनुभव है। वह राजनीति, देश–विदेश की बड़ी घटनाओं और समसामयिक मुद्दों को गहराई से समझकर उन्हें सटीक और सरल भाषा में प्रस्तुत करने में माहिर हैं। उन्होंने अपने करियर में लगातार करंट अफेयर्स, पॉलिटिकल डेवलपमेंट्स, डिप्लोमैटिक घटनाएं और डिफेंस सेक्टर से जुड़े विषयों पर प्रभावशाली कॉन्टेंट तैयार किया है और अबतक 6 हजार से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। विभिन्न टॉपिक्स पर एक्सप्लेनेर, डेटा-आधारित रिपोर्ट्स और विश्लेषणात्मक कॉपी लिखने में उनकी मजबूत पकड़ है।

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