संजय लीला भंसाली के निर्देशन में बनी दीपिका पादुकोण की फिल्म 'पद्मावत' ब्लॉकबस्टर रही थी। इस बार विवाद फिल्म में दिखाए गए 'जौहर' के सीन को लेकर है। बॉलीवुड एक्टर स्वरा भास्कर ने हाल ही में इस सीन पर अपना रिएक्शन दिया था, जिसे लेकर विवाद शुरू हो गया। स्वरा भास्कर के इस कमेंट के बाद अब फिल्म 'पद्मावत' के को-राइटर प्रकाश कपाड़िया ने अपनी बात रखी है। प्रकाश कपाड़िया ने साफ कहा कि फिल्म में 'जौहर' सीन को रखना मेकर्स की रिसर्च थी। मेकर्स ने इस सीन को उस दौर के ऐतिहासिक विवरणों की समझ के आधार पर किया गया था। (टाइम्स नाउ नवभारत पर इसे भी पढ़ें: Asim Riaz ने Vishal Aditya Singh पर साधा निशाना, याद दिलाया Madhurima Tuli वाला कांड)
'पद्मावत' के 'जौहर' सीन पर प्रकाश कपाड़िया ने दिया रिएक्शन
'पद्मावत' में जौहर सीन को लेकर उठे सवालों पर अब प्रकाश कपाड़िया ने रिएक्शन दिया। उन्होंने कहा कि इस मूवी को बनाने से पहले उन्होंने बहुत रिसर्च की थी। उन्होंने बताया कि फिल्म में उस दौर की परिस्थितियों को उसी तरह दिखाने की कोशिश की गई, जैसी उन्हें इतिहास में पढ़ने और समझने को मिली।
प्रकाश कपाड़िया ने कहा कि हर दर्शक फिल्म को अपने नजरिए से देखता है लेकिन मेकर्स ने जो दिखाया, वह उस समय की परिस्थितियों की उनकी समझ पर आधारित था। उनके मुताबिक अब सीन को बदला नहीं जा सकता क्योंकि फिल्म उस ऐतिहासिक दौर की परिस्थितियों को ध्यान में रखकर बनाई गई थी। (टाइम्स नाउ नवभारत पर इसे भी पढ़ें: Bigg Boss 20: सलमान खान के शो में नहीं जाना चाहते Ashish Chanchlani, वजह कर देगी हैरान)
प्रकाश कपाड़िया ने फिल्म में दिखाए गए राजपूत योद्धाओं के लिए भी बात कही। उन्होंने उस समय की स्थिति को 'करो या मरो' जैसा बताया था। उन्होंने कहा कि पुरुष योद्धा केसरिया करके युद्ध के मैदान में उतरे थे यानी वे ऐसी लड़ाई के लिए तैयार थे जिसमें उनके जिंदा लौटने की उम्मीद कम थी। राजपूत परंपरा में केसरिया धारण कर युद्ध के लिए निकलना अंतिम संघर्ष और मृत्यु तक लड़ने के संकल्प को दिखाता है।
स्वरा भास्कर के कमेंट पर प्रकाश ने तोड़ी चुप्पी
स्वरा भास्कर द्वारा किए गए हालिया कमेंट पर प्रकाश कपाड़िया ने बताया कि उन्हें एक्ट्रेस के बयान की ज्यादा जानकारी नहीं है। हालांकि उन्होंने यह जरूर कहा कि किसी फिल्म को देखने वाले व्यक्ति का नजरिया और मानसिक स्थिति उसके एक्सपीरियंस को प्रभावित कर सकती है।
उन्होंने कहा कि अगर कोई व्यक्ति अच्छे मूड में फिल्म देखता है तो उसे फिल्म अच्छी लग सकती है। अगर कोई खराब मन से फिल्म देखता है तो उसे यह उतनी अच्छी नहीं लगेगी। उनके मुताबिक फिल्म देखने वाले की नीयत भी मायने रखती है, जो फिल्म को देखने के नारिए पर बेस्ड है। अब यह उसकी सोच पर निर्भर करता है कि वो उसमें विवाद और नकारात्मकता तलाश रहा है।
प्रकाश कपाड़िया ने 'पद्मावत' को लेकर पहले हुए विवाद को याद किया उन्होंने बताया कि कई लोगों ने फिल्म को देखने से पहले ही आपत्ति जताई थी और सड़कों पर प्रदर्शन किए गए थे। उनका मानना है कि इतने साल बाद भी अगर वही चर्चा दोबारा सामने आई है तो इस पर वह ज्यादा कुछ नहीं कहना चाहते।
