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RTI एक्टिविस्ट ने उठाए सवाल, तो अभिजीत दिपके ने दी सफाई, कहा- मिली स्कॉलरशिप, लिया एजुकेशन लोन

सूरत (गुजरात) के RTI कार्यकर्ता अमित तिवारी ने सवाल उठाया कि एक जूनियर इंजीनियर के वेतन से कोई अपने बच्चों को अमेरिका में इतनी महंगी उच्च शिक्षा कैसे दिला सकता है?

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अभिजीत दिपके ने दी सफाई

Photo : PTI

Abhijit Dipke Education Fund Row: हाल ही में दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शनों के बाद राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आए 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके की अमेरिकी शिक्षा का खर्च और उनकी संस्था को मिलने वाली फंडिंग इस समय विवादों के केंद्र में है। सूरत के एक सूचना का अधिकार (RTI) कार्यकर्ता अमित तिवारी द्वारा उठाए गए सवालों के बाद अभिजीत दिपके ने अपनी स्थिति स्पष्ट की है।

RTI कार्यकर्ता का आरोप

सूरत (गुजरात) के RTI कार्यकर्ता अमित तिवारी ने महाराष्ट्र सरकार को एक शिकायत सौंपी है। तिवारी का दावा है कि अभिजीत दिपके के पिता, भगवानराव दिपके, महाराष्ट्र औद्योगिक विकास निगम (MIDC) में एक जूनियर इंजीनियर (JE) थे, जहां उनका वेतन लगभग 60,000 से 65,000 रुपये प्रति माह था। तिवारी ने सवाल उठाया कि एक जूनियर इंजीनियर के वेतन से कोई अपने बच्चों को अमेरिका में इतनी महंगी उच्च शिक्षा कैसे दिला सकता है? उन्होंने महाराष्ट्र सरकार से आय से अधिक संपत्ति के कोण से इस मामले की जांच करने और सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।

अभिजीत दिपके की सफाई: स्कॉलरशिप और एजुकेशन लोन

इन आरोपों पर जवाब देते हुए अभिजीत दिपके ने वरिष्ठ पत्रकार बरखा दत्त से बातचीत में स्पष्ट किया कि उनकी विदेश में पढ़ाई पूरी तरह पारिवारिक आय पर निर्भर नहीं थी। उन्हें अमेरिका की बोस्टन यूनिवर्सिटी (Boston University) से स्कॉलरशिप (छात्रवृत्ति) मिली थी। दिपके ने बताया कि स्कॉलरशिप के अलावा, उन्होंने अपनी पढ़ाई के खर्च को पूरा करने के लिए एजुकेशन लोन भी लिया था। वह करीब दो साल तक अमेरिका में थे।

कपिल सिब्बल के 1 करोड़ रुपये के लीगल फंड पर विवाद

राज्यसभा सांसद और वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने हाल ही में पुलिस कार्रवाई का सामना कर रहे प्रदर्शनकारियों की मदद के लिए 1 करोड़ रुपये के कानूनी सुरक्षा कोष की घोषणा की थी, जो CJP से जुड़ा हुआ है। अमित तिवारी ने इस फंड को लेकर केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (CBIC) में शिकायत दर्ज कराई है कि इस 1 करोड़ रुपये के फंड पर 18% GST लगाया जाना चाहिए। इसके अलावा, उन्होंने भारत निर्वाचन आयोग (ECI) में शिकायत कर यह जांचने की मांग की है कि क्या CJP लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 29A के तहत एक पंजीकृत राजनीतिक दल है या नहीं। उनका तर्क है कि यदि यह एक गैर-पंजीकृत संस्था है, तो यह 'राजनीतिक दल' के नाम पर इस तरह से फंड कैसे जुटा सकती है।

CJP का भविष्य का प्लान: क्राउडफंडिंग

विवादों के बीच अभिजीत दिपके ने कहा कि कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) अपनी गतिविधियों और खर्चों के लिए भविष्य में क्राउडफंडिंग (Crowdfunding) यानी आम जनता से आर्थिक सहयोग लेने का सहारा लेगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जनता से धन जुटाने की इस पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बरती जाएगी।

Amit Mandal
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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