महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार को कांग्रेस द्वारा सोशल मीडिया पर ’गूंगी गुड़िया’ कहे जाने पर मंगलवार को राज्य में राजनीतिक घमासान छिड़ गया। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) ने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए सवाल किया कि क्या वह अब पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के लिए कभी इस्तेमाल किए गए इस विवादित शब्द का समर्थन कर रही है।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कांग्रेस पर तीखा हमला करते हुए कहा कि सिर्फ सुर्खियां बटोरने के लिए राजनीति का स्तर नहीं गिराना चाहिए। फडणवीस ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि कुछ लोग केवल खबरों में बने रहने के लिए इस तरह की टिप्पणियां करते हैं। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों का मानना है कि बदनाम होंगे तो भी नाम होगा,लेकिन यह महाराष्ट्र की राजनीतिक संस्कृति नहीं है।
ये विवाद तब शुरू हुआ जब कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया। वीडियो में कथित तौर पर राकांपा नेता धनंजय मुंडे, बीड जिले की कानून-व्यवस्था को लेकर पत्रकार द्वारा सुनेत्रा पवार से पूछे गए सवाल का जवाब देने से उन्हें रोकते नजर आए। वहीं, सुनेत्रा पवार भी सवाल का बिना कोई जवाब दिए वहां से चली गईं। इस वीडियो को कांग्रेस ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर पोस्ट किया है। इसी वीडियो को पोस्ट करते हुए कांग्रेस ने लिखा, "सुनेत्रा पवार आखिर कब तक 'गूंगी गुड़िया' बनी रहेंगी?"
कांग्रेस की इस टिप्पणी पर सत्तारूढ़ महायुति के नेताओं ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। एनसीपी प्रवक्ता उमेश पाटिल ने सवाल उठाया कि क्या कांग्रेस अब उस विवादित शब्द का समर्थन कर रही है, जिसका इस्तेमाल कभी पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के लिए किया गया था। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में राजनीतिक आलोचना स्वीकार्य है, लेकिन महिलाओं का अपमान करने वाली भाषा उचित नहीं है।
वहीं, पूर्व मंत्री धनंजय मुंडे ने कहा कि कभी विपक्षी दलों ने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को भी ’गूंगी गुड़िया’ कहा था, लेकिन उन्होंने प्रधानमंत्री के रूप में अपने काम से आलोचकों को गलत साबित कर दिया। आने वाले दिनों में हमारी नेता सुनेत्रा पवार अपने काम से आलोचकों को जवाब देंगी। यही वजह है कि कांग्रेस सुनेत्रा पवार के बढ़ते राजनीतिक कद से घबराई हुई है। उन्होंने कहा कि राज्य की पहली महिला उपमुख्यमंत्री के खिलाफ इस तरह की टिप्पणी कांग्रेस की मानसिकता को दर्शाती है
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने भी कांग्रेस की आलोचना करते हुए कहा कि महाराष्ट्र की पहली महिला उपमुख्यमंत्री के खिलाफ ऐसी टिप्पणी पूरे राज्य की महिलाओं और 'लाड़की बहनों' का अपमान है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को अपने बयान पर शर्म आनी चाहिए।
इस बीच, फडणवीस ने महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (MPSC) परीक्षा में कथित अनियमितताओं के आरोपों पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह कोई घोटाला नहीं है और आयोग स्वयं पुलिस जांच की मांग कर चुका है। मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
