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अब मुसीबत में दिल्ली CM की पत्नी सुनीता केजरीवाल, हाईकोर्ट ने जारी किया नोटिस; क्या है मामला?

Sunita Kejriwal: दिल्ली हाईकोर्ट ने सुनीता केजरीवाल समेत अन्य व फेसबुक, यूट्यूब समेत सभी सोशल मीडिया प्लेटफार्म को नोटिस भेजकर जवाब मांगा है। कोर्ट ने यह कार्रवाई निचली अदालत की सनुवाई सोशल मीडिया पर पोस्ट करने के मामले में की है।

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अरविंद केजरीवाल की प

Photo : Twitter

Sunita Kejriwal: दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के बाद अब उनकी पत्नी सुनीता केजरीवाल मुसीबत में घिरती नजर आ रही हैं। सुनीता केजरीवाल को कोर्ट से झटका लगा है। दिल्ली हाईकोर्ट ने सुनीता केजरीवाल समेत अन्य व फेसबुक, यूट्यूब समेत सभी सोशल मीडिया प्लेटफार्म को नोटिस भेजकर जवाब मांगा है। कोर्ट ने यह कार्रवाई निचली अदालत की सुनवाई की वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट करने के मामले में की है।

उच्च न्यायालय ने मामले में सुनीता केजरीवाल और पांच अन्य व्यक्तिगत प्रतिवादियों को सोशल मीडिया पोस्ट हटाने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही सोशल मीडिया कंपनियों को उस दिन रिकॉर्ड किए गए वीडियो के बारे में किसी भी अन्य पोस्ट या रीपोस्ट को हटाने का भी निर्देश दिया है। अदालत ने अब मामले को 9 जुलाई के लिए सूचीबद्ध किया है।

क्या है मामला?

दरअसल, 28 मार्च को पुलिस हिरासत के दौरान दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केरजीवाल को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया गया था। इस दौरान अरविंद केजरीवाल कोर्ट में न केवल व्यक्तिगत रूप से पेश हुए साथ ही उन्होंने व्यक्तिगत रूप से कोर्ट को संबोधित भी किया। इस दौरान अरविंद केजरीवाल ने अपने पक्ष में दलीलें रखते हुए कहा कि ईडी भाजपा के लिए जबरन वसूली का रैकेट चला रहा है। अरविंद केजरीवाल की सुनवाई के तुरंत बाद केजरीलवा को संबोधन का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इस मामले में कार्रवाई की मांग करते हुए एक याचिका में कहा गया है कि सुनवाई के दौरान की वीडियो और ऑडियो रिकॉर्ड करके सोशल मीडिया पर डाली गई, जिसके बाद इसे शेयर, लाइक, व रीपोस्ट किया गया। अरविंंद केजरीवाल की पत्नी सुनीता केजरीवाल समेत विपक्षी दलों के कई सोशल मीडिया अकाउंट्स से भी इस वीडियो को शेयर, लाइक व रीपोस्ट किया गया था। इसके बाद याचिका दायर कर इस मामले में कार्रवाई की मांग की गई है।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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