Who is Terrorist Dr Mohammad Umar: दिल्ली में सोमवार शाम लाल किले के पास हुए विस्फोट में नौ लोगों की मौत हो गई और 20 अन्य घायल हो गए। वहीं, पहली तस्वीर सामने आईजिसमें संदिग्ध व्यक्ति उस हुंडई i20 कार को चलाते हुए दिखाई दे रहा है जिसमें विस्फोट हुआ था। सूत्रों के अनुसार, फरीदाबाद आतंकी मॉड्यूल का एक संदिग्ध आतंकवादी मोहम्मद उमर फरीदाबाद के अल फलाह मेडिकल कॉलेज में डॉक्टर के रूप में कार्यरत था। यह बीते दिन जम्मू-कश्मीर पुलिस की फरीदाबाद में हुई रेड के बाद से फरार है। उम्मीद है कि विस्फोटक से भरी कार को ये ही चला रहा था और इसने खुद को भी साथ ही उड़ा लिया। अब जहां जांच एजेंसियां ये तलाश रही हैं कि वह उमर ही था या कोई और..इसके लेकर DNA टेस्ट किया जाएगा। जहां फिर पहचान साफ हो पाएगी।
फरीदाबाद तक कैसे और क्यों पहुंची टीम?
उमर अनंतनाग स्थित सरकारी मेडिकल कॉलेज (GMC) के पूर्व सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर अदील अहमद राठेर का करीबी सहयोगी बताया जा रहा है, जिसे पिछले हफ्ते गिरफ्तार किया गया था। राठेर से मिली जानकारी के आधार पर अधिकारियों ने सोमवार को फरीदाबाद में छापेमारी की थी। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने उमर की मां शहीमा बानो और भाइयों आशिक और जहरूर को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है।
उमर कौन है?
डॉ. उमर यू नबी का जन्म 24 फरवरी 1989 को हुआ था। वह फिलहाल अल-फलाह मेडिकल कॉलेज, फरीदाबाद में कार्यरत था। मूल रूप से कोइल (पुलवामा,जम्मू-कश्मीर) का रहने वाला, वह डॉ. अदील का करीबी सहयोगी था। दोनों एन्क्रिप्टेड टेलीग्राम चैनलों पर सक्रिय एक कट्टरपंथी डॉक्टरों के समूह का हिस्सा थे। उमर ने श्रीनगर के सरकारी मेडिकल कॉलेज से एमडी मेडिसिन की पढ़ाई की। जीएमसी अनंतनाग में सीनियर रेजिडेंट के तौर पर काम किया और फिर दिल्ली चले आया।
कल सुबह रेड और शाम में धमाका
सूत्रों ने बताया कि उमर कार में था और माना जा रहा है कि उसने अपने दो साथियों के साथ मिलकर हमले की योजना बनाई थी। सोमवार को फरीदाबाद में हुई गिरफ्तारियों के बाद हड़बड़ी में यह हमला किया गया।
अपने साथियों के साथ मिलकर उमर ने कार में एक डेटोनेटर रखा और आतंकी वारदात को अंजाम दिया। जांचकर्ताओं ने पुष्टि की है कि शाम के व्यस्त समय में हुए जबरदस्त विस्फोट में अमोनियम नाइट्रेट ईंधन तेल का इस्तेमाल किया गया था।
2,900 किलोग्राम आईईडी बनाने की सामग्री मिली
बीते दिन मुजम्मिल शकील नामक एक डॉक्टर की गिरफ्तारी के बाद उसके पास से 2,900 किलोग्राम आईईडी बनाने की सामग्री बरामद हुई थी।
सूत्रों ने आगे बताया कि घटनाएं आपस में जुड़ी हुई हैं, जिससे संकेत मिलता है कि मुजम्मिल की गिरफ्तारी के बाद उमर घबरा गया और उसने लाल किले पर हमला किया। एक फिदायीन हमले के रूप में।
विस्फोटकों की जानकारी
दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल के सूत्रों के अनुसार, पुलिस ने फरीदाबाद क्राइम ब्रांच और जम्मू-कश्मीर पुलिस से फरीदाबाद में बरामद विस्फोटकों के बारे में जानकारी मांगी है।
शुरुआती जांच में विस्फोट स्थल पर अमोनियम नाइट्रेट की मौजूदगी का संकेत मिला है, हालांकि आज आने वाली फोरेंसिक रिपोर्ट से चीजें साफ हो जाएंगी।
पुलिस को संदेह है कि मुजम्मिल शकील को फरीदाबाद में एक स्लीपर सेल ने मदद की थी, जिससे वह इतनी बड़ी मात्रा में विस्फोटक हासिल करने में कामयाब रहा।
इस बीच, दिल्ली पुलिस ने एफआईआर में गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) की धाराएं 16 और 18 लगाई हैं, जो आतंकवादी कृत्यों और उनकी सजा से संबंधित हैं। हत्या और हत्या के प्रयास के आरोपों के साथ-साथ विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की धाराएं 3 और 4 भी जोड़ी गई हैं।
