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Defence Expo 2022: भारत के वो खतरनाक हथियार, जिसपर है दुनिया भर की नजरें; कई देश खरीदने के लिए लगे हैं कतार में

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  • Updated Oct 19, 2022, 05:24 PM IST

एशिया की सबसे बड़ी रक्षा प्रदर्शनी का 12 वां संस्करण गुजरात के गांधीनगर में शुरू हो है। यह डिफेंस एक्सपो पांच दिनों तक चलेगा। इस एक्सपो में उन हथियारों को दुनिया के सामने रखा गया है, जिसे भारत में ही बनाया गया है। इन हथियारों को वैश्विक बाजार में उतार कर भारत अपना रक्षा निर्यात बढ़ाने की तैयारी कर रहा है।

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डिफेंस एक्सपो में भारतीय हथियारों पर दुनिया भर की नजर

Photo : PTI

भारत जहां पहले हथियारों को खरीदकर सेना की जरूरतें पूरी करता था, वहीं अब हथियारों के वैश्विक बाजार में खुद के हथियार बेचने की तैयारी कर रहा है। कई की डील हो चुकी है, तो कुछ पाइपलाइन में है। तेजस फाइटर प्लेन और ब्रह्मोस मिसाइल को खरीदने के लिए तो दुनिया के कई देश लाइन में खड़े हैं, लेकिन इनके अलावा भी ऐसे कई हथियार हैं, जिनपर दुनियाभर की नजरें हैं। यही कारण है कि इन हथियारों को दुनिया के बाजार में अब भारत उतार चुका है, ताकि रक्षा निर्यात को बढ़ाया जा सके।

अभ्यास मिसाइल

इस मिसाइल सिस्टम को रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) के वैमानिकी विकास प्रतिष्ठान द्वारा विकसित और डिज़ाइन किया गया। ABHYAS एक ऐसा मिसाइल सिस्टम है, जिसका उपयोग विभिन्न मिसाइल सिस्टमों के खिलाफ किया जा सकता है। यह देश की पहली स्थानीय रूप से विकसित प्रणाली है। इस मिसाइल सिस्टम पर भी दुनिया भर की नजरें हैं। इसे डिफेंस सेक्टर का सबसे नया हथियार कहा जा रहा है। यह मिसाइल और ड्रोन दोनों ही हमलों को नष्ट करने में सक्षम है।

AMCA फाइटर जेट

भारत अपने पांचवीं पीढ़ी के इस लड़ाकू विमान पर तेजी से काम कर रहा है। यह लड़ाकू विमान दुनिया के सबसे खतरनाक लड़ाकू विमानों में से एक होगा। यह अमेरिका के एफ-35 पर भी भारी पड़ेगा। यह लड़ाकू विमान भी स्वेदशी ही है। इसका प्रदर्शन भी इस एक्सपो में किया गया है।

प्रहार मिसाइल

रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) द्वारा विकसित 'प्रहार' मल्टी बैरल रॉकेट सिस्टम 'पिनाका' और मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल 'पृथ्वी' के बीच की खाई को भरने में सक्षम है। यह 150 किलोमीटर तक लक्ष्य साधने में सक्षम है। साथ ही किसी भी मौसम में यह दुश्मन पर हमला कर सकता है।

रूद्रम - 3 मिसाइल

रूद्रम भारत की पहली एंटी रेडिएशन मिसाइल है। इसे भी डीआरडीओ ने बनाया है। यह एक हवा से सतह पर मार करने वाली मिसाइल है। इसकी रेंज 500 किमी है। इस मिसाइल की खासियत है कि यह दुश्मनों के रडार सिस्टम को ही पूरी तरह से खत्म कर सकता है।

एचटीटी-40

HAL HTT-40 (Hindustan Turbo Trainer-40) एक भारतीय प्रशिक्षण विमान है जिसे हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड द्वारा डिजाइन और निर्मित किया गया है। यह एक बुनियादी प्रशिक्षक के रूप में भारतीय वायु सेना के सेवानिवृत्त HPT-32 की जगह लेगा। इस विमान पर भी कई देशों की नजरें है। उम्मीद जताई गई है कि इस एक्सपो में इसे कुछ खरीददार मिल सकते हैं।

आकाश मिसाइल

आकाश एक शॉर्ट-रेंज सरफेस टू एयर मिसाइल है। यह 96% स्वदेशी मिसाइल है। यह 25 किलोमीटर तक मार कर सकती है। यह मिसाइल 30 से 35 किलोमीटर की सीमा के भीतर विमान को नष्ट करने की क्षमता रखती हैं और 60 किलो वजन तक पारंपरिक और परमाणु हथियार ले जा सकती हैं। इसे स्थिर या मोबाइल प्लेटफॉर्म से लॉन्च करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। अरमेनिया वियतनाम समेत छह देशों पहले ही इस मिसाइल को खरीदने के लिए रुचि दिखा चुके हैं।

इन सबके अलावा भी कई हथियार है, जिसे डीआरडीओ ने बनाया है, जिसे खरीदने के लिए दक्षिण अफ्रीकी देशों के अलावा कई और देश रुचि दिखा चुके हैं। हाल ही में भारत का रक्षा निर्यात काफी बढ़ा है। इस एक्सपो के बाद इसमें रिकॉर्ड बढ़ोतरी होने की उम्मीद है।

शिशुपाल कुमार
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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