Defence Acquisition Council : स्वदेशी स्रोतों से क्विक रिएक्शन सर्फेस टू एयर मिसाइल (QRSAM), नौसना के लिए जहाज और अन्य रक्षा हथियारों एवं उपकरणों की खरीद के लिए रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC) ने गुरुवार को करीब Rs 1.05 लाख करोड़ की लागत से 10 पूंजीगत अधिग्रहण प्रस्तावों को मंजूरी दी। डीएसी की यह बैठक 'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद पहली बार हुई है। इस रक्षा खरीद से सशस्त्र बलों को अभियानगत तेजी, प्रभावशाली हवाई रक्षा और बेहतर आपूर्ति श्रृंखला प्रबधन प्राप्त होगी।
रक्षा मंत्री की अध्यक्षता में परियोजनाओं को मिली मंजूरी
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में इन खरीद परियोजनाओं को मंजूरी दी गई। पूंजीगत अधिग्रहण से आशय उस व्यय से है, जो बजट में पूंजीगत मद में वर्णित होता है। आधिकारिक बयान के अनुसार, डीएसी ने बख्तरबंद रिकवरी वाहनों, इलेक्ट्रॉनिक युद्ध प्रणाली, तीनों सेनाओं के लिए एकीकृत सामान्य इन्वेंट्री प्रबंधन प्रणाली और सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलों की खरीद को मंजूरी दे दी।
खरीद से अभियानगत तैयारियां और बेहतर होंगी
बयान में कहा गया है कि इन खरीद से सशस्त्र बलों की अभियानगत तैयारियां और बेहतर होंगी।‘माइन काउंटर मेजर वेसल’, ‘सुपर रैपिड गन माउंट’ और ‘सबमर्सिबल ऑटोनॉमस वेसल’ की खरीद को भी मंजूरी दी गई। मंत्रालय ने कहा, 'इन खरीद से नौसेना और व्यापारिक जहाजों के लिए संभावित खतरों को कम करने में मदद मिलेगी।'
संभावित खतरों को कम करने में मदद मिलेगी
मूर्ड माइंस, माइन काउंटर मेजर वेसल्स, सुपर रैपिड गन माउंट और सबमर्सिबल ऑटोनॉमस वेसल्स की खरीद के लिए भी एओएन दिए गए। इन खरीदों से नौसेना और मर्चेंट वेसल्स के लिए संभावित खतरों को कम करने में मदद मिलेगी। स्वदेशी डिजाइन और विकास को और बढ़ावा देने के लिए एओएन को खरीद (भारतीय-स्वदेशी रूप से डिजाइन, विकसित और निर्मित) श्रेणी के तहत यह सौदा प्रदान किया गया।
