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Diwali:दिवाली पर पटाखे को लेकर आपके राज्य में क्या है नियम,जान लें नहीं तो होगी मुश्किल

  • Agency by: Agency
  • Updated Oct 21, 2022, 03:38 PM IST

Diwali And Fire Crackers Rules: बढ़ते प्रदूषण के कारण पटाखों को लेकर सुप्रीम कोर्ट से लेकर राज्य सरकारें सख्त हैं। सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-एनसीआर में पटाखों के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगा रखा है। वहीं दूसरे राज्यों ने भी सख्ती कर दी है। और नियमों के उल्लंघन पर सरकारों ने सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी है।

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फाइल फोटो:दिपावली पर जानें आतिशबाजी कहां बैन- कहां छूट

Photo : PTI
KEY HIGHLIGHTS
  • दिल्ली में 1 जनवरी 2023 तक पटाखों पर प्रतिबंध।
  • पंजाब, राजस्थान में केवल 2 घंटे के लिए अनुमति ।
  • बिहार में 4 शहरों में पूरी तरह से प्रतिबंध।

Diwali And Fire Crackers Rules: देश में 24 अक्टूबर को दिवाली मनाई जाएगी। कोविड-19 महामारी आने के बाद से ऐसा पहली बार है कि दिवाली पर उसका साया नही है। इसकी वजह यह है कि पिछले 2 साल से जारी कोविड प्रोटोकॉल की सख्ती हट गई है। और ढील के बाद संभावना है कि लोग पूरे जोश में दिवाली मनाएंगे। दिवाली (Diwali) में आतिशबाजी पर लोगों का खास जोर रहता है। लेकिन बढ़ते प्रदूषण (Pollution) के कारण सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) से लेकर राज्य सरकारें भी सख्त हैं। इसे देखते हुए यह जानना बेहद जरूरी है कि उनके राज्य में दिवाली पर आतिशबाजी, पटाखे (Fire Crackers) फोड़ने को लेकर क्या नियम है..

दिल्ली (Delhi) में 1 जनवरी 2023 तक बैन

दिल्ली सरकार ने पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए पटाखों पर बैन को जारी रखने का फैसला किया है। दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने सितंबर में ट्वीट कर बताया था कि दिल्ली में लोगों को प्रदूषण के खतरे से बचाने के लिए पिछले साल की तरह ही इस बार भी सभी तरह के पटाखों के उत्पादन, भंडारण, बिक्री और उपयोग पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया जा रहा है, तांकि लोगों की जिंदगी बचाई जा सके। इस बार दिल्ली में पटाखों की ऑनलाइन बिक्री, डिलीवरी पर भी प्रतिबंध रहेगा। यह प्रतिबंध 1 जनवरी 2023 तक लागू रहेगा।

इसके अलावा दिल्ली में दिवाली पर पटाखे चलाने पर छह महीने तक की जेल और 200 रुपये जुर्माना भी हो सकता है। इसी तरह राजधानी में पटाखों के उत्पादन, भंडारण और बिक्री पर विस्फोटक अधिनियम की धारा 9बी के तहत 5,000 रुपये तक का जुर्माना और तीन वर्ष की जेल भी हो सकती है।

एनसीआर में भी रहेगा बैन

दिल्ली के अलावा राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में आने वाले दूसरे राज्यों के जिलों में पटाखों के इस्तेमाल पर प्रतिबंध जारी रहेगा। इसके तहत सुप्रीम कोर्ट ने 10 अक्टूबर ने भाजपा सांसद मनोज तिवारी का याचिका पर कहा कि पटाखों के उपयोग के संबंध में पहले ही विस्तृत आदेश दिया जा चुका है और पिछले आदेश जारी रहेंगे। यानी राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में पटाखों पर प्रतिबंध जारी रहेंगे। जिसका असर यूपी, हरियाणा, राजस्थान के एनसीआर में आने वाले जिले में प्रमुख रुप से रहेगा।

पंजाब (Punjab)

पंजाब सरकार के अनुसार 24 अक्टूबर को दिवाली पर पटाखे फोड़ने के लिए दो घंटे का समय दिया जाएगा। दिवाली पर रात 8 बजे से रात 10 बजे तक लोग पटाखे फोड़ सकेंगे। राज्य में पटाखों के निर्माण, स्टॉक, वितरण, बिक्री और इस्तेमाल पर प्रतिबंध रहेगा और केवल लाइसेंस प्राप्त कारोबारियों के माध्यम से ही ग्रीन पटाखों की बिक्री की अनुमति होगी। सरकार के अनुसार दिवाली के अलावा, गुरु नानक देव के 'प्रकाश पर्व' पर 8 नवंबर को सुबह 4 बजे से सुबह 5 बजे तक एक घंटे और रात 9 से रात 10 बजे तक एक घंटे के लिए पटाखे फोड़ने की अनुमति होगी। इसी तरह क्रिसमस और नए साल की पूर्व संध्या पर रात 11.55 से 12.30 तक 35-35 मिनट के लिए भी पटाखे फोड़ने की अनुमति दी जाएगी।

हरियाणा (Haryana)

इसी तरह हरियाणा सरकार ने ग्रीन पटाखों को छोड़कर सभी प्रकार के पटाखों के निर्माण, बिक्री और इस्तेमाल पर रोक लगा रखी है। ऐसे में दिवाली पर केवल ग्रीन पटाखों का ही इस्तेमाल किया जा सकेगा। साथ ही सरकार ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि नियमों का पालन नहीं करने वालों पर कानून के अनुसार एक्शन लिया जाएगा।

राजस्थान (Rajasthan)

राजस्थान में दिवाली पर सिर्फ दो घंटे ही आतिशबाजी का मौका मिलेगा। इसके तहत रात 8 बजे से 10 बजे तक ही ग्रीन आतिशबाजी की जा सकेगी।

जबकि दिल्ली एनसीआर में होने की वजह से अलवर और भरतपुर में पटाखों पर पूरी तरह से प्रतिबंध रहेगा।

उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh)

उत्तर प्रदेश में एनसीआर क्षेत्र के अलावा दूसरे जगहों पर पटाखों के इस्तेमाल पर पूर्ण प्रतिबंध नही है। बीते रविवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यालय द्वारा जारी ट्वीट के अनुसार पर्यावरण और स्वास्थ्य की दृष्टि से अतिसंवेदनशील पटाखों की खरीद-फरोख्त को हतोत्साहित किया जाएगा।

बिहार (Bihar)

इसी तरह बिहार में पटना, गया, मुजफ्फरपुर एवं हाजीपुर में किसी तरह के पटाखे छोड़ने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इसके अलावा प्रदेश के अन्य शहरों में ग्रीन पटाखे छोड़े जा सकते हैं।

मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh)

खबर लिखे जाने तक मध्य प्रदेश सरकार ने दिवाली पर पटाखे फोड़ने पर पूरी तरह से प्रतिबंध नही लगाया है। हालांकि सरकार जिन शहरों पर प्रदूषण का स्तर ज्यादा है, वहां पर पर सख्ती की जा सकती है।

प्रशांत श्रीवास्तव
प्रशांत श्रीवास्तवauthor

करीब 17 साल से पत्रकारिता जगत से जुड़ा हुआ हूं। और इस दौरान मीडिया की सभी विधाओं यानी टेलीविजन, प्रिंट, मैगजीन, डिजिटल और बिजनेस पत्रकारिता में काम करने का मौका मिला। इस समय Timesnowhindi.com में टीम लीड के रुप में बिजनेस, ऑटो, यूटीलिटी, टेक सेक्शन में अपना योगदान दे रहा हूं। करियर का पहला ब्रेक हैदराबाद स्थित मीडिया संस्थान ईटीवी से टेलीविजन के जरिए हुआ। यहां पर टेलीविजन पत्रकारिता की बारीकियों को समझने का मौका मिला। और उसके बाद अगला पड़ाव दिल्ली स्थित दैनिक भास्कर समूह का बिजनेस भास्कर रहा। यहां से बिजनेस पत्रकारिता में कदम रखा। और यह सफर वित्त मंत्रालय की रिपोर्टिंग से लेकर बैंकिंग, इंश्योरेंस, ऑटो, एफएमसीजी, एमएमएमई, टेलीकॉम सेक्टर की ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर कॉरपोरेट जगत की खबरें और इकोनॉमी से जुड़ी खबरों से गुजरते हुए अमर उजाला, मनी भास्कर वेबसाइट से होकर आउटलुक मैगजीन पहुंचा। यहां पर पॉलिटिकल खबरों को करने का मौका मिला। आउटलुक में रहते हुए भाजपा और कांग्रेस पार्टी को भी कवर किया। इस दौरान दिल्ली दंगों पर ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर सीएए आंदोलन, किसान आंदोलन और कृषि जगत, वाइल्ड लाइफ से जुड़ी ग्राउंड रिपोर्ट भी करने का मौका मिला। करियर के इस सफर में 2014 लोक सभा चुनाव, 2019 लोक सभा चुनाव, इसके अलावा उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव, राजस्थान विधान सभा, मध्य प्रदेश विधान सभा चुनाव की ग्राउंड रिपोर्ट भी की। पिछले 16 साल से केंद्रीय बजट की बारीकियों को समझकर उसे आम भाषा में लोगों तक पहुंचाने का भी प्रयास किया है। 17 साल के करियर में करीब 10 साल डिजिटल मीडिया का अनुभव रहा है। पिछले 3 साल से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। पत्रकारिता का ककहरा माखन लाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से सीखा है।

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