Rajya Sabha Cross Voting: राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने रविवार को हरियाणा, ओडिशा और बिहार में हुए राज्यसभा चुनावों में कांग्रेस विधायकों द्वारा की गई 'क्रॉस-वोटिंग' को ''दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय'' करार दिया।
गहलोत ने जताई नाराजगी
गहलोत ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा कि जब कांग्रेस नेता राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष कर रहे हैं, तब यह समझना कठिन है कि विधायक मतपत्र दिखाने की अनिवार्यता के बावजूद 'क्रॉस-वोटिंग' में कैसे शामिल हो रहे हैं।
उन्होंने 2022 के राजस्थान राज्यसभा चुनावों का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय कांग्रेस ने एकजुटता और नेतृत्व के प्रति निष्ठा दिखाई थी। गहलोत ने दावा किया कि कांग्रेस के पास 102 विधायक होने के बावजूद 126 विधायकों ने पार्टी उम्मीदवारों के पक्ष में मतदान किया था।
मतदान नियमों में बदलाव की मांग
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसा समर्थन पार्टी आला कमान के विश्वास और किसी भी प्रकार के प्रलोभन की अनुपस्थिति के कारण संभव हुआ था। उन्होंने राज्यसभा चुनावों के मतदान नियमों में बदलाव की मांग की और सुझाव दिया कि जो विधायक अपनी पार्टी के खिलाफ मतदान करते हैं, उनकी सदस्यता रद्द कर दी जानी चाहिए।
बता दें कि हरियाणा में हुए राज्यसभा चुनाव में भाजपा और कांग्रेस ने एक-एक सीट जीती थी। इस चुनाव के दौरान वोट की गोपनीयता के उल्लंघन और क्रॉस-वोटिंग की शिकायत देखने को मिली थी। भाजपा के संजय भाटिया और कांग्रेस के करमवीर बौद्ध ने जीत दर्ज की थी। भाजपा समर्थित इंडिपेंडेंट कैंडिडेट सतीश नांदल को हार का सामना करना पड़ा।
कांग्रेस ने विधायक को जारी किया नोटिस
हरियाणा में हुए राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग को लेकर कांग्रेस ने पांचवें विधायक को भी नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। रतिया से कांग्रेस विधायक जरनैल सिंह को कांग्रेस की अनुशासन समिति ने नोटिस जारी किया है। इससे पहले हरियाणा कांग्रेस के प्रभारी बीके हरीप्रसाद ने क्रॉस वोटिंग करने वाले चार विधायकों रेणु बाला, शैली चौधरी, मोहम्मद इलियाज और मोहम्मद इजराइल के नाम सार्वजनिक किए थे।
