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डरा रहा कोरोना: दिल्ली में संक्रमण दर 9 फीसदी के पार, अकेले मुंबई में 500 एक्टिव केस, देश की टेंशन बढ़ा रहे ये दो सूबे

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Mar 28, 2023, 07:06 AM IST

दिल्ली में संक्रमण दर बढ़ती जा रही है। मंगलवार को यह 9.13 प्रतिशत पहुंच गई। दूसरी तरह देश के 60 फीसदी मामले गुजरात और केरल में मिले हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक, यह आंकड़े डराने वाले हैं।

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भारत में कोरोना मामले

Photo : BCCL

covid-19 in India: देश में कोरोना संक्रमण फिर से लौट रहा है। यह खतरनाक होता जा रहा है, जो स्वास्थ्य विशेषज्ञों की चिंता बढ़ा रहा है। सबसे ज्यादा खतरा दिल्ली और इसके बाद महाराष्ट्र में है, जहां आए दिन सक्रिय मरीज बढ़ते जा रह हैं। सिर्फ दिल्ली की बात करें तो यहां संक्रमण दर बढ़कर 9.13 फीसदी पहुंच गई है। दूसरी तरफ अकेले मुंबई में एक्टिव मरीजों की संख्या 500 दर्ज की गई है।

इसके अलावा देश के कुल 60% केस गुजरात और केरल में मिले हैं। अगर पूरे देश की बात करें तो सोमवार को सक्रिय मरीजों की संख्या 10 हजार के पार हो गई। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, अब देश में सक्रिय मरीज 10300 हो गए हैं। देश में बीते सात दिनों में 78 फीसदी कोरोना केस बढ़े हैं।

सफदरजंग अस्पताल में 200 बेड रिजर्व

सफदरजंग अस्पताल के डॉक्टर एनके गुप्ता ने बताया कि दिल्ली में सकारात्मकता दर बढ़कर 9.13% हो गई है। हमें कोविड प्रोटोकॉल का पालन करना चाहिए। उन्होंने मास्क लगाने की सलाह दी। उन्होंने कहा, सफदरजंग अस्पताल में कोरोना वायरस से निपटने की तैयारी पूरी कर ली गई है। हमने कोरोना मरीजों के लिए 200 बेड रिजर्व किए हैं।

नए वैरिएंट XBB 1.16 के 610 मामले

देश में कोरोना वायरस के नये स्वरूप ‘XBB 1.16’ के 610 मामले सामने आए। देश में संक्रमण के मामलों में हालिया वृद्धि के लिए कोरोना के इसी नये स्वरूप को जिम्मेदार माना जा रहा है। ‘इंडियन सार्स-कोव-2 जीनोमिक्स कंसोर्टियम’ (इन्साकॉग) के आंकड़ों से यह जानकारी मिली। इन आंकड़ों के अनुसार ये सभी मामले 11 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में पाए गए हैं। आंकड़ों के मुताबिक, नये स्वरूप के 610 मामले 11 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के नमूनों की जांच में सामने आए हैं। इस स्वरूप के सबसे अधिक मामले महाराष्ट्र में 164 और गुजरात में 164, तेलंगाना में 93, कर्नाटक में 86 पाए गए हैं। इन्साकॉग के आंकड़ों के मुताबिक, जनवरी में दो नमूनों में नये स्वरूप ‘XBB 1.16’ की पुष्टि हुई थी।
प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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