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आतंकवाद को नहीं मानने वाले देश पीड़ितों संग करते हैं 'गंभीर अन्याय', भारत का पाक को जवाब

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  • Updated Oct 8, 2022, 05:51 PM IST

India: भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने एक बयान में कहा कि वैश्विक समुदाय के सभी गंभीर और कर्तव्यनिष्ठ सदस्यों की अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद, विशेष रूप से सीमा पार प्रकृति के आतंकवाद को खत्म करने की भूमिका और जिम्मेदारी है। बागची ने आगे कहा कि भारत का केंद्र शासित प्रदेश जम्मू और कश्मीर ने दशकों से ऐसे आतंकवादी अभियान का खामियाजा उठाया है, और ये अब तक जारी है।

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विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता। (File Photo)

Photo : ANI
KEY HIGHLIGHTS
  1. कश्मीर पर पाकिस्तान की टिप्पणी पर भारत ने दिया जवाब
  2. आतंकवाद को नहीं मानने वाले देश पीड़ितों संग करते हैं 'गंभीर अन्याय'- भारत
  3. बिलावल भुट्टो ने कश्मीर मुद्दे और मानवाधिकारों के उल्लंघन के मामलों को उठाया

India: भारत ने शनिवार को उन देशों को आड़े हाथों लिया जो अपने स्वार्थ या उदासीनता के कारण सीमा पार आतंकवाद के खतरों को नहीं पहचानते और साथ ही कहा कि वे आतंकवाद के पीड़ितों के साथ गंभीर अन्याय करते हैं। भारत की ये प्रतिक्रिया जर्मनी और पाकिस्तान (Pakistan) के विदेश मंत्रियों (Foreign Ministers) की ओर से एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन के दौरान कश्मीर पर हालिया टिप्पणी के बाद आई है।

आतंकवाद को नहीं मानने वाले देश पीड़ितों संग करते हैं 'गंभीर अन्याय'- भारत

भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची (Arindam Bagchi) ने एक बयान में कहा कि वैश्विक समुदाय के सभी गंभीर और कर्तव्यनिष्ठ सदस्यों की अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद, विशेष रूप से सीमा पार प्रकृति के आतंकवाद को खत्म करने की भूमिका और जिम्मेदारी है। बागची ने आगे कहा कि भारत का केंद्र शासित प्रदेश जम्मू और कश्मीर ने दशकों से ऐसे आतंकवादी अभियान का खामियाजा उठाया है, और ये अब तक जारी है।

प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा कि विदेशी नागरिक भी वहां शिकार हुए हैं। इसके अलावा भारत के अन्य हिस्सों में भी विदेशी नागरिक शिकार बने हैं। साथ ही कहा कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद और एफएटीएफ अभी भी 26/11 के भीषण हमलों में शामिल पाकिस्तान स्थित आतंकवादियों का पीछा कर रहे हैं।

बिलावल भुट्टो ने कश्मीर मुद्दे और मानवाधिकारों के उल्लंघन के मामलों को उठाया

उन्होंने आगे कहा कि जब राज्य ऐसे खतरों को नहीं पहचानते हैं, या तो स्वार्थ या उदासीनता के कारण, वे शांति के कारण को कमजोर करते हैं। साथ ही वे आतंकवाद के शिकार लोगों के साथ भी घोर अन्याय करते हैं। हाल ही में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए पाकिस्तान के विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो जरदारी ने अपने जर्मन समकक्ष एनालेना बारबॉक के साथ एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कश्मीर मुद्दे और घाटी में कथित मानवाधिकारों के उल्लंघन के मामलों को उठाया।

दीपक पोखरिया
दीपक पोखरियाauthor

पहाड़ से हूं, इसलिए घूमने फिरने का शौक है। दिल्ली-नोएडा से ज्यादा उत्तराखंड में ही मन लगता है। कई मीडिया संस्थानों से मेरी करियर यात्रा गुजरी है और मई 2022 से Times Network में timesnowhindi.com के साथ जुड़ा हूं। यहां शुरूआत खबरों से हुई और अब नजरें फीचर टीम के जरिए पाठकों की पसंद के लेख लिखने पर रहती है। घुमक्कड़ी पसंद होने की वजह से मुख्य जिम्मेदारी timesnowhindi.com/travel की है। वैसे मैं देवभूमि उत्तराखंड के नैनीताल से हूं और यहीं पर जन्म हुआ। पढ़ाई की शुरुआत फिरोजपुर (पंजाब) से हुई। इसके बाद लखनऊ (उत्तर प्रदेश), रामपुर (उत्तकर प्रदेश), हल्द्वानी (उत्तराखंड) होते हुए देश की राजधानी दिल्ली से पढ़ाई की। हल्द्वानी के एमबीपीजी कॉलेज से ग्रेजुएशन पूरा किया। साथ ही NIIT से GNIIT किया। इसके बाद दिल्ली से भारतीय विद्या भवन से पत्रकारिता की पढ़ाई की। मीडिया में 12 साल से ज्यादा का अनुभव। टीवी, वेबसाइट और मोबाइल ऐप में अब तक काम किया। नौकरी की शुरुआत 2011 से की। अभी टाइम्स नाऊ नवभारत में 2 से अधिक सीनियर करोस्पेंडट के पद पर हूं। यात्रा सेक्शन से जुड़ने से पहले करीब डेढ़ साल पहले तक न्यूज में ही काम किया।

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