Kharge Demands All Party Meeting on Delimitation: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने पीएम मोदी के समक्ष परिसीमन का मुद्दा उठाया है। खरगे ने मांग की है कि 29 अप्रैल को राज्य चुनावों के मौजूदा चरण के समाप्त होने के बाद इस मामले पर सर्वदलीय बैठक बुलाई जाए। प्रधानमंत्री मोदी को लिखे पत्र में खरगे ने कहा कि राज्य चुनावों के बीच संसद का विशेष सत्र बुलाना इस धारणा को पुष्ट करता है कि सरकार राजनीतिक लाभ के लिए महिला आरक्षण कानून को जल्दबाजी में लागू कर रही है।
29 अप्रैल के बाद परिसीमन मुद्दे पर बैठक बुलाने की मांग
खरगे ने 29 अप्रैल के बाद परिसीमन मुद्दे पर चर्चा के लिए सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग दोहराई, जिसे नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023 में संशोधनों से जोड़ा जा रहा है। खरगे का पत्र प्रधानमंत्री के उस पत्र के जवाब में आया है जिसमें उन्होंने 16 अप्रैल से नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर चर्चा के लिए संसद के विशेष सत्र के बारे में लिखा था। राज्यसभा में विपक्ष के नेता खरगे ने 11 अप्रैल को मोदी को लिखे पत्र में कहा, मुझे अभी-अभी नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर चर्चा के लिए 16 अप्रैल से संसद के विशेष सत्र के संबंध में आपका पत्र प्राप्त हुआ है।
खरगे ने पत्र में क्या-क्या लिखा?
खरगे ने आगे कहा, जैसा कि आप जानते हैं, नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023 को संसद ने सितंबर 2023 में सर्वसम्मति से पारित किया था। उस समय, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की ओर से मैंने मांग की थी कि यह महत्वपूर्ण कानून तुरंत प्रभावी होना चाहिए। कांग्रेस अध्यक्ष ने बताया कि हालांकि प्रधानमंत्री ने अपने पत्र में जिक्र किया है कि इसके तत्काल कार्यान्वयन के लिए व्यापक सहमति थी, लेकिन उन्होंने इसे लागू नहीं किया।
खरगे ने कहा, तब से 30 महीने बीत चुके हैं, और अब हमें विश्वास में लिए बिना यह विशेष बैठक बुलाई गई है। आपकी सरकार परिसीमन के बारे में कोई जानकारी दिए बिना ही हमसे फिर से सहयोग मांग रही है। आप समझ सकते हैं कि परिसीमन और अन्य पहलुओं के विवरण के बिना इस ऐतिहासिक कानून पर कोई सार्थक चर्चा करना असंभव होगा। आपने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि आपकी सरकार ने इस संबंध में राजनीतिक दलों से बातचीत की है। हालांकि, मुझे यह बताते हुए दुख हो रहा है कि यह सच नहीं है, क्योंकि सभी विपक्षी दल सरकार से आग्रह कर रहे हैं कि 29 अप्रैल, 2026 को मौजूदा चुनाव समाप्त होने के बाद संविधान संशोधनों पर चर्चा के लिए सर्वदलीय बैठक बुलाई जाए
राजनीतिक लाभ के लिए कानून को जल्दबाजी में लागू करने का आरोप
खरगे ने कहा कि चल रहे राज्य चुनावों के दौरान विशेष बैठक बुलाना कांग्रेस के इस विश्वास को और मजबूत करता है कि सरकार महिलाओं को सही मायने में सशक्त बनाने के बजाय राजनीतिक लाभ के लिए कानून को जल्दबाजी में लागू कर रही है। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, मुझे यह लिखते हुए दुख हो रहा है कि सार्वजनिक महत्व के मामलों में सरकार का पिछला रिकॉर्ड, चाहे वह नोटबंदी हो, जीएसटी हो, जनगणना हो या फिर वित्त आयोग की सिफारिशों को लागू करना और करों का हस्तांतरण जैसे संघीय ढांचे से संबंधित मामले हों, विश्वास जगाने वाला नहीं है।
खरगे ने जोर देकर कहा कि प्रस्तावित संवैधानिक संशोधन केंद्र और राज्यों दोनों को प्रभावित करेंगे और यह महत्वपूर्ण है कि लोकतंत्र में सभी दलों और राज्यों, चाहे वे कितने भी छोटे क्यों न हों, की बात सुनी जाए।
