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'महंगाई पहले से थी अब पेट्रोल-डीजल के दाम इसमें और करेंगे इजाफा', ईंधन के दाम बढ़ने पर सामने आई लोगों की पीड़ा, जानिए क्या कहा

जनपथ पेट्रोल पंप पर उपभोक्ताओं ने पेट्रोल-डीजल की कीमतों में 3 रुपये प्रति लीटर बढ़ोतरी पर नाराजगी और चिंता जताई। एक उपभोक्ता ने कहा, 'सरकार ने पेट्रोल की कीमत बढ़ा दी है। पहले से ही महंगाई बहुत ज्यादा है, अब ईंधन महंगा होने से सब चीजों के दाम बढ़ेंगे।

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देश में डीजल-पेट्रोल की कीमत बढ़ी।

Photo : PTI

Consumers reaction: देश में पेट्रोल और डीजल के दामों में एक बार फिर वृद्धि हुई है। तेल कंपनियों की ओर से जारी नई दरों के अनुसार पेट्रोल के दाम में करीब ₹3.14 प्रति लीटर डीजल के दाम में भी ₹3.11 प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है। इस बढ़ोतरी के बाद आम लोगों की जेब पर असर पड़ना तय माना जा रहा है। दिल्ली में अब पेट्रोल की नई कीमत ₹97.77 प्रति लीटर और डीजल की कीमत बढ़कर ₹90.67 प्रति लीटर हो गई है। इस बढ़ोतरी के बाद लोगों की प्रतिक्रियाएं आई हैं।

बढ़ोतरी पर नाराजगी जताई

जनपथ पेट्रोल पंप पर उपभोक्ताओं ने पेट्रोल-डीजल की कीमतों में 3 रुपये प्रति लीटर बढ़ोतरी पर नाराजगी और चिंता जताई। एक उपभोक्ता ने कहा, 'सरकार ने पेट्रोल की कीमत बढ़ा दी है। पहले से ही महंगाई बहुत ज्यादा है, अब ईंधन महंगा होने से सब चीजों के दाम बढ़ेंगे। समझ नहीं आता कि लोग कैसे खर्च चला पाएंगे। सरकार को किसी स्तर पर इसे नियंत्रित करना चाहिए।' अमरिक सिंह भाटिया ने कहा, 'पेट्रोल-डीजल महंगा होने के बाद दूसरी वस्तुओं की कीमतें भी बढ़ेंगी। ट्रांसपोर्टेशन लागत बढ़ेगी। दुनिया में युद्ध चल रहे हैं और वैश्विक स्तर पर कीमतें बढ़ रही हैं, जिसका असर यहां के लोगों पर भी पड़ रहा है।'

'नागरिकों को इसका समर्थन करना चाहिए'

वहीं, धौला कुआं के एक उपभोक्ता ने सरकार के फैसले का समर्थन करते हुए कहा, 'इसे दो नजरियों से देखना होगा। व्यक्तिगत स्तर पर इसका असर जरूर पड़ेगा, लेकिन दुनिया भर में युद्ध चल रहे हैं, कच्चे तेल की कीमतें बहुत बढ़ गई हैं और ईंधन जुटाना मुश्किल हो रहा है। ऐसे में 3 रुपये की बढ़ोतरी को व्यापक वैश्विक परिस्थिति के संदर्भ में समझना चाहिए। हालांकि इससे महंगाई जरूर बढ़ेगी क्योंकि पेट्रोल-डीजल महंगे होने पर हर क्षेत्र प्रभावित होता है। मुझे लगता है कि सरकार ने सोच-समझकर यह फैसला लिया है और नागरिकों को इसका समर्थन करना चाहिए।'

युद्ध और कई संकटों से गुजर रही दुनिया

बंगाल के राज्य मंत्री दिलीप घोष ने कहा, 'पिछले करीब तीन वर्षों से दुनिया युद्ध और कई संकटों से गुजर रही है। इसके बावजूद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह सुनिश्चित किया कि इसका असर भारत पर ज्यादा न पड़े। सभी जानते थे कि कीमतें कभी न कभी बढ़ेंगी, लेकिन इसे न्यूनतम स्तर पर रखा गया। तेल कंपनियां हजारों करोड़ रुपये के नुकसान में चल रही हैं और वे हमेशा यह बोझ नहीं उठा सकतीं, इसलिए केवल जरूरी बढ़ोतरी की गई है।'

दिल्ली और पंरोजमर्रा की जिंदगी पर सीधा असर पड़ेगा

जाब समेत कई शहरों में पेट्रोल-डीजल के दामों में 3 रुपये प्रति लीटर और CNG की कीमत में 2 रुपये प्रति किलो बढ़ोतरी के बाद आम लोगों में नाराजगी देखने को मिल रही है। लोगों का कहना है कि इससे महंगाई और बढ़ेगी तथा रोजमर्रा की जिंदगी पर सीधा असर पड़ेगा। दिल्ली के धौला कुआं स्थित पेट्रोल पंप पर एक उपभोक्ता ने कहा कि इससे बहुत फर्क पड़ रहा है। किराया भी ठीक से नहीं मिल रहा और ग्राहक ज्यादा किराया देने को तैयार नहीं हैं। महंगाई लगातार बढ़ रही है। CNG और पेट्रोल सस्ता होना चाहिए, लेकिन कीमतें बढ़ती जा रही हैं।

बाकी चीजों की कीमतों पर भी पड़ेगा इसका असर

एक अन्य उपभोक्ता ने कहा, '2 रुपये की बढ़ोतरी का असर बाकी चीजों की कीमतों पर भी पड़ेगा। कई लोग इसे बहाना बनाकर 10 रुपये तक दाम बढ़ा देंगे। ट्रांसपोर्ट का खर्च बढ़ेगा और आखिरकार बोझ आम जनता पर ही पड़ेगा। दूसरे देशों में चल रहे युद्धों का असर यहां भी दिख रहा है।' पंजाब के होशियारपुर में भी लोगों ने चिंता जताई। एक उपभोक्ता ने कहा, 'डीजल महंगा होने से हर चीज महंगी होगी क्योंकि परिवहन लागत बढ़ जाएगी। युद्ध का असर अब हम पर भी पड़ रहा है।' वहीं प्रियंशु अग्रवाल ने कहा, 'सरकार ने कीमतें बढ़ा दीं, अब आम आदमी कैसे संभालेगा? सरकार को कोई दूसरा रास्ता निकालना चाहिए था।'

'मैं रोज 7-8 किलोमीटर सफर करती हूं'

दिल्ली गेट स्थित पेट्रोल पंप पर एक उपभोक्ता ने सरकार का बचाव करते हुए कहा, 'ईंधन बाहर से आता है, इसलिए वहां महंगा होगा तो यहां भी असर पड़ेगा। सरकार देशहित में कदम उठा रही है।' हालांकि, दूसरे उपभोक्ताओं का मानना है कि महंगाई पहले से ज्यादा है और यह बढ़ोतरी घरेलू बजट पर असर डालेगी। कॉलेज छात्रा शिल्पी सिंह ने कहा, 'मैं रोज 7-8 किलोमीटर सफर करती हूं। हर बार सार्वजनिक परिवहन से समय पर पहुंचना संभव नहीं होता, इसलिए निजी वाहन इस्तेमाल करना पड़ता है। इस बढ़ोतरी का सबसे ज्यादा असर गरीब और निम्न मध्यम वर्ग पर पड़ेगा।'

Alok Rao
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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