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कर्नाटक हाई कोर्ट का फैसला: 5 साल तक सहमति से बनाए शारीरिक संबंध रेप नहीं, आरोपी को दी राहत

  • Compiled by: अमित कुमार मंडल
  • Updated Mar 13, 2023, 03:55 PM IST

जज ने अपने फैसले में कहा कि इस मामले में शारीरिक संबंध के लिए दोनों के बीच कई सालों से सहमति बनी हुई थी। इसलिए आरोपी को इस मामले में राहत दी जाती है।

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5 साल तक सहमति से बनाए शारीरिक संबंध रेप नहीं (TOI)

Karnataka HC on Consensual Sex: कर्नाटक हाई कोर्ट ने एक शख्स को बलात्कार के आरोप से बरी कर दिया। इस व्यक्ति के खिलाफ उसकी प्रेमिका ने बलात्कार का आरोप लगाया था। अदालत ने कहा कि पांच साल तक शादी के नाम पर शारीरिक संबंध बनाने को बलात्कार नहीं कहा जा सकता।

सहमति से ही बने शारीरिक संबंध

जस्टिस एम नागाप्रसन्ना ने अपने फैसले में कहा कि इस मामले में शारीरिक संबंध के लिए दोनों के बीच एक, दो, तीन दिन या महीनों के लिए नहीं, बल्कि कई सालों से सहमति बनी हुई थी। इसलिए इस मामले में यह नहीं कहा जा सकता कि पांच साल तक उसकी सहमति के बिना ही शारीरिक संबंध बनाए गए। दोनों के बीच इतने लंबे समय तक संबंध रहे, इसलिए इसे धारा 375 के साथ ही धारा 376 के तहत नहीं माना जा सकता कि उस पर केस चलाया जा सके।

आरोपी ने दी ये दलील

धारा 375 महिला की मर्जी के बिना शारीरिक संबंध का मामला होता है जिसे रेप ही माना जाता है। जबकि धारा 376 में रेप के लिए सजा भी मिलती है। बेंगलुरू के रहने वाले इस व्यक्ति ने अपने खिलाफ सिविल कोर्ट में चलाए गए मामले के खिलाफ हाई कोर्ट में अपील की थी। उसके अनुसार, वह और शिकायतकर्ता महिला पांच साल तक रिलेशन में थे। दोनों शादी करना चाहते थे लेकिन अलग-अलग जाति होने की वजह से वह ऐसा नहीं कर सका।

लेकिन हाई कोर्ट ने साफ कर दिया कि आरोपी को धारा 323 और 506 के तहत केस का सामना करना पड़ेगा। महिला ने इस व्यक्ति के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज कराया है। इसमें उसने कहा है कि आरोपी ने उसके साथ कई बार शादी का वादा करके शारीरिक संबंध बनाए जो एक तरह से बलात्कर ही है।

अमित कुमार मंडल
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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