Congress Presidential Election: कांग्रेस अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ रहे शशि थरूर ने गुरुवार को कई गंभीर आरोप लगाए हैं। हालांकि उन्होंने कहा है कि ये उनकी शिकायत नहीं है, लेकिन ऐसी चीजों का वो सामना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कई राज्यों में पीसीसी खड़गे के लिए मीटिंग बुला रही है, लेकिन जब वो जाते हैं तो पीसीसी स्वागत नहीं करती है, कोई मीटिंग नहीं बुलाती है।
शशि थरूर ने पार्टी के भीतर उम्मीदवारों के बीच व्यवहार में अंतर का आरोप लगाया है। कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व के लिए चुनाव सोमवार, 17 अक्टूबर को होने वाला है। इस पद के लिए मल्लिकार्जुन खड़गे और शशि थरूर एक दूसरे के खिलाफ चुनावी मैदान में हैं। थरूर ने गड़बड़ी का दावा करते हुए कहा- "मैं मिस्त्री साहब को दोष नहीं दे रहा हूं, लेकिन व्यवस्था में खामियां हैं और 22 साल से चुनाव नहीं हुए।"
उन्होंने आरोप लगाया कि कई प्रदेश अध्यक्ष और नेता खड़गे का समर्थन करने के लिए पीसीसी ऑफिस पहुंचे लेकिन उनके पहुंचने पर कोई नेता उपलब्ध नहीं था। थरूर ने कहा कि खड़गे साहब का बड़े नेता स्वागत करते हैं, पीसीसी मीटिंग करती, लेकिन जब हम पहुंचते हैं तो ये सब नहीं होता है।
थरूर ने कहा- "हमें दो लिस्ट मिली, दोनों लिस्ट में गड़बड़ियां हैं। लोगों से संपर्क करना मुश्किल है। मेरी ये शिकायत नहीं है कि ये जानबूझकर कर रहे हैंं। कुछ गलतियां हुई हैं, मिस्त्री साहब सही चुनाव कराने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन सिस्टम में कमियां हैं।"
कांग्रेस के केंद्रीय चुनाव समिति (सीईसी) के अनुसार इस चुनाव के लिए 36 मतदान केंद्र और 67 बूथ बनाए गए हैं। कांग्रेस अध्यक्ष के चुनाव के लिए मतपत्र और मतपेटियां पहले ही भेजी जा चुकी हैं। राहुल गांधी सहित 9,000 से अधिक प्रतिनिधि इस पद के लिए वोट डालेंगे।
