कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए नामांकन की आज आखिरी तारीख थी। कुल तीन लोगों ने पर्चा भरा जिनमें मल्लिकार्जुन खड़गे, शशि थरूर और के एन त्रिपाठी का नाम शामिल है। मल्लिकार्जु खड़गे के मैदान में उतरने के बाद मुकाबला एकतरफा माना जा रहा है। खास बात यह है कि मल्लिकार्जुन खड़गे के प्रस्तावकों में ग्रुप-23 के नेताओं का भी नाम है। इसके अलावा अशोक गहलोत जिन्होंने चुनाव लड़ने से मना कर दिया था और दिग्विजय सिंह जिन्होंने नामांकन पत्र खरीदा था। इन सबके बीच एक और उम्मीदवार शशि थरूर से जब पूछा गया कि वो अब क्या करेंगे तो उन्होंने साफ तौर पर कहा कि जीत हो या हार उससे मतलब नहीं है। सिद्धांतों के खातिर वो चुनावी मैदान में और अपनी तरफ से जीत के लिए भरपूर कोशिश करेंगे।
'हम दुश्मन नहीं'
हम दुश्मन/प्रतिद्वंद्वी नहीं हैं, हम सहयोगी हैं और हम पार्टी को आगे बढ़ने में रुचि रखते हैं। नेता प्रतिपक्ष राज्यसभा मल्लिकार्जुन खड़गे हमारी पार्टी के 'भीष्म पितामह' हैं। पार्टी कार्यकर्ताओं को तय करने दें कि कैसे आगे बढ़ना है। खड़गे, दिग्विजय सिंह, त्रिपाठी के बारे में कुछ भी नकारात्मक नहीं कहूंगा ।कांग्रेस अध्यक्ष ने मुझे आश्वासन दिया कि पार्टी का कोई आधिकारिक उम्मीदवार नहीं है, गांधी परिवार इस दौड़ में तटस्थ रहेगा और वे अधिक से अधिक उम्मीदवारों का स्वागत करते हैं। इसी भावना से मैंने अपनी उम्मीदवारी को आगे बढ़ाया। यह किसी का अनादर नहीं करना है, बल्कि दोस्ताना मुकाबला होगालड़ाई लड़ेंगे-शशि थरूर
थरूर ने कहा कि जो लोग यथास्थिति को जारी रखना चाहते हैं, वे मुझे वोट देने के लिए इच्छुक नहीं होंगे क्योंकि मैं बदलाव, एक अलग दृष्टिकोण और पार्टी को एक अलग तरीके से आगे ले जाने की दृष्टि का प्रतिनिधित्व करता हूं क्योंकि कुछ वर्षों से हम असफलताओं का सामना कर रहे हैं। खड़गे के नामांकन का स्वागत है. पार्टी के फायदे के लिए कई उम्मीदवारों की जरूरत है।मैं अध्यक्ष चुनाव से बाहर नहीं निकलूंगा क्योंकि मैं देश भर के उन कार्यकर्ताओं को निराश नहीं करूंगा जो मुझे अपना समर्थन देने के लिए अपने रास्ते से हट गए हैं।
