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'वे रोजगार और उद्योग चाहते हैं....' लद्दाख के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात कर बोले राहुल गांधी

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने गुरुवार को लद्दाख के एक प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की और कहा कि लद्दाख के लोग रोज़गार और उद्योग चाहते हैं।

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लद्दाख के प्रतिनिधिमंडल से मिले राहुल गांधी

कांग्रेस ने गृह मंत्री अमित शाह की लद्दाख यात्रा के बीच बृहस्पतिवार को कहा कि केंद्र सरकार लद्दाखवासियों की मांगों पर चुप है और उसे केंद्र से संविधान की छठी अनुसूची के तहत संरक्षण प्रदान करने और राज्य का दर्जा देने की मांग पर अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए। पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार यह समझ नहीं पाती कि भारत विभिन्न संस्कृतियों और धर्मों वाला देश है।

राहुल गांधी ने लद्दाख के कुछ युवाओं के साथ संवाद का एक वीडियो जारी किया।उन्होंने 'एक्स' पर पोस्ट किया, 'लद्दाख के युवाओं ने मुझे बताया कि किस तरह उनके खूबसूरत आशियाने को एक पुलिस राज में बदल दिया गया है। उनकी आवाज दबा दी गई है, लोकतांत्रिक अधिकारों को कुचल दिया गया है और उनकी जमीन और नाजुक पर्यावरण को मोदी जी के अरबपति मित्रों के हवाले किया जा रहा है।'

'लद्दाख के लोग विकास के खिलाफ नहीं हैं, बल्कि वो रोजगार और उद्योग चाहते हैं'

उनका कहना है कि लद्दाख के लोग विकास के खिलाफ नहीं हैं, बल्कि वो रोज़गार और उद्योग चाहते हैं और ऐसा विकास चाहते हैं जो स्थानीय लोगों को फायदा पहुंचाए। राहुल गांधी ने कहा, 'आशा है कि अपने दौरे के दौरान गृह मंत्री इस सच्चाई को समझ पाएं।' कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने संवाददाताओं से कहा, 'गृह मंत्री अमित शाह लद्दाख के दो दिवसीय दौरे पर हैं। 2019 के बाद पहली बार गृह मंत्री लद्दाख के दौरे पर हैं। बीच की अवधि में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए, 83 लोगों के खिलाफ मामले दर्ज किए गए, चार लद्दाखियों की गोली मारकर हत्या कर दी गई और एक लद्दाखी नागरिक और समाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को छह महीने के लिए रासुका के तहत गिरफ्तार किया गया।'

उन्होंने कहा, 'पहले लद्दाख में दो जिले थे, लेह और करगिल। अब सात जिले बनाए गए हैं...आपने एक केंद्र शासित प्रदेश बनाया लेकिन इसका प्रभावी रूप से मतलब उपराज्यपाल शासन है। उनकी (लद्दाखियों की) दो मांगें है-विधायिका के साथ राज्य का दर्जा दिया जाए और छठी अनुसूची के तहत संरक्षण प्रदान किया जाए।' रमेश ने कहा कि सरकार इन दोनों मांगों के साथ-साथ लद्दाख लोक सेवा आयोग बनाने की मांग पर भी चुप है।

Ravi Vaish
रवि वैश्यauthor

रवि वैश्य टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर कार्यरत एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 20 वर्षों का व्यापक अनुभव हासिल है। खबरों की बारीकियों को समझने और तेजी से प्रस्तुत करने में उनकी विशेष दक्षता है। टीवी पत्रकारिता में रिपोर्टिंग और डेस्क—दोनों क्षेत्रों में अनुभव होने के कारण वे समाचारों को बहुआयामी दृष्टिकोण से देखते हैं। देश–दुनिया की ताजातरीन अपडेट्स, ब्रेकिंग न्यूज, एक्सप्लेनर और विशेष स्टोरीज तैयार करने में वे सिद्धहस्त हैं। उनकी प्राथमिकता हमेशा यही रही है कि हर खबर तेज, सटीक और जानकारीपूर्ण रूप में पाठकों तक पहुंचे। रवि वैश्य अब तक 22,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, इंटरव्यू, ग्राउंड रिपोर्ट्स, विश्लेषण और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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