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'सरकार जवाब देकर डोनाल्ड ट्रंप का मुंह बंद करवाए या 'मैकडोनाल्ड्स' बंद करवाए'

दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने 28 बार कहा है कि उन्होंने व्यापार की धमकी देकर युद्धविराम करवाया। उनका कहना था, 'ट्रंप यहीं नहीं रुके, उन्होंने भारत के जहाज गिरने और कश्मीर मुद्दे तक का जिक्र किया, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी ने एक बार भी उनकी बातों का खंडन नहीं किया।'

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कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा (फोटो: ANI Twitter)

कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने सोमवार को कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के मध्यस्थता संबंधी दावों पर सरकार को जवाब देकर उनका मुंह बंद करवाना चाहिए या फिर भारत में अमेरिकी ब्रांड 'मैकडोनाल्ड्स' को बंद करवाए क्योंकि ये दोनों साथ नहीं चल सकते।उन्होंने सदन में ऑपरेशन सिंदूर पर विशेष चर्चा में भाग लेते हुए दावा किया कि पहलगाम आतंकी हमले और ऑपरेशन सिंदूर के बाद कोई देश भारत के साथ खड़ा नहीं हुआ।

हुड्डा ने कहा, 'ऑपरेशन सिंदूर' में हमारी सेना ने अपना पराक्रम दिखाया और जब हम पाकिस्तान पर हावी थे, तो युद्धविराम कर दिया गया। देश चाहता था कि पाकिस्तान को वैसा ही जवाब दिया जाए, जैसा 1971 में इंदिरा गांधी जी ने दिया था। पाकिस्तान के दो टुकड़े कर दिए थे।' उन्होंने कहा, 'जब पाकिस्तान घुटनों पर था, तो आपसे पहले अमेरिका की ओर से किए गए एक ट्वीट ने युद्धविराम की घोषणा कर दी। ऐसे में आपको देश को बताना चाहिए कि युद्ध विराम की क्या शर्तें थीं?'

कांग्रेस सांसद ने कहा, 'अमेरिका, भारत के साथ पाकिस्तान की बराबरी नहीं कर सकता। इसलिए सरकार को एक रास्ता चुनना होगा कि या तो हाथ मिलाओ या आंख दिखाओ। सरकार या तो डोनाल्ड ट्रंप को जवाब देकर उनका मुंह बंद करे या फिर हिंदुस्तान में अमेरिका के 'मैकडोनाल्ड्स' बंद करवाए। ये दोनों चीजें साथ-साथ नहीं चल सकतीं।' उन्होंने पहलगाम हमले के बाद सर्वदलीय बैठक में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के शामिल नहीं होने की आलोचना की।

Ravi Vaish
रवि वैश्यauthor

रवि वैश्य टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर कार्यरत एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 20 वर्षों का व्यापक अनुभव हासिल है। खबरों की बारीकियों को समझने और तेजी से प्रस्तुत करने में उनकी विशेष दक्षता है। टीवी पत्रकारिता में रिपोर्टिंग और डेस्क—दोनों क्षेत्रों में अनुभव होने के कारण वे समाचारों को बहुआयामी दृष्टिकोण से देखते हैं। देश–दुनिया की ताजातरीन अपडेट्स, ब्रेकिंग न्यूज, एक्सप्लेनर और विशेष स्टोरीज तैयार करने में वे सिद्धहस्त हैं। उनकी प्राथमिकता हमेशा यही रही है कि हर खबर तेज, सटीक और जानकारीपूर्ण रूप में पाठकों तक पहुंचे। रवि वैश्य अब तक 22,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, इंटरव्यू, ग्राउंड रिपोर्ट्स, विश्लेषण और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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