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'कांग्रेस का मतलब लाइसेंस, परमिट और कोटा का शासन...' भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने राहुल गांधी पर साधा निशाना

निशिकांत दुबे ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधा और कांग्रेस पार्टी पर सत्ता में रहने के दौरान बड़े व्यापारियों के साथ घनिष्ठ संबंध रखने का आरोप लगाया। इससे पहले, शुक्रवार को भुवनेश्वर में एक सार्वजनिक रैली को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने भाजपा के नेतृत्व वाली ओडिशा सरकार पर गरीब लोगों से धन चुराने का आरोप लगाया था।

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भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने राहुल गांधी पर साधा निशाना

Nishikant Dubey: भारतीय जनता पार्टी (BJP) सांसद निशिकांत दुबे ने रविवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधा और कांग्रेस पार्टी पर सत्ता में रहने के दौरान बड़े व्यापारियों के साथ घनिष्ठ संबंध रखने का आरोप लगाया। दुबे ने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के कार्यकाल के दौरान 1971 की एक घटना का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि केवल एक कंपनी को ही रसायन निर्माण की जिम्मेदारी दी गई थी। एक्स पर एक पोस्ट में दुबे ने लिखा कि राहुल गांधी जी, आपकी कांग्रेस और व्यापारियों के साथ उसकी मिलीभगत खूब फल-फूल रही है। क्या आपकी दादी इंदिरा जी ही नहीं थीं जो शायद प्रधानमंत्री थीं, 2 जून 1971 को संसद में, जब रसायन बनाने की जिम्मेदारी केवल एक कंपनी दी गई थी? उन्होंने आगे आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी ने लाइसेंस, परमिट और कोटा की प्रणाली के माध्यम से देश पर शासन किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का मतलब लाइसेंस, परमिट और कोटा का शासन है। गांधी परिवार का काला सच। दुबे की टिप्पणी राहुल गांधी द्वारा भाजपा के व्यापारिक समूहों के साथ संबंधों के बार-बार किए गए दावों के बाद आई है।

राहुल गांधी ने की थी उड़ीसा सरकार की आलोचना

इससे पहले शुक्रवार को भुवनेश्वर में एक सार्वजनिक रैली को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने भाजपा के नेतृत्व वाली ओडिशा सरकार पर गरीब लोगों से धन चुराने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि ओडिशा सरकार का एक ही काम है - राज्य के गरीब लोगों के हाथों से ओडिशा की संपत्ति चुराना... पहले बीजद सरकार ने यही किया और अब भाजपा सरकार यही कर रही है। एक तरफ ओडिशा की गरीब जनता, दलित, आदिवासी, पिछड़ा वर्ग, किसान और मजदूर हैं, और दूसरी तरफ 5-6 अरबपति और भाजपा सरकार हैं। यह लड़ाई जारी है। केवल कांग्रेस कार्यकर्ता, ओडिशा के लोगों के साथ मिलकर, इस लड़ाई को जीत सकते हैं, कोई और नहीं।

Shashank Shekhar Mishra
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शशांक शेखर मिश्रा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल (www.timesnowhindi.com) में बतौर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। इन्हें पत्रकारिता में करीब 5 वर्षों का अनुभव है। इन पांच सालों में देश की राजनीति से लेकर देश-दुनिया में बनते-बिगड़ते सत्ता समीकरणों एवं घटनाओं को कवर करने का अनुभव है। राजनीति, रक्षा और आटोमोबाइल्स की खबरों में विशेष रूचि के साथ खोजी पत्रकारिता और स्टिंग ऑपरेशन का भी अनुभव है। टाइम्स नाउ नवभारत में देश-दुनिया की खबरों के साथ रियल टाइम डेस्क पर कार्य करने का अनुभव है। शशांक ने इन 5 वर्षों के पत्रकारिता के कैरियर के दौरान टेलीविजन और डिजिटल मीडिया में कार्य करने का अनुभव हासिल किया है। टाइम्स नाउ नवभारत में बतौर कॉपी एडिटर जुड़ने से पहले जागरण न्यू मीडिया, इनशार्ट्स, जी हिंदुस्तान और न्यूज हेल्पलाइन में सब एडिटर, रिपोर्टर और असिस्टेंट प्रोड्यूसर के तौर पर काम कर चुके हैं। पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। इसके बाद एशियन एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविजन से पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन एंड टीवी जर्नलिज्म किया हैं। शशांक को जिम जाना, एडवेंचर एक्टिविटी करना और नई तकनीक को जानना और समझना बेहद पसंद है। इसके अलावा शशांक को ड्राइव करना और अध्यात्म में भी काफी रुचि हैं। शशांक शेखर मिश्रा उत्तर प्रदेश की राजधानी और नवाबों के शहर के रूप में फेमस लखनऊ से ताल्लुक रखते हैं।

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