केंद्र सरकार के पीएफआई पर बैन के फैसले के बाद से अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही है। कांग्रेस ने जहां कहा है कि वो हमेशा से सभी प्रकार की सांप्रदायिकता के खिलाफ रही है। वहीं एक कांग्रेस सांसद ने आरएसएस पर भी प्रतिबंध लगाने की मांग है। कांग्रेस नेता उदित राज को तो इस बैन से तबलीगी जमात की याद आ गई है।
उदित राज ने क्या कहा
कांग्रेस नेता उदित राज ने इस बैन को लेकर बीजेपी और केंद्र सरकारपर परोक्ष रूप से हमला बोला है। उदित राज ने ट्वीट करके कहा- "बहुत पुरानी बात नहींहै, जब तबलीगी जमात के कोरोना जेहाद से देश खतरे में पड़ गया था और बाद में फुस्स। कहीं ऐसा न हो PFI के मामले में। अगर आतंकी हैं तो जरूर सजा दी जाए न कि चुनाव जीतने के लिए माहौल खड़ा करें।"कांग्रेस क्या बोली
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि उनकी पार्टी हर तरह की सांप्रदायिकता के खिलाफ है। पीएफआई पर बैन लगने के बाद जयराम रमेश ने कहा- "कांग्रेस हमेशा से सभी प्रकार की सांप्रदायिकता के खिलाफ रही है, हम बहुसंख्यक या अल्पसंख्यक के आधार पर धार्मिक उन्माद का फर्क नहीं करते हैं। कांग्रेस की नीति हमेशा उन सभी विचारधाराओं और संस्थानों से लड़ने की रही है जो हमारे समाज का ध्रुवीकरण करने के लिए धर्म का दुरुपयोग करते हैं।"क्या बोले सुरजेवाला
कांग्रेस नेता रणदीप सिंह सुरेजवाला ने इस प्रतिबंध का समर्थन तो किया है, लेकिन साथ ही उन्होंने आरएसएस पर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा- "पीएफआई पर बैन, देरी से की गई कार्रवाई, लंबे समय तक ढील के बाद सही दिशा में उठाया गया एक कदम है। अब उन संगठनों के खिलाफ जो 'एक ही सिक्के के दूसरे पहलू है'-भाजपा सरकार कब कार्रवाई करेगी, जो भाजपा और आरएएस के नजदीक है? सांप्रदायिकता और सभी रूपों में नफरत सामाजिक ताने-बाने के लिए हानिकारक है और इसे रोका जाना चाहिए।"
