जयपुर : कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने रविवार को मुख्य चुनाव आयुक्त की चयन प्रक्रिया पर सवाल उठाए। पायलट ने कहा कि पहले मुख्य निर्वाचन आयुक्त की चयन कमेटी में प्रधानमंत्री, नेता प्रतिपक्ष और चीफ जस्टिस शामिल होते थे और ये पैनल तय करता था कि कौन भारत निर्वाचन आयोग का चैयरमैन बनेगा। चयन कमेटी में अचानक से बदलाव लाया गया और चीफ जस्टिस को हटाकर केंद्रीय मंत्री को शामिल किया गया। ऐसे में आप समझ सकते हैं कि दो-एक के बहुमत के साथ वे जिसे चाहे सीईसी का चैयरमैन बना सकते हैं। ऐसे में बड़ा सवाल उठता है कि चयन कमेटी से चीफ जस्टिस को हटाकर मंत्री को रखने की मांग और प्रस्ताव किसने रखा था?
उन्होंने 'वोट चोरी' पर कहा कि बिहार के पटना में सोमवार को 'वोटर अधिकार यात्रा' का समापन होगा। लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सबूतों के साथ 'वोट चोरी' के खिलाफ यह यात्रा निकाली है। पायलट ने कहा कि 'वोट चोरी' का नारा जन-जन तक पहुंच गया है। निष्पक्षता और पारदर्शिता लोकतंत्र की जरूरत है। सवाल निर्वाचन आयोग से पूछे जाते हैं तो जवाब भाजपा के प्रवक्ता देते हैं। समय बदलेगा तब सबकी जवाबदेही तय होगी। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के नाम पर वोटर के नाम काटे जा रहे हैं। कांग्रेस जनता की लड़ाई मिलकर लड़ेगी। इस मुद्दे पर इंडिया गठबंधन एकजुट है।
सीसीटीवी फुटेज डिलीट करना चाहते हो?
चुनाव आयोग द्वारा 45 दिनों में सीसीटीवी फुटेज डिलीट करने के नियम को लेकर उन्होंने कहा कि डेटा इतना सस्ता है कि लाखों, करोड़ों गेगाबाइट का डेटा स्टोर कर सकते हैं तो किस कारण से आप पोलिंग बूथ की वीडियो फुटेज, सीसीटीवी फुटेज डिलीट करना चाहते हो? इसका कोई जवाब नहीं दे रहा है।
राहुल गांधी ने 6 महीने डेटा का किया अध्ययन
कांग्रेस नेता ने कहा कि राहुल गांधी ने सबके सामने कहा कि हमने 6 महीने अध्ययन करके यह डेटा एकत्रित किए। एक-एक मकान में 200-200 वोट बना रखे हैं, फर्जी वोट बने हुए हैं। हम निर्वाचन आयोग को सिर्फ इतना बोल रहे हैं कि आप जांच तो कीजिए, लेकिन बिना जांच के ही लोगों के नाम काटे जा रहे हैं। चुनाव आयोग उसकी जांच नहीं कर रहा, बल्कि हलफनामा मांग रहा है।
उन्होंने कहा कि वोटर अधिकार यात्रा को जन समर्थन मिल रहा है। महागठबंधन के सभी लोग हमारे साथ हैं। टीएमसी भी इस यात्रा में शामिल होगी। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री, अखिलेश यादव और तेजस्वी यादव के साथ गठबंधन के सभी नेता यात्रा में शामिल हुए। वोट का जो अधिकार है, वो प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है, जो हमारे पूर्वजों ने दिया है, उसको कोई छीनने का काम करेगा तो कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे।
