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'वोट चोरी' के खिलाफ कांग्रेस की रैली, प्रियंका गांधी बोलीं- बैलेट पेपर से चुनाव नहीं जीत सकती BJP, चुनाव आयोग पर बोला हमला

प्रियंका गांधी ने कहा कि वोट की कीमत हमारे जीवन में क्या है इसको समझना जरूरी है। नेहरू जी आजादी से पहले जब लोगों के बीच जाते थे तो भारत माता की जय के नारे लगते थे। इसी भावना ने वोट का अधिकार दिया। उन्होंने कहा कि अब चुनाव ठीक से नहीं हो रहे हैं, हर कदम पर शक है।

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'वोट चोरी' के खिलाफ कांग्रेस की रैली (PTI)

Priyanka Gandhi on Vote Chori Rally: कांग्रेस ने रविवार को राष्ट्रीय राजधानी के रामलीला मैदान में एक बड़ी रैली की, जिसमें उसने वोट चोरी और चुनावी रोल के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन को लेकर अपना अभियान तेज किया। 'वोट चोर, गद्दी छोड़' बैनर तले हुआ यह विरोध प्रदर्शन संसद में चुनावी निष्पक्षता को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच तीखी बहस के कुछ दिनों बाद हुआ है। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने रविवार को राष्ट्रीय राजधानी के रामलीला मैदान में पार्टी की 'वोट चोर, गद्दी छोड़ो' रैली को संबोधित करते हुए सरकार पर लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने का आरोप लगाया और चुनावों के संचालन पर सवाल उठाए।

पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों की एक बड़ी सभा को संबोधित करते हुए प्रियंका गांधी ने कहा कि देश में अब चुनाव निष्पक्ष तरीके से नहीं हो रहे हैं और अब प्रक्रिया के हर चरण पर संदेह है।

उन्होंने कहा, 'चुनाव ठीक से नहीं हो रहे हैं, हर कदम पर शक है।' उन्होंने लोकतांत्रिक नियमों को व्यवस्थित तरीके से कमजोर करने का आरोप लगाया। भारत के संवैधानिक विजन को याद करते हुए, उन्होंने वोट देने के अधिकार की अहमियत पर जोर दिया।

प्रियंका गांधी ने कहा, 'हमारी आवाज PM के घर तक पहुंचनी चाहिए। यह समझना बहुत जरूरी है कि आपका वोट बहुत अहम भूमिका निभाता है। नेहरू जी ने कहा था कि भारत के लोग, भारत का हर बेटा और बेटी, सब मां भारती का हिस्सा हैं। इसी सोच ने हमारे संविधान को आकार दिया। इसी संविधान ने आपको वोट देने का अधिकार दिया।'

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि संवैधानिक संस्थाओं पर सरकार के हितों के हिसाब से काम करने का दबाव डाला जा रहा है। रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, 'देश की सभी संस्थाओं को सरकार के सामने झुकने पर मजबूर किया जा रहा है।'

चुनाव आयोग पर सवाल

प्रियंका गांधी ने आगे चुनाव आयोग पर चुनावों के दौरान उल्लंघनों को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया और चुनावी प्रक्रिया की ईमानदारी पर सवाल उठाया। उन्होंने पूछा, 'चुनाव आयोग चुनाव प्रक्रिया के दौरान 10,000 रुपये दिए जाने पर आंखें क्यों बंद कर रहा है; क्या यह चुनाव 'वोट चोरी' नहीं है?" उन्होंने चुनावों के दौरान कथित प्रलोभनों का जिक्र करते हुए यह बात कही। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से चुनावी हार, खासकर बिहार में हार से निराश न होने की अपील की, और दावा किया कि नतीजों में हेरफेर किया गया था। उन्होंने कहा, 'आपको बिहार हारने से हिम्मत नहीं हारनी चाहिए, पूरा देश जानता है कि बीजेपी 'वोट चोरी' से जीतती है।'

मजबूत करने को बनाई गई, अब दवाब में

उन्होंने कहा कि लोकतंत्र को मजबूत बनाने के लिए अलग-अलग संस्था बनाई गई जिसमें मीडिया,जज,राजनीतिक पार्टी,चुनाव आयोग ये सब जनता की रक्षा के लिए बने हैं. आज न्याय पालिका दवाब में है,कांग्रेस का बैंक अकाउंट बंद किए गए,पूर्व मुख्यमंत्री को जेल में बंद कर दिया. जो दिल से कमजोर थे वो उनकी तरफ चले गए,वाशिंग मशीन से वो साफ हो गए। संसद में बहस नहीं हो रही, हम SIR पर चर्चा की मांग करते रहे, लेकिन कहा वंदे मातरम पर चर्चा हो। ये एक चुनाव बैलेट पर लड़ लें तो ये जीत नहीं पाएंगे।

Nitin Arora
नितिन अरोड़ा author

नितिन अरोड़ा टाइम्स नाउ नवभारत में न्यूज डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया में उनका 6 वर्षों का अनुभव है। वह राजनीति, देश–विदे... और देखें

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