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गर्मी से कई गुना ज्यादा ठंड से होती है दुनियाभर में मौतें! रहें जरा संभल कर

  • Authored by: शिशुपाल कुमार
  • Updated Dec 26, 2022, 10:10 PM IST

उत्तरी भारत में इस समय तापमान में लगातार गिरावट हो रही है। ठंड लगातार बढ़ रहा है, ऐसे में सतर्क और सावधान रहने की जरूरत है। क्योंकि आंकड़े बताते हैं कि गर्मी से ज्यादा मौतें हर साल ठंड से होती है। इस मामले में भारत समेत पूरी दुनिया का हाल एक समान है।

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गर्मी के मुकाबले ठंड से होती है ज्यादा मौतें (प्रतीकात्मक फोटो)

Photo : PTI

एक रिसर्च से पता चला है कि हर साल गर्मी से ज्यादा ठंड से पूरी दुनिया में मौतें होती हैं। इस रिसर्च में कहा गया है कि गर्मी के मुकाबले ठंड में नौ गुणा ज्यादा लोगों की मौतें होती हैं। इसके लिए कई चीजें जिम्मेदार है, जिसमें एक ग्लोबन वार्मिंग भी है।

क्या है दावा

Climate Reanalyzer के अनुसार दुनिया भर में ठंड से हर साल 4600000 मौतें होती हैं, जबकि गर्मी से सिर्फ 489075 लोगों की मौत होती है। दरअसल हमारा शरीर, तापमान का कम होना बर्दाश्त नहीं कर पाता है। विशेषज्ञों की मानें तो अगर तापमान ज्यादा कम हो जाता है तो हमारे शरीर के कई अंग काम करना बंद कर देते हैं। जिसके कारण कभी-कभी कई अंग फेल हो जाते हैं, जिससे इंसान की मौत हो जाती है। ठंड लगने की वजह से हाइपोथर्मिया हो जाता है। साथ ही ठंड में हमारा बीपी भी बढ़ जाता है और बीपी जब बढ़ जाता है तो उससे हार्ट अटैक जैसी बीमारियां हो सकती हैं।

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ठंड से ज्यादा मौतें

कहां कितनी मौतें

एक अन्य रिपोर्ट की मानें तो ठंड से हुए मौतों पर 50 प्रतिशत लोग दक्षिण और पूर्व एशिया से थे। वहीं तेज गर्मी के कारण सबसे ज्यादा मौतें यूरोप में होती हैं। अमेरिका की भी लगभग सेम कहानी है। यहां भी ठंड से ज्यादा मौतें होती हैं। संयुक्त राज्य अमेरिका में 2006 से 2010 तक हाइपोथर्मिया से 6,660 लोगों की मौत हुई, औसतन 1,320 लोगों की मौत हर साल हुई है। हालांकि इन आंकड़ों पर समय-समय पर विवाद भी उठता रहा है।

भारत का हाल

लेसेंट जर्नल की रिपोर्ट के अनुसार भारत में भी हर साल, गर्मी से ज्यादा ठंड से मौतें होती हैं। ठंड के कारण भारत में 655400 मौतें होती हैं। जबकि गर्मी के कारण 83 हजार लोग मरते हैं।

शिशुपाल कुमार
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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