एक रिसर्च से पता चला है कि हर साल गर्मी से ज्यादा ठंड से पूरी दुनिया में मौतें होती हैं। इस रिसर्च में कहा गया है कि गर्मी के मुकाबले ठंड में नौ गुणा ज्यादा लोगों की मौतें होती हैं। इसके लिए कई चीजें जिम्मेदार है, जिसमें एक ग्लोबन वार्मिंग भी है।
क्या है दावा
Climate Reanalyzer के अनुसार दुनिया भर में ठंड से हर साल 4600000 मौतें होती हैं, जबकि गर्मी से सिर्फ 489075 लोगों की मौत होती है। दरअसल हमारा शरीर, तापमान का कम होना बर्दाश्त नहीं कर पाता है। विशेषज्ञों की मानें तो अगर तापमान ज्यादा कम हो जाता है तो हमारे शरीर के कई अंग काम करना बंद कर देते हैं। जिसके कारण कभी-कभी कई अंग फेल हो जाते हैं, जिससे इंसान की मौत हो जाती है। ठंड लगने की वजह से हाइपोथर्मिया हो जाता है। साथ ही ठंड में हमारा बीपी भी बढ़ जाता है और बीपी जब बढ़ जाता है तो उससे हार्ट अटैक जैसी बीमारियां हो सकती हैं।

ठंड से ज्यादा मौतें
कहां कितनी मौतें
एक अन्य रिपोर्ट की मानें तो ठंड से हुए मौतों पर 50 प्रतिशत लोग दक्षिण और पूर्व एशिया से थे। वहीं तेज गर्मी के कारण सबसे ज्यादा मौतें यूरोप में होती हैं। अमेरिका की भी लगभग सेम कहानी है। यहां भी ठंड से ज्यादा मौतें होती हैं। संयुक्त राज्य अमेरिका में 2006 से 2010 तक हाइपोथर्मिया से 6,660 लोगों की मौत हुई, औसतन 1,320 लोगों की मौत हर साल हुई है। हालांकि इन आंकड़ों पर समय-समय पर विवाद भी उठता रहा है।
भारत का हाल
लेसेंट जर्नल की रिपोर्ट के अनुसार भारत में भी हर साल, गर्मी से ज्यादा ठंड से मौतें होती हैं। ठंड के कारण भारत में 655400 मौतें होती हैं। जबकि गर्मी के कारण 83 हजार लोग मरते हैं।
