महाराष्ट्र और गुजरात में रविवार को एक ही ट्रेन से जुड़े हादसों ने यात्रियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। बांद्रा टर्मिनस से अमृतसर जाने वाली पश्चिम एक्सप्रेस के डिब्बे एक घंटे के भीतर दो बार अलग हो गए। सौभाग्य से इन घटनाओं में किसी भी यात्री को चोट नहीं आई और न ही ट्रेन संचालन पर बड़ा असर पड़ा।
घटनाओं का क्रम
पहली घटना दोपहर 1:19 बजे वनगांव और दहानू स्टेशनों के बीच हुई, जब अचानक ट्रेन का एक डिब्बा बाकी रेक से अलग हो गया। तुरंत ट्रेन रोकी गई और तकनीकी टीम ने लगभग 25 मिनट तक मरम्मत कार्य कर डिब्बों को दोबारा जोड़ा। इसके बाद ट्रेन को 1:46 बजे आगे रवाना किया गया।हालांकि, कुछ ही देर बाद 2:10 बजे गुजरात के संजन स्टेशन पर ट्रेन का डिब्बा फिर से अलग हो गया। इस अप्रत्याशित घटना से यात्रियों में खौफ जरूर पैदा हुआ, लेकिन रेलवे अधिकारियों ने स्थिति को नियंत्रित कर लिया।
रेलवे की प्रतिक्रिया
पश्चिम रेलवे के प्रवक्ता ने बताया कि यात्रियों को न तो चोट लगी और न ही कोई असुविधा हुई। उन्होंने कहा कि समग्र संचालन पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ा है। प्रवक्ता ने यह भी जानकारी दी कि मौके पर मदद के लिए वलसाड से कैरिज एंड वैगन (सीएंडडब्ल्यू) कर्मचारियों को भेजा गया। इसके अलावा, दोपहर 3:15 बजे वलसाड से एक लोकोमोटिव इंजन भी घटनास्थल के लिए रवाना किया गया, ताकि तकनीकी मदद दी जा सके।
कारणों की जांच जारी
अब तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि डिब्बों के बार-बार अलग होने का कारण क्या था। रेलवे ने कहा है कि अलग हुए डिब्बों की संख्या और तकनीकी वजहों का विवरण जांच के बाद ही सामने आएगा।
सुरक्षा पर सवाल
लगातार दो बार डिब्बों के अलग होने की घटना ने यात्रियों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यह या तो कपलिंग सिस्टम की तकनीकी खामी हो सकती है या फिर रखरखाव में लापरवाही। रेलवे ने फिलहाल इस मामले को गंभीरता से लेते हुए विस्तृत जांच का आदेश दिया है।
