Ram Mohan Naidu Statement: केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू किंजरापू ने जेट ईंधन यानी एविऐशन टरबाइन फ्यूल (ATF) में एथेनॉल मिलाने की सरकार की योजनाओं से जुड़ी खबरों और दावों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। केंद्रीय मंत्री ने स्पष्ट किया है कि सरकार के पास ऐसा कोई प्रस्ताव विचारधीन नहीं है और इस तरह की भ्रामक खबरें फैलाना पूरी तरह से गैर-जिम्मेदाराना है। उन्होंने हवाई यात्रियों को आश्वस्त किया कि यात्रियों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
एथेनॉल और SAF में जमीन-आसमान का अंतर
नागरिक उड्डयन मंत्री ने आम जनता और मीडिया से अपील की है कि एथेनॉल और सस्टेनेबल एविऐशन फ्यूल (SAF) को एक समझने की भूल न करें। मुख्य अंतर और स्पष्टीकरण:
दोनों पूरी तरह अलग: केंद्रीय मंत्री ने जोर देकर कहा कि एथेनॉल और सस्टेनेबल एविऐशन फ्यूल (SAF) दो बिल्कुल अलग चीजें हैं और इन्हें आपस में मिलाकर भ्रम पैदा नहीं किया जाना चाहिए।
अंतरराष्ट्रीय मानकों पर खरा: SAF एक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रमाणित विमानन ईंधन है, जिसे अंतर्राष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन (ICAO) द्वारा मान्यता प्राप्त है और वैश्विक स्तर पर अपनाया गया है।
कड़े सुरक्षा परीक्षण: विमानन क्षेत्र में इस्तेमाल होने वाला SAF बेहद कड़े सुरक्षा और गुणवत्ता परीक्षणों से गुजरता है और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मानकों को पूरा करता है।
'अनर्गल अफवाहों से यात्रियों में बेवजह न फैलाएं डर'
विमानन सुरक्षा से जुड़े संवेदनशील मुद्दों पर चल रही भ्रामक चर्चाओं पर विराम लगाते हुए केंद्रीय मंत्री ने कड़ा रुख अपनाया। राम मोहन नायडू ने कहा कि एविऐशन सेफ्टी को लेकर गलत जानकारी फैलाने से केवल हवाई यात्रियों के मन में अनावश्यक चिंता और डर पैदा होता है। उन्होंने दोहराया कि सरकार के लिए विमानन क्षेत्र की सुरक्षा और यात्रियों की जान-माल की रक्षा से बढ़कर कोई दूसरी प्राथमिकता नहीं है।
बता दें कि विमानन जैसे संवेदनशील क्षेत्र में वैज्ञानिक तथ्यों और आधिकारिक बयानों के बिना फैलाई जाने वाली खबरें यात्रियों में असुरक्षा की भावना पैदा करती हैं। मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि विमानन सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
