China again EXPOSED: चीन दुनिया का एक ऐसा मुल्क है। जिसका लंबे समय से ना केवल अपने पड़ोसी देशों से विवाद चल रहा है। बल्कि दुनिया के ज्यादातर देशों के साथ उसके संबंध बेहद खराब हैं। वजह है उसकी कारस्तानियां, इतने विवादों के बाद भी चालबाज चीन की कारस्तानियां थमने का नाम नहीं ले रही हैं। कभी स्पाई बैलून भेजकर अमेरिका और जापान जैसे देशों की जासूसी करने के आरोप लगते रहे हैं तो कभी समंदर में स्पाई शिप भेजकर चीन अपनी नापाक हरकतों को अंजाम देता आया है। आज हम चर्चा ड्रैगन की नीति और नियत करेंगे। एक नजर डालते हैं कि किस तरह की जासूसी जहाजों के जरिए चालबाज चीन जासूसी को अंजाम देता आया है। भारत की जासूसी करने का आरोप है। चीन बंगाल की खाड़ी में जासूसी करने के आरोप है। जो गहराई और खनिज की जानकारी जुटा रहा है। भारतीय कोस्ट गार्ड उस पर नजर बनाए हुए है। डिफेंस एक्सपर्ट ग्रुप कैप्टन ( रिटायर) यूके देवनाथ ने इसके बार में विस्तार से बताया।
किन-किन जहाजों से जासूसी करता है चीन
- है यांग शि यू शिप
- नैनिंग शिप
- युंग वांग 5 शिप
- दा यांग हाओ
चीन दुनिया को अपने ताकत के दम पर डराने की कोशिश करता है। इसके अलावे दुनियाभर में कर्ज बांटकर उन्हें अपने हिस्से में मिलाने की कोशिश करता है लेकिन चीन की कर्ज नीति बांटने को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है।
चीन के 31 राज्य बुरी तरह से कर्ज में डूबे
चीन कर्ज की अपनी पॉलिसी पर भी झूठ बोलने से बाज नहीं आ रहा है। चीन का दावा है कि उसके 31 राज्यों पर केवल 420 करोड़ का कर्ज है लेकिन IMF का दावा है कि चीन के राज्यों पर 782 लाख करोड़ का कर्ज है। कर्ज की इतनी बड़ी रकम को देखकर आप अंदाजा लगा सकते हैं कि चीन किस तरह से कर्ज के दलदल में फंसता जा रहा है।
दरअसल समय के साथ चीन खुद को ताकतवर बनने के दिखावे के चक्कर में पूरी दुनिया में खूब कर्ज बांटे हैं। आंकड़े बताते हैं कि साल 2010 में चीन का पूरी दुनिया में एक डॉलर का भी कर्ज नहीं था। लेकिन साल 2014 में यानी 4 साल में ही उसने 10 बिलियन डॉलर के कर्ज बांटे लेकिन चीन यहीं नहीं रुका, साल 2021 में चीन 40.5 बिलियन डॉलर तक के कर्ज बांट दिए।
