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रमन सिंह नहीं तो ओबीसी या आदिवासी चेहरे पर दांव खेलेगी भाजपा!, छत्तीसगढ़ में आज हो सकता है CM का ऐलान

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Dec 10, 2023, 11:09 AM IST

Chhattisgarh CM Race: राज्य की आबादी में आदिवासी समुदाय की हिस्सेदारी 32 फीसदी है और भाजपा ने इस बार अनुसूचित जनजाति (एसटी) के लिए आरक्षित 29 सीट में से 17 सीट जीती हैं। जबकि, पिछले चुनाव में पार्टी ने केवल तीन सीटें जीती थीं।

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छत्तीसगढ़ में आज हो सकता है मुख्यमंत्री का ऐलान

Photo : ANI

Chhattisgarh CM Race: छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव जीतने के बाद भारतीय जनता पार्टी आज मुख्यमंत्री का ऐलान कर सकती है। मुख्यमंत्री के चयन के लिए भाजपा के पर्यवेक्षक रायपुर पहुंच चुके हैं। ये पर्यवेक्षक विधायकों के साथ बैठक करेंगे, जिसके बाद विधायक दल का नेता चुन लिया जाएगा। माना जा रहा है कि पार्टी की ओर से आज ही सीएम का ऐलान भी हो सकता है।

मुख्यमंत्री पद के लिए तीन बाद के मुख्यमंत्री रमन सिंह का नाम सबसे आगे चल रहा है। हालांकि, चुनाव प्रचार के दौरान भाजपा ने रमन सिंह को चेहरा नहीं बनाया था। ऐसे में यह भी अटकले हैं कि रमन सिंह के अलावा किसी और चेहरे को भी आगे किया जा सकता है। अनुमान है कि पार्टी अगर रमन सिंह को नहीं चुनती है तो वह कि सी ओबीसी या आदिवासी समुदाय से मुख्यमंत्री का चुनाव करेगी।

इन नामों की चर्चा

रमन सिंह के अलावा मुख्यमंत्री पद के लिए आदिवासी समुदाय से आने वाले पूर्व केंद्रीय मंत्री विष्णु देव साय, विधायक चुने जाने के बाद केंद्रीय मंत्री पद से इस्तीफा देने वाली रेणुका सिंह, राज्य के पूर्व मंत्री रामविचार नेताम और लता उसेंडी व विधानसभा के लिए चुने जाने के बाद सांसद पद से इस्तीफा देने वाली गोमती साय दावेदारों में शामिल हैं।

इसलिए आदिवासी समुदाय से बन सकता है सीएम

दरअसल, राज्य की आबादी में आदिवासी समुदाय की हिस्सेदारी 32 फीसदी है और भाजपा ने इस बार अनुसूचित जनजाति (एसटी) के लिए आरक्षित 29 सीट में से 17 सीट जीती हैं। भाजपा ने 2018 में आदिवासियों के लिए आरक्षित सीट में केवल तीन सीट जीती थीं। उसने इस बार आदिवासी बहुल सरगुजा संभाग में सभी 14 सीट पर जीत हासिल की है। कांग्रेस ने 2018 में संभाग की सभी 14 सीट जीती थीं। विष्णुदेव साय, रेणुका सिंह, रामविचार नेताम और गोमती साय इसी संभाग से हैं। विधायक चुने जाने के बाद सांसद पद से इस्तीफा दे चुके साव और नौकरशाह से नेता बने ओ पी चौधरी दोनों अन्य पिछड़ा वर्ग से हैं तथा मुख्यमंत्री पद के दावेदारों में शामिल हैं। साव प्रभावशाली साहू (तेली) समुदाय से आते हैं जिनकी दुर्ग, रायपुर और बिलासपुर संभागों में बड़ी उपस्थिति है। राज्य की आबादी में ओबीसी की हिस्सेदारी करीब 45 फीसदी है।

तीनों पर्यवेक्षक जानेंगे विधायकों की राय

पार्टी की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष अरुण साव ने कहा कि भाजपा विधायक दल की बैठक में पार्टी के तीन पर्यवेक्षक केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा और सर्बानंद सोनोवाल तथा पार्टी महासचिव दुष्यंत कुमार गौतम बैठक में मौजूद रहेंगे। उन्होंने बताया कि पार्टी के छत्तीसगढ़ प्रभारी ओम माथुर, केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया और राज्य के लिए पार्टी के सह-प्रभारी नितिन नबीन भी वहां मौजूद रहेंगे। उन्होंने कहा, मुख्यमंत्री चुनने का कोई फॉर्मूला नहीं है। भाजपा संसदीय बोर्ड द्वारा निर्धारित प्रणाली का पालन किया जाएगा।

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