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CM योगी ने किया भदोही का नाम बदलने का ऐलान, 1340 करोड़ की परियोजनाओं की दी सौगात, बच्चों को भी दिया गिफ्ट

Bhadohi Name Change: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को भदोही जिले का नाम बदलकर 'संत रविदास नगर' (संत रविदास नगर भदोही) करने की घोषणा की। भदोही में आयोजित कार्यक्रम के दौरान सीएम योगी ने नए नाम का ऐलान करते हुए कहा कि अब जिले की पहचान इसी नाम से होगी।

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बच्चों को दुलारते नजर आए सीएम योदी (फोटो- ANI)

Photo : ANI

Bhadohi Name Change: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को घोषणा की कि भदोही जिले को अब 'संत रविदास नगर' के नाम से जाना जाएगा। यहां आयोजित एक कार्यक्रम में नाम की घोषणा करते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा, "अब हमारा भदोही जिला 'संत रविदास नगर' (संत रविदास नगर भदोही) के नए नाम से जाना जाएगा।" सीएम योगी भदोही में एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे, जहां उन्होंने 1,340 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली 112 परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इस दौरान वे जनता से भी मिले और उनका हालचाल जाना। वहीं, बच्चों के बीच पहुंचकर उन्होंने उन्हें दुलारा और खिलौने भी दिए।

संत रविदास को सम्मान देने के लिए लिया गया फैसला

सीएम योदी ने कहा, "गुरु पूर्णिमा के अवसर पर हमने कहा था कि अभी अपने कालीन उद्योग के लिए मशहूर भदोही जिला भविष्य में सतगुरु रविदास जी महाराज के नाम से जाना जाएगा, जो मध्यकालीन संत थे और जिन्होंने अपनी आध्यात्मिक भक्ति के जरिए समाज को एकजुट किया था।" समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, "तीर्थ स्थलों के विकास और ऐतिहासिक धरोहरों के सुंदरीकरण और उन्हें संरक्षित करने पर जो पैसा अभी खर्च हो रहा है, वही पैसा 2017 से पहले ऐसे कामों में इस्तेमाल नहीं होता था। इसके बजाय, कब्रिस्तान की चहारदीवारी बनाने के नाम पर, ज़मीन पर कब्ज़ा करने के लिए इसका इस्तेमाल किया जाता था।" 'डबल-इंजन' सरकार ने उस चलन को रोका, भ्रष्टाचार पर लगाम लगाई और कभी माफिया और अशांति से जूझ रहे उत्तर प्रदेश को त्योहारों वाले राज्य में तब्दील कर दिया।

सबसे पहले मायावती सरकार ने बदला था जिले का नाम

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार समाजवादी पार्टी (सपा) के संस्थापक मुलायम सिंह यादव ने 30 जून 1994 को उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री रहते वाराणसी जिले से भदोही को अलग कर इसे राज्‍य का 65वां जिला घोषित किया था। शुरुआत में इसका नाम भदोही रखा गया, लेकिन दिसंबर 1997 में बतौर मुख्यमंत्री मायावती ने इसका नाम बदलकर संत रविदास नगर कर दिया। वर्ष 1999 में नवंबर माह में भारतीय जनता पार्टी नीत सरकार के मुख्यमंत्री राम प्रकाश गुप्ता की सरकार में संत रविदास नगर में भदोही जोड़कर इसका नाम 'संत रविदास नगर-भदोही' कर दिया गया।

अखिलेश यादव बदल दिया था नाम

दिसंबर 2014 में सपा प्रमुख अखिलेश यादव के नेतृत्व वाली राज्‍य सरकार ने फिर से इसका नाम बदलकर भदोही कर दिया। मीडिया खबरों के अनुसार मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने इसी वर्ष 29 जुलाई को संत रविदास की 650वीं जयंती के मौके पर घोषणा की थी कि भदोही जिले का नाम बदलकर फिर से संत रविदास नगर कर दिया जाएगा। भाजपा सरकार का यह कदम 2027 में होने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से ठीक पहले उठाया गया है। इस पहल को दलित समुदाय के बड़े हिस्से में पूजनीय संत रविदास के नाम पर इसका नाम बहाल किये जाने को दलित मतदाताओं को लुभाने की कोशिश भी माना जा रहा है।

Nilesh DwivedI
निलेश द्विवेदीauthor

निलेश द्विवेदी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में काम कर रहे हैं। वे शहरों से जुड़ी लोकल घटनाएं, क्राइम, राजनीति, इंफ्रास्ट्रक्चर और राज्यवार अपडेट्स पर लगातार काम करते हैं। निलेश महत्वपूर्ण विवरणों को चुनने और पाठकों की रुचि के हिसाब से कंटेंट को प्रभावी तरीके से पेश करने के लिए जाने जाते हैं। डिजिटल न्यूजरूम के रफ्तार भरे माहौल में वे हर खबर को सटीक एंगल, आसान भाषा और उपयोगी जानकारी के साथ पेश करने पर फोकस करते हैं और अबतक 2,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं।

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