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Chhannulal Mishra Passes Away: प्रसिद्ध शास्त्रीय गायक पंडित छन्नूलाल मिश्र का 91 साल की उम्र में निधन, शोक में डूबा संगीत जगत

फेमस शास्त्रीय गायक और पद्मविभूषण पंडित छन्नूलाल मिश्र का 91 साल की उम्र में निधन हो गया है। उनका अंतिम संस्कार काशी में किया जाएगा। बेटी नम्रता मिश्रा ने बताया कि पंडित छन्नूलाल का अंतिम संस्कार बनारस में किया जाएगा। उन्होंने बताया कि पिता मिश्र मीर्जापुर ही थे, जब उनका निधन हुआ।

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पंडित छन्नूलाल मिश्र का 91 साल की उम्र में निधन (Photo-PTI)

Chhannulal Mishra Passes Away: फेमस शास्त्रीय गायक पंडित छन्नूलाल मिश्र का गुरुवार सुबह निधन हो गया। उन्हें हाल ही में BHU से छुट्टी मिलने के बाद मीरजापुर के रामकृष्ण सेवा मिशन चिकित्सालय में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों ने उनकी तबीयत ठीक बताई थी। हालांकि, सुबह 4.15 मिनट पर उन्होंने 91 साल की उम्र में दम तोड़ दिया। उनकी बेटी नम्रता मिश्र ने बताया कि पंडित छन्नूलाल का अंतिम संस्कार बनारस में किया जाएगा। उन्होंने बताया कि पिता मिश्र मीर्जापुर ही थे, जब उनका निधन हुआ। बता दें कि उन्हें कुछ समय पहले माइनर अटैक आया था।

काशी में होगा अंतिम संस्कार

छन्नूलाल का अंतिम का संस्कार वाराणसी स्थित मणिकर्णिका घाट पर किया जाएगा। परिजनों के मुताबिक लगभग दो महीने पहले माइनर अटैक आने के बाद पहले उन्हें मिर्जापुर सीट एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था, हालत बिगड़ने पर उन्हें बीएचयू रेफर कर दिया गया। छन्नूलाल को फेफड़े में इन्फेक्शन, खून की कमी, डायबिटीज और ब्लड प्रेशर की समस्या थी। BHU में उनका 17 दिनों तक इलाज चला। 27 सितंबर को डॉक्टरों ने उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी। इसके बाद वो अपने बेटी के घर चले गए। इसी बीच गुरुवार की सुबह उनकी तबियत खराब हुई और उनका निधन हो गया।

छन्नूलाल मिश्र को दिल से जुड़ी समस्या होने के बाद वाराणसी के सर सुंदरलाल अस्पताल में लाया गया था। पद्म विभूषण पुरस्कार से सम्मानित मिश्रा को बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) से संबद्ध एक अस्पताल के ICU में भर्ती कराया गया था, जहां डॉक्टरों ने उनकी हालत स्थिर बताई थी।

मिर्जापुर शुरू हुआ इलाज

इसके बाद मिश्र को मिर्जापुर के रामकृष्ण मिशन हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। उन्हें हीमोग्लोबिन की कमी और बेड सोर की शिकायत थी, जहां उनका इलाज चल रहा था।

मिश्र की बेटी नम्रता मिश्रा ने PTI को बताया था कि कुछ दिन पहले अचानक उनके पिता की तबीयत खराब हो गई। जब मिश्रा का ब्लड और यूरिन टेस्ट किया गया तो हीमोग्लोबिन कम पाया गया। इसके बाद उन्हें उनके घर के पास के रामकृष्ण मिशन हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। बाद में इलाज के लिए उन्हें सर सुंदरलाल हॉस्पिटल ले जाया गया।

टूट गई बनारस घराने की महत्वपूर्ण कड़ी

छन्नूलाल के निधन के साथ ही बनारस घराने की एक महत्वपूर्ण कड़ी टूट गई। अपनी गायकी की दम पर छन्नूलाल ने बनारस संगीत घराने को नई ऊंचाइयां दी। उन्हें साल 2010 में पद्म भूषण और साल 2021 में पद्म विभूषण सम्मान से नवाजा गया। उनकी संगीत के कायल पीएम नरेंद्र मोदी भी थे। साल 2014 में जब नरेंद्र मोदी बनारस चुनाव लड़ने काशी आए तो उन्होंने छन्नूलाल मिश्र को अपना प्रस्तावक बनाया।

छन्नूलाल मिश्रा के बारे में

3 अगस्त 1936 को जन्मे पंडित छन्नूलाल मिश्र, वाराणसी जैसे संगीत प्रेमियों के शहर से निकले और हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत की दुनिया में एक बड़ा नाम कमाया। किराना घराने के जाने-माने कलाकार के रूप में, ख्याल और 'पूरब अंग'– ठुमरी के उनके मधुर गायन ने संगीत जगत पर एक अमिट छाप छोड़ी है।

पंडित छन्नूलाल मिश्र की संगीत की यात्रा की शुरुआत उनके पिता, स्वर्गीय पंडित बद्रि प्रसाद मिश्र से हुई, जिन्होंने उन्हें शास्त्रीय संगीत की जटिल दुनिया से परिचित कराया। उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के छोटे से गांव हरिहरपुर में जन्मे, युवा छन्नूलाल की संगीत के प्रति गहरी रुचि उन्हें किराना घराने के उस्ताद अब्दुल गनी खान तक ले गई।

जिंदगी में कब आया बड़ा मोड़?

लेकिन, उनकी जिंदगी में बड़ा मोड़ तब आया जब पद्मभूषण से सम्मानित ठाकुर जयदेव सिंह ने उनकी असाधारण प्रतिभा को पहचाना। इसी के साथ गुरु-शिष्य परंपरा का एक गहरा रिश्ता शुरू हुआ। पंडित छन्नूलाल मिश्र की संगीत की रेंज क्लासिकल संगीत तक ही सीमित नहीं है। 'स्वरमंडल' बजाते हुए उनके प्रदर्शन से श्रोता मंत्रमुग्ध हो जाते थे। वे सहजता से विभिन्न शैलियों में संगीत प्रस्तुत करते थे और ख्याल, दादरा, ठुमरी, चैती, काजरी, सावन, होली और भजन जैसे संगीत रूपों में अपनी बहुमुखी प्रतिभा दिखाई थी।

Nitin Arora
नितिन अरोड़ाauthor

नितिन अरोड़ा टाइम्स नाउ नवभारत में न्यूज डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया में उनका 6 वर्षों का अनुभव है। वह राजनीति, देश–विदेश की बड़ी घटनाओं और समसामयिक मुद्दों को गहराई से समझकर उन्हें सटीक और सरल भाषा में प्रस्तुत करने में माहिर हैं। उन्होंने अपने करियर में लगातार करंट अफेयर्स, पॉलिटिकल डेवलपमेंट्स, डिप्लोमैटिक घटनाएं और डिफेंस सेक्टर से जुड़े विषयों पर प्रभावशाली कॉन्टेंट तैयार किया है और अबतक 6 हजार से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। विभिन्न टॉपिक्स पर एक्सप्लेनेर, डेटा-आधारित रिपोर्ट्स और विश्लेषणात्मक कॉपी लिखने में उनकी मजबूत पकड़ है।

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