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Chandrayaan-3 Latest Update: धरती छोड़ अब चांद की सैर करेगा चंद्रयान, 6 दिन में होगी एंट्री; ISRO ने बनाया यह खास प्लान

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Jul 31, 2023, 09:24 AM IST

Chandrayaan-3 Latest Update: चंद्रयान-3 धरती की कक्षा छोड़ चांद की कक्षा में प्रवेश करने वाला है। इस ऐतिहासिक कदम से चंद्रयान बस छह दिन दूर है। इसरो 1 अगस्त को 12 बजे से 1 बजे के बीच चंद्रयान-3 के थ्रस्टर्स को चालू करेगा। मध्ययात्रि में ट्रांस-लूनर इंजेक्शन की प्रक्रिया को पूरो होने में 28 से 31 मिनट का समय लग सकता है।

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चंद्रयान- 3

Photo : BCCL

Chandrayaan-3 Latest Update: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान केंद्र (ISRO) का तीसरा मिशन मून यानी चंद्रयान-3 अब धरती छोड़ चांद की सैर करने को तैयार है। ताजा अपडेट के मुताबिक, अब चंद्रयान-3 धरती की कक्षा छोड़ चांद की कक्षा में प्रवेश करने वाला है। इस ऐतिहासिक कदम से चंद्रयान बस छह दिन दूर है। चांद की कक्षा में चंद्रयान के प्रवेश के लिए ISRO की ओर से एक विशेष प्लान भी तैयार किया गया है।

जानकारी के मुताबिक, इसरो 1 अगस्त को 12 बजे से 1 बजे के बीच चंद्रयान-3 के थ्रस्टर्स को चालू करेगा। मध्ययात्रि में ट्रांस-लूनर इंजेक्शन की प्रक्रिया को पूरो होने में 28 से 31 मिनट का समय लग सकता है। इसरो का कहना है कि चंद्रयान के ऑनबोर्ड थ्रस्टर्स को ऐसे समय पर फायर किया जाएगा, जब चंद्रयान धरती के निकटतम बिंदु (Perigee) पर होगा।

ट्रांस-लूनर इंजेक्शन से पांच-छह घंटे पहले शुरू होंगे कमांड

जानकारी के मुताबिक, चंद्रयान-3 में ट्रांस-लूनर इंजेक्शन के लिए पहले से तैयार और लोड किए गए कमांड, थ्रस्टर्स के चालू होने से पांच से छह घंटे पहले ही शुरू कर दिए जाएंगे। वैज्ञानिकों का कहना है कि इससे चंद्रयान-3 को अपना एंगल बदलने में मदद मिलेगी और थ्रस्टर्स की फायरिंग से इसकी रफ्तार भी बढ़ जाएगी। बता दें, चंद्रयान-3 को औसतन 1.2 लाख किलोमीटर का सफर तय करने में करीब 51 घंटे का समय लगता है।

ISRO के पास होगा बड़ा टास्क

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, चंद्रमा की कक्षा में चंद्रयान-3 के पहुंचने के बाद इसरो के सामने एक बड़ा टास्क होगा। चंद्रयान-3 की ऊंचाई को कम करने और उसे 100 किमी की गोलाकार कक्षा में स्थापित करने के काम को इसरो को अंजाम देना होगा। बता दें, इसरो ने 17 अगस्त को लैंडिंग मॉड्यूल से अलग करने का समय दिया है। इसके बाद 23 अगस्त को चंद्रयान-3 को चंद्रमा की सतह पर लैंड कराया जाएगा।

प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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