CDS General Anil Chauhan: देश के दूसरे CDS जनरल अनिल चौहान ने आज पदभार ग्रहण कर लिया है। इस दौरान उन्होंने साउथ ब्लॉक, दिल्ली में गार्ड ऑफ ऑनर का निरीक्षण किया। इसस पहले वह अपने पिता के साथ राष्ट्रीय युद्ध स्मारक (National War Memorial) गए और वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उनके सामने सशस्त्र सेनाओं के तीनों अंगों के बीच समन्वय और महत्वाकांक्षी ‘थियेटर’ कमान के निर्माण का लक्ष्य है ताकि देश की सेनाओं को भविष्य की सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए तैयार किया जा सके।
पदभार ग्रहण करने के बाद कही ये बात
पदभार ग्रहण करने के बाद मीडिया से बात करते हुए जनरल चौहान ने कहा, 'मुझे गर्व है कि आज मैं भारतीय सेनाओं के प्रमुख पद पर कार्यभार संभालने जा रहा हूं। भारत सरकार, तीनों सेनाओं की आशाओं को पूरा करने की कोशिश करूंगा। हमारे सामने सुरक्षा संबंधी जो भी चुनौतियां और मुश्किलें हैं उसको साझा रूप से दूर करने की कोशिश करेंगे।' जनरल चौहान सेना की पूर्वी कमान के प्रमुख रह चुके हैं। तमिलनाडु में हेलीकॉप्टर दुर्घटना में, भारत के पहले सीडीएस जनरल बिपिन रावत के निधन के नौ महीने से ज्यादा समय बाद जनरल चौहान ने वरिष्ठतम सैन्य कमांडर का दायित्व ग्रहण किया है।
चीनी मामलों के माहिर
जनरल चौहान को चीन मामलों का विशेषज्ञ माना जाता है और शीर्ष पद पर उनकी नियुक्ति ऐसे समय हुई है जब पूर्वी लद्दाख में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच सीमा को लेकर विवाद बना हुआ है। भारतीय सेना के बेहद अनुभवी और अलंकृत अधिकारी, 61 वर्षीय लेफ्टिनेंट जनरल चौहान रक्षा मंत्रालय के सैन्य मामलों के विभाग के सचिव के तौर पर भी काम करेंगे। जनरल चौहान का जन्म 18 मई 1961 को हुआ था और 1981 में 11 गोरखा राइफल्स में उन्हें कमीशन मिला था। जनरल चौहान 2019 में बालाकोट हमले के दौरान सेना के सैन्य परिचालन महानिदेशक (डीजीएमओ) थे।
