देश

J&K के पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक से पूछताछ करेगी CBI , जानें- क्या है मामला

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Apr 22, 2023, 09:44 AM IST

Satya pal malik News: जम्मू-कश्मीर के पूर्व राज्यपाल रहे सत्यपाल मलिक से सीबीआई पूछताछ करेगी। मामला इंश्योरेंस स्कीम से संबंधित है जिसे उन्होंने खारिज किया था।

KEY HIGHLIGHTS
  • सत्यपाल मलिक बोले- सीबीआई ने समन नहीं किया है
  • 28 अप्रैल को उनके घर आएगी सीबीआई
  • इंश्योरेंस स्कीम से जुड़ा है मामला

Satya pal malik News: जम्मू-कश्मीर के पूर्व राज्यपाल रहे सत्यपाल मलिक से इंश्योरेंस केस(Insurance scheme) में सीबीआई पूछताछ करेगी। हालांकि उन्होंने सीबीआई के समन से इनकार किया है। हालांकि सीबीआई की टीम 28 अप्रैल को उनके घर कुछ स्पष्टीकरण के लिए आएगी। इस संबंध में TIMESNOW नवभारत के रिपोर्टर ने उनसे फोन पर बात की जिसमें उन्होंने कहा कि जब उन्हें पता चला की स्कीम में खामी है तो उन्होंने मंजूरी नहीं दी। बता दें कि इस समय वो बीजेपी और केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोले हुए हैें। एक साक्षात्कार में उन्होंने तरह तरह के आरोप लगाए थे।

2022 का है मामला

अप्रैल 2022 में सीबीआई ने बीमा योजना से संबंधित अनुबंधों के पुरस्कार में कथित कदाचार की जांच के लिए श्री मलिक द्वारा लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों के बाद राज्य प्रशासन के एक संदर्भ पर दो मामले दर्ज किए थे। एक मामला इंश्योरेंस स्कीम (जम्मू और कश्मीर कर्मचारी स्वास्थ्य देखभाल बीमा योजना) के लिए अनुबंध देने और 2017-18 में लगभग 60 करोड़ रुपए जारी करने में अनियमितताओं का आरोप लगाया गया था। आरोप मुख्य रूप से अपनाई गई प्रक्रिया और योजना के तहत निर्धारित दरों से संबंधित थे। एजेंसी के अनुसार राज्य प्रशासन ने पाया कि बीमाकर्ता के चयन की प्रक्रिया फरवरी 2017 में शुरू की गई थी और एक सलाहकार को प्रतिस्पर्धी बोली के माध्यम से नियुक्त किया गया था।

जून 2018 में एक नोटिस-आमंत्रण निविदा जारी की गई और प्रतिस्पर्धी बोली के माध्यम से 2018 में नए बीमाकर्ता का चयन किया गया। नई योजना के तहत 8,777 रुपए कर्मचारियों के लिए और 22,291 रुपए पेंशनर्स के लिए प्रीमियम निर्धारित किया गया था। इस स्कीम में प्रति कर्मचारी/पेंशनभोगी को 6 लाख प्रति वर्ष का बीमा निर्धारित किया गया था। लेकिन विरोध के बाद अक्टूबर 2018 में श्री मलिक द्वारा अनुबंध रद्द कर दिया गया था। वह अगस्त 2018 से अक्टूबर 2019 तक जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल थे।और दूसरा मामला करीब 2,200 करोड़ रुपए के सिविल कार्य से संबंधित था।

टाइम्स नाउ नवभारत
टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटलauthor

अक्टूबर 2017 में डिजिटल न्यूज़ की दुनिया में कदम रखने वाला टाइम्स नाउ नवभारत अपनी एक अलग पहचान बना चुका है। अपने न्यूज चैनल टाइम्स नाउ नवभारत की सोच एवं नजरिए के साथ आगे बढ़ते हुए यह न्यूज़ प्लेटफॉर्म आम लोगों से जुड़े मुद्दों का गहराई से विश्लेषण एवं उसे आसान भाषा में पेश करता आया है। राजनीति से लेकर खेल, मनोरंजन, कारोबार और आम लोगों के जीवन पर असर डालने वालीं खबरों का मायने समझाते हुए यह डिजिटल प्लेटफॉर्म लोगों के भरोसे पर खरा उतरा है। \n\nसाथ ही यह अपने न्यूज़ चैनल पर दिखाए जाने वाली खबरों, शोज, स्पशेल कार्यक्रमों एवं रिपोर्टों को पेश करता है। चैनल के ये कार्यक्रम एवं शोज देश-दुनिया के घटनाक्रमों पर एक नया एवं विश्वसनीय नजरिया देते हैं। अपनी खबरों एवं विश्लेषण के चलते पसंदीदा न्यूज़ प्लेटफॉर्म बन चुका टाइम्स नाउ नवभारत, डिजिटल लोगों के भरोसे को लगातार मजबूत कर रहा है।

और पढ़ें
End of Article