Arvind Kejriwal on Gen-Z: नीट यूजी-2026 (NEET-UG 2026) परीक्षा के पेपर लीक होने के आरोपों के बीच, परीक्षा रद्द होने पर AAP के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने एक बार फिर केंद्र सरकार पर बरसे। केजरीवाल ने CBI जांच को नाकाफी बताया और कहा कि इससे कुछ हासिल नहीं होगा। केजरीवाल ने नेपाल और बांग्लादेश में Gen-Z द्वारा सरकारें गिराने का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि क्या Gen-Z हमारे देश में पेपर लीक के जिम्मेदार लोगों को जेल नहीं भेज सकती।
Gen-Z से केजरीवाल का सवाल
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि 2017, 2021, 2024 में भी पेपर लीक हुए थे। उस समय जांच CBI को सौंपी गई थी। क्या CBI ने कुछ किया?... इस बार भी जांच CBI को सौंपी गई है। क्या CBI कुछ करेगी? CBI उन्हीं लोगों के इशारों पर चलती है जो देश में पेपर लीक करवा रहे हैं। मोदी सरकार के सत्ता में आने के बाद से कुल 93 पेपर लीक हुए हैं। लगभग 6 करोड़ युवाओं का भविष्य इन पेपरों पर टिका था, इससे संदेह पैदा होता है। क्या पेपर लीक के पीछे कोई नेता हैं? अगर नेपाल और बांग्लादेश की Gen-Z सरकारें बदल सकती हैं, तो क्या हमारे देश की Gen-Z पेपर लीक के लिए जिम्मेदार मंत्रियों को जेल नहीं भेज सकती?
NEET (UG) 2026 परीक्षा रद्द
बता दें कि राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) ने मंगलवार 12 मई को NEET (UG) 2026 परीक्षा को पेपर लीक के आरोपों के बीच रद्द कर दिया था। परीक्षा 3 मई को आयोजित हुई थी। सरकार ने CBI को अनियमितताओं की व्यापक जांच करने का निर्देश दिया है। परीक्षा अब अलग से अधिसूचित तारीखों पर फिर से आयोजित की जाएगी। राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) ने एक बयान में कहा कि यह निर्णय पारदर्शिता बनाए रखने और राष्ट्रीय परीक्षा प्रणाली में विश्वास को संरक्षित करने के हित में लिया गया है। एजेंसी ने कहा कि प्राप्त जानकारी और कानून प्रवर्तन एजेंसियों द्वारा साझा किए गए निष्कर्षों से यह स्पष्ट होता है कि मौजूदा परीक्षा प्रक्रिया को जारी रखना संभव नहीं था।
सरकार सिर्फ आंदोलन की भाषा समझती है: केजरीवाल
नीट पेपर लीक और परीक्षा रद्द करने के फैसले पर विपक्ष सरकार पर हमलावर है। आम आदमी पार्टी संयोजक अरविंद केजरीवाल ने इसे सरकार की नाकामी बताया है। परीक्षा पेपर लीक के आरोपों के बीच इसे रद्द किए जाने पर AAP के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने 12 मई को कहा था, यह पहली बार नहीं है जब NEET परीक्षा का पेपर लीक हुआ है। ऐसा चार बार हो चुका है। इसका सीधा मतलब है कि इसमें मिलीभगत और राजनीतिक संरक्षण है। इस देश में क्या हो रहा है? जो लोग एक परीक्षा ठीक से नहीं करा सकते, वे सरकार क्या चलाएंगे? यह पूरी तरह से मिलीभगत का मामला है। मेरी संवेदनाएं परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों के साथ हैं। मैं उनसे कहना चाहता हूं कि यह सरकार सिर्फ आंदोलन की भाषा समझती है और केजरीवाल उनके साथ खड़ा रहेगा।
