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'बांस की साइकिल' पर सवार हुए हिमंत बिस्व सरमा, BIS सर्टिफाइड Bamboo Bicycle का गुवाहाटी में जल्द पब्लिक ट्रायल

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने BIS सर्टिफाइड बांस की साइकिल चलाई। गुवाहाटी के पार्कों में जल्द इसका पब्लिक ट्रायल शुरू होगा, जहां लोग साइकिल चलाकर अपना फीडबैक दे सकेंगे।

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'बांस की साइकिल' पर सवार हुए हिमंत बिस्व सरमा

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने शुक्रवार को गांधी जयंती के मौके पर गुवाहाटी में बांस के फ्रेम वाली एक अनोखी साइकिल (Bamboo Bicycle) लॉन्च की, जिससे पर्यावरण के अनुकूल आवागमन और बांस से बने प्रोडक्ट्स के इस्तेमाल को बढ़ावा मिलेगा। हिमंत ने कहा कि बांस के फ्रेम वाली साइकिल को एक पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर पेश किया जा रहा है और इसे ब्यूरो ऑफ़ इंडियन स्टैंडर्ड्स (BIS) कैटेगरी के तहत विकसित किया जाएगा।

असम में स्थानीय रूप से मिले बांस से बनी इस साइकिल को गांधी जयंती के मौके पर गुवाहाटी में ब्रह्मपुत्र रिवरफ्रंट पर लॉन्च किया गया।पत्रकारों से बात करते हुए, सरमा ने कहा कि बांस के फ्रेम वाली साइकिल को एक पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर पेश किया जा रहा है और इसे ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड्स (BIS) कैटेगरी के तहत विकसित किया जाएगा।

उन्होंने कहा, 'आज गांधी जयंती है, जो बहुत शुभ दिन है। इस मौके पर, हमने देश में बांस से बनी पहली साइकिल पेश की है। यह साइकिल BIS कैटेगरी में होगी, लेकिन इसका फ्रेम बांस का बना होगा।'

'बांस का फ्रेम स्टील से ज्यादा मजबूत होता है'

सरमा ने कहा कि 'बैम्बू इंडिया' ने दावा किया है कि बांस का फ्रेम स्टील से ज़्यादा मज़बूत होता है और उन्होंने कहा कि सरकार लोगों की राय के आधार पर इस प्रोजेक्ट को बढ़ाने पर विचार करेगी।उन्होंने कहा, 'अगर लोगों की राय अच्छी रही, तो हम इन साइकिलों को गुवाहाटी के सभी पार्कों में और अपनी खरीद में शामिल करेंगे।'

नया ब्रांड, 'असम बैम्बू साइकिल' लॉन्च

'बैम्बू इंडिया प्राइवेट लिमिटेड' के फाउंडर और डायरेक्टर युगेश सुरेश शिंदे ने कहा कि कंपनी असम सरकार और BIS की मदद से अपना नया ब्रांड, 'असम बैम्बू साइकिल' लॉन्च कर रही है।उन्होंने कहा कि कंपनी को असम इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (AIDC), गुवाहाटी स्मार्ट सिटी लिमिटेड और गुवाहाटी म्युनिसिपल कॉरपोरेशन से मदद मिली है। उनके अनुसार, शुरुआती प्रोडक्शन का लक्ष्य हर महीने 1,000 साइकिल बनाना है, जिसे भविष्य में बढ़ाकर 5,000 साइकिल प्रति माह करने की योजना है।

लोग समझें कि बांस सिर्फ़ कला और शिल्प के लिए नहीं है...

उन्होंने कहा कि मकसद बांस की साइकिलों को सिर्फ़ शौक या सजावट की चीज तक सीमित न रखकर उन्हें आम इस्तेमाल का प्रोडक्ट बनाना है।सिंडे ने कहा, 'हम इसे एक ऐसी असली साइकिल बनाना चाहते हैं जिसका इस्तेमाल लोग रोज़ाना आने-जाने के लिए कर सकें, ताकि असम के बांस कल्चर में एक नया बदलाव आए और लोग समझें कि बांस सिर्फ कला और शिल्प के लिए नहीं है, बल्कि इसका इस्तेमाल प्रैक्टिकल प्रोडक्ट्स के लिए भी किया जा सकता है।'

कंपनी तीन मुख्य तरह की साइकिलें बनाने की योजना बना रही

कंपनी तीन मुख्य तरह की साइकिलें बनाने की योजना बना रही है- सिंगल-गियर साइकिल, गियर वाली साइकिल और बैटरी से चलने वाली साइकिल। साथ ही, कंपनी बच्चों के लिए भी साइकिलें बनाने और मांग के आधार पर अपनी रेंज को बढ़ाकर रोड बाइक, माउंटेन बाइक और हाइब्रिड साइकिलें भी शामिल करने की योजना बना रही है।

Ravi Vaish
रवि वैश्यauthor

रवि वैश्य टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर कार्यरत एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 20 वर्षों का व्यापक अनुभव हासिल है। खबरों की बारीकियों को समझने और तेजी से प्रस्तुत करने में उनकी विशेष दक्षता है। टीवी पत्रकारिता में रिपोर्टिंग और डेस्क—दोनों क्षेत्रों में अनुभव होने के कारण वे समाचारों को बहुआयामी दृष्टिकोण से देखते हैं। देश–दुनिया की ताजातरीन अपडेट्स, ब्रेकिंग न्यूज, एक्सप्लेनर और विशेष स्टोरीज तैयार करने में वे सिद्धहस्त हैं। उनकी प्राथमिकता हमेशा यही रही है कि हर खबर तेज, सटीक और जानकारीपूर्ण रूप में पाठकों तक पहुंचे। रवि वैश्य अब तक 22,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, इंटरव्यू, ग्राउंड रिपोर्ट्स, विश्लेषण और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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