कांग्रेस के पंजाब प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने शुक्रवार को पार्टी नेता राहुल गांधी से मुलाकात कर अपने पद से औपचारिक इस्तीफा सौंप दिया। वड़िंग पिछले चार साल से अधिक समय से पंजाब कांग्रेस की कमान संभाल रहे थे। उनका इस्तीफा ऐसे समय हुआ है जब पंजाब में अगले साल की शुरुआत में विधानसभा चुनाव होने हैं।
पंजाब कांग्रेस में लंबे समय से चल रही गुटबाजी और आपसी खींचतान के बीच वड़िंग का इस्तीफा सामने आया है। पार्टी ने हाल ही में पंजाब के एआईसीसी प्रभारी भूपेश बघेल की जगह सचिन पायलट को नया प्रभारी नियुक्त किया था। बघेल ने पंजाब में पार्टी के अलग-अलग गुटों के बीच मतभेद दूर करने के लिए कई सप्ताह तक राज्य में सक्रियता दिखाई थी।
वड़िंग ने अपना इस्तीफा औपचारिक रूप से सौंपा
वड़िंग ने राहुल गांधी से मुलाकात के बाद पत्रकारों से कहा कि उन्होंने कांग्रेस नेता को अपना इस्तीफा औपचारिक रूप से सौंप दिया है। उन्होंने बताया कि राहुल गांधी ने पंजाब के मौजूदा राजनीतिक हालात, राज्य सरकार के कामकाज और कांग्रेस को आगे क्या रणनीति अपनानी चाहिए, इसकी जानकारी ली।
वड़िंग के मुताबिक, उन्होंने राहुल गांधी के सामने पंजाब में कांग्रेस के सामने मौजूद चुनौतियों और पार्टी की ताकतों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि बातचीत में इस बात पर भी विचार हुआ कि पार्टी इन चुनौतियों का सामना किस तरह कर सकती है। राजा वड़िंग ने कहा कि राहुल गांधी ने उन्हें पंजाब कांग्रेस का अध्यक्ष बनाया था और उन्होंने मुश्किल परिस्थितियों में राज्य संगठन का नेतृत्व करने का अवसर देने के लिए उनका आभार जताया। उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी को जब भी उनकी जरूरत होगी, वह उसकी सेवा के लिए तैयार रहेंगे।
कौन बन सकता है नया पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष?
वड़िंग के इस्तीफे के बाद अब पंजाब कांग्रेस के नए अध्यक्ष को लेकर चर्चा तेज हो गई है। पूर्व राज्य मंत्री विजय इंदर सिंगला का नाम इस दौड़ में प्रमुखता से सामने आ रहा है। सिंगला एआईसीसी के सह-कोषाध्यक्ष भी हैं और पार्टी की संपत्तियों की देखरेख की जिम्मेदारी संभालते हैं।पंजाब में विधानसभा चुनाव से कुछ महीने पहले प्रदेश अध्यक्ष में बदलाव को कांग्रेस के लिए संगठनात्मक स्तर पर अहम कदम माना जा रहा है। हालांकि, नए अध्यक्ष के चयन को लेकर पार्टी की ओर से अंतिम घोषणा अभी बाकी है।
