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UP Election: रील-मीम से WhatsApp तक BJP की डिजिटल सेना एक्टिव, 30 मिनट में विपक्ष के नेगेटिव नैरेटिव का जवाब देंगे वालंटियर्स

UP Assembly Election 2027: यूपी विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर बीजेपी ने अपनी डिजिटल तैयारियों को तेज करते हुए पूर्वांचल से अभियान की शुरुआत कर दी है। वाराणसी पहुंचे प्रदेश प्रभारी विनोद तावड़े ने आईटी सेल के वालंटियर्स को '30 मिनट टास्क' देते हुए सोशल मीडिया पर विपक्ष के दावों और नकारात्मक नैरेटिव का जवाब देने की रणनीति समझाई।

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यूपी चुनाव 2027 के लिए बीजेपी का डिजिटल दांव (AI Generated/Verified by Newsroom)

UP Assembly Election 2027: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने अपनी तैयारियों को तेज कर दिया है। पार्टी अब चुनावी रणनीति के साथ-साथ डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी संगठन को मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है। इसी क्रम में बीजेपी के प्रदेश प्रभारी विनोद तावड़े वाराणसी पहुंचे और यहां से 'मिशन पूर्वांचल' की शुरुआत की। उन्होंने आईटी सेल से जुड़े वालंटियर्स के साथ कार्यशाला आयोजित कर उन्हें आगामी चुनाव के लिए डिजिटल स्तर पर सक्रिय रहने का संदेश दिया।

क्या है '30 मिनट टास्क'?

कार्यशाला के दौरान वालंटियर्स (डिजिटल योद्धाओं) के लिए खास '30 मिनट टास्क' की रणनीति सामने रखी गई। इसके तहत कार्यकर्ताओं को सोशल मीडिया पर सामने आने वाले विपक्षी दावों और नकारात्मक नैरेटिव का जल्द जवाब देने की तैयारी करने को कहा गया। बीजेपी की योजना है कि उसके डिजिटल कार्यकर्ता अलग-अलग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सक्रिय रहेंगे और रील, मीम तथा अन्य डिजिटल कंटेंट के जरिए पार्टी का पक्ष लोगों तक पहुंचाएंगे।

दस्तावेजों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए सरकारी योजनाओं की जानकारी

पार्टी चुनाव के दौरान बड़ी संख्या में वॉट्सऐप ग्रुप तैयार करने की भी योजना बना रही है। इन ग्रुप के जरिए बीजेपी की नीतियों, सरकार की योजनाओं और संगठन से जुड़ी जानकारी को डिजिटल माध्यम से लोगों तक पहुंचाने पर जोर रहेगा। तावड़े ने कहा कि सरकारी योजनाओं की जानकारी केवल दस्तावेजों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि युवाओं के बनाए डिजिटल कंटेंट और रील्स के जरिए भी लोगों तक पहुंचनी चाहिए।

'हर बूथ पर 10 यूथ' का लक्ष्य

विनोद तावड़े ने युवाओं से इंस्टाग्राम समेत सोशल मीडिया के अन्य प्लेटफॉर्म पर सक्रिय होने की अपील की। उन्होंने कार्यकर्ताओं से बिना झिझक अधिक से अधिक रील बनाने और सरकार के कामकाज की जानकारी जनता तक पहुंचाने को कहा। उन्होंने 'हर बूथ पर 10 यूथ' का लक्ष्य भी सामने रखा। तावड़े ने नेपाल और बांग्लादेश के साथ-साथ CJP और जंतर-मंतर का जिक्र करते हुए सोशल मीडिया पर सक्रियता के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव की गतिविधियां केवल पारंपरिक चुनावी मैदान तक सीमित नहीं रहेंगी, बल्कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म भी राजनीतिक संवाद का एक महत्वपूर्ण माध्यम होंगे।

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