Flydubai Captain Smit Wife Exclusive Interview: मिड-एयर कॉकपिट हमले में अदम्य साहस दिखाते हुए कई यात्रियों की जान बचाने वाले फ्लाईदुबई (Flydubai) के भारतीय कैप्टन स्मित की स्थिति में तेजी से सुधार हो रहा है। घटना के बाद कैप्टन स्मित की पत्नी ने पहली बार देश और दुनिया से मिल रहे प्यार व समर्थन पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। टाइम्स नाउ के रिपोर्टर अरुणील सदड़ेकर से एक्सक्लूसिव बात करते हुए (टेलीफोनिक बातचीत) उन्होंने बताया कि पूरा परिवार इस समय उनके साथ मौजूद है और कैप्टन स्मित की बहादुरी पर सभी को बेहद गर्व और सम्मान की अनुभूति हो रही है।
'कोई यह सोचकर उड़ान नहीं भरता कि सह-पायलट ही हमला कर देगा'
एक्सक्लूसिव बात करते हुए कैप्टन स्मित की पत्नी ने भावुक होते हुए कहा कि जिस तरह से उनके पति ने कॉकपिट के भीतर आपात स्थिति में मुकाबला किया, वह वाकई सराहनीय है:
उन्होंने कहा, 'हम बेहद गर्वित और सम्मानित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने जो कुछ भी किया, वे उसी के लिए प्रशिक्षित किए गए थे। लेकिन कोई भी पायलट यह सोचकर उड़ान भरने नहीं जाता कि उसका साथी पायलट ही उस पर हमला कर देगा। हमें राहत है कि वे अब तेजी से ठीक हो रहे हैं।'
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि चूंकि वे अभी रिकवरी के दौर से गुजर रहे हैं, इसलिए उन्होंने अभी तक कॉकपिट में हुई उस खौफनाक घटना के बारे में उनसे विस्तार से कोई बातचीत नहीं की है।
'दुनियाभर से मिल रहा प्यार, पीएम मोदी के शब्द बेहद खास'
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा कैप्टन स्मित के अदम्य साहस की सराहना किए जाने पर परिवार ने उनका आभार जताया। उनकी पत्नी ने कहा, 'जिस तरह से दुनियाभर के वैश्विक नेता और आम लोग कैप्टन स्मित के साहस की प्रशंसा कर रहे हैं, वह शब्दों से परे है। हम दुनिया के हर कोने से मिल रहे प्यार और सम्मान को महसूस कर रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके लिए जो कहा, वह हमारे और पूरे परिवार के लिए बेहद खास है।'
जल्द भारत वापसी का इंतजार, निजता की अपील
परिवार ने बताया कि कैप्टन स्मित के माता-पिता भी उनसे मिल चुके हैं और पूरा परिवार इस वक्त एक साथ है। उन्होंने कहा कि वे जल्द से जल्द अपने वतन भारत लौटने का इंतजार कर रहे हैं और जानते हैं कि देशवासी भी उनके स्वागत के लिए उत्सुक हैं। हालांकि, उन्होंने अपील की है कि फिलहाल वे चाहते हैं कि कैप्टन स्मित पूरी तरह से स्वस्थ हो जाएं, इसलिए इस वक्त परिवार को थोड़ा समय और निजता दी जाए।
