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'मुश्किल घड़ी में हनुमान चालीसा पढ़ता हूं, सबको मरने नहीं...', भावुक हुए कैप्टन स्मित तो PM मोदी ने दिया दिल छू लेने वाला जवाब

Captain smit Machchhar: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्लाईदुबई की घटना में घायल भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार से वीडियो कॉल पर बातचीत की। इस दौरान स्मित भावुक हो गए और उन्होंने पीएम मोदी को अपना सबसे बड़ा आदर्श बताया। उन्होंने यह भी बताया कि मुश्किल परिस्थिति में वह हनुमान चालीसा का पाठ करते हैं और घटना के दौरान भी ऐसा ही कर रहे थे। पीएम मोदी ने उनके साहस और सूझबूझ की सराहना की।

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कैप्टन स्मित ने पीएम मोदी से फोन पर की बातचीत। ANI

Captain smit Machchhar: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कैप्टन स्मित मच्छार से फोन के जरिए वीडियो कॉल पर शुक्रवार को बातचीत की। बातचीत के दौरान कैप्टन स्मित ने भावुक हो उठे। उन्होंने बताया कि जब भी वह किसी मुश्किल परिस्थिति में होते हैं, तो हनुमान चालीसा का पाठ करते हैं। उन्होंने कहा कि फ्लाईदुबई की उड़ान के दौरान जब वह मुश्किल स्थिति में थे, तब भी वह हनुमान चालीसा का पाठ कर रहे थे। बता दें कि कैप्टन स्मित की बहादुरी और सूझबूझ की घटना के बाद दुनियाभर में चर्चा हो रही है।

बातचीत के दौरान जब वो ज्यादा भावुक हो गए तो उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कहा कि मैं माफी मांगता हूं कि मैं आपके सामने मेरे आंखों से आंसू निकल रहे हैं। इस पर पीएम मोदी ने कहा, स्मित आप अगर मेरे सामने नहीं भावुक होंगे तो कहां होंगे।

'आप मेरे सबसे बड़े आदर्श हैं'

बातचीत के दौरान कैप्टन स्मित ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कहा कि वह उनके सबसे बड़े आदर्श हैं। पीएम मोदी ने भी कैप्टन स्मित के साहस की सराहना करते हुए कहा कि देश गर्व के साथ कह सकता है कि भारतीय दूसरों की जान लेने वाले नहीं, बल्कि दूसरों की जान बचाने के लिए अपनी जान जोखिम में डालने वाले लोग हैं।

प्रधानमंत्री ने बृहस्पतिवार को कहा था कि गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद और अत्यंत संकट के क्षणों में भी मच्छार ने दूसरों की जान बचाने के लिए असाधारण धैर्य और दृढ़ संकल्प का परिचय दिया। मोदी ने कहा था कि मच्छार एक ’’नायक’’ हैं और उनके पराक्रम ने सैकड़ों लोगों की जान बचाकर एक बड़ी त्रासदी को टाल दिया। प्रधानमंत्री ने संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) के शताब्दी समारोह को संबोधित करते हुए यह भी कहा था कि फ्लाईदुबई विमान के पायलट ने अद्भुत धैर्य, सूझबूझ और बहादुरी दिखाई।

उन्होंने कहा था, ’’जैसा कि इजराइल के प्रधानमंत्री (बेंजामिन नेतन्याहू) ने भी कहा कि इस भारतीय सपूत ने 9/11 जैसी भयानक साजिश को नाकाम कर दिया। स्मित की इस बहादुरी से हर भारतीय का सीना गर्व से चौड़ा हो गया है।’’

मोदी ने मच्छार की पत्नी और उनके माता-पिता से भी बात की और सैकड़ों लोगों की जान बचाने के उनके साहस को नमन किया। दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान एफजेड1073 ने बुधवार को आपात संकेत भेजे थे। इसके बाद विमान 34,000 फुट की ऊंचाई से तेजी से 17,000 फुट से अधिक नीचे आ गया। बाद में उसका मार्ग सऊदी अरब के तबूक शहर स्थित प्रिंस सुल्तान बिन अब्देल अजीज हवाईअड्डे की ओर मोड़ दिया गया। विमान में 27 बच्चों समेत 174 यात्री सवार थे।

सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे वीडियो में पायलट खून से लथपथ, ऑक्सीजन मास्क पहने और विमान की ’गैली’ में पीठ के बल लेटे हुए दिखाई दे रहे हैं। इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अपने पहले के बयान में कहा था कि एक इजराइली यात्री ने उन्हें बताया कि विमान तेजी से घूमने लगा और नीचे उतरने लगा। इसके बाद यात्री और चालक दल का एक सदस्य कॉकपिट में घुसने में कामयाब रहा और दोनों ने मिलकर उस पायलट पर काबू पाया, जिसने विमान की प्रणाली को नुकसान पहुंचाने की कोशिश के दौरान मच्छार पर चाकू से हमला किया था।

भाषा खारी मनीषा

फ्लाइट में हुआ क्या था?

दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 में बुधवार को कॉकपिट के अंदर हुई झड़प के दौरान पायलट कैप्टन स्मित मच्छार गंभीर रूप से घायल हो गए। गंभीर चोट के बावजूद उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफलता हासिल की, जिससे यात्रियों और चालक दल के सदस्यों को स्थिति में हस्तक्षेप करने का मौका मिला। घटना के बाद विमान का रुख बदला गया और इसे सऊदी अरब के ताबुक में सुरक्षित उतारा गया। कैप्टन स्मित मच्छार का फिलहाल ताबुक के एक अस्पताल में इलाज चल रहा है।

Piyush Kumar
पीयूष कुमारauthor

पीयूष कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर Senior Copy Editor के रूप में कार्यरत हैं। देश-दुनिया की हलचल पर उनकी पैनी नजर रहती है और इन घटनाओं को सटीक, सरल और असरदार अंदाज में खबरों की भाषा देना उनकी सबसे बड़ी ताकत है। ब्रेकिंग न्यूज की रफ्तार हो या किसी जटिल मुद्दे को आसान बनाकर समझाने वाले एक्सप्लेनर—पीयूष दोनों में बराबर दक्षता रखते हैं। न्यूज जजमेंट, फैक्ट-बेस्ड राइटिंग और एंड-टू-एंड कॉपी प्रोडक्शन पर इनकी पकड़ मजबूत है और अबतक 4,000 से अधिक स्टोरी लिख चुके हैं।

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