तीन राज्यों की तीन विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव के नतीजे आ चुके हैं। तीन में से दो सीटों पर भारतीय जनता पार्टी की हार हुई है। वो भी ऐसी सीटों पर जिनमें से बांकीपुर सीट पर उसकी जीत पक्की मानी जा रही थी। बिहार की बांकीपुर और मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर उपचुनाव में अप्रत्याशित हार के बाद भारतीय जनता पार्टी में मंथन शुरू हो गया है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने इन नतीजों के बाद पहली प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि भाजपा उपचुनावों में मिले जनादेश का सम्मान करती है। जहां अपेक्षित परिणाम नहीं मिले, वहां संगठन आत्ममंथन कर आगे की रणनीति तैयार करेगा।
मांजलपुर विधानसभा सीट पर जीत के बाद क्या बोले नितिन नवीन
उपचुनाव के नतीजों के बाद भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने एक्स पर पोस्ट कर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि आज तीन विधानसभा उपचुनावों में आए जनादेश को हम स्वीकार करते हैं। गुजरात की मांजलपुर विधानसभा में भारतीय जनता पार्टी पर अपना विश्वास व्यक्त करने के लिए वहां की जनता का हृदय से आभार। इस विजय के लिए भाजपा के सभी समर्पित कार्यकर्ताओं एवं पदाधिकारियों को हार्दिक बधाई।
बांकीपुर और दतिया पर मंथन
वहीं, बिहार के बांकीपुर और मध्य प्रदेश की दतिया सीट पर पार्टी को मिली हार पर उन्होंने कहा कि इन दोनों क्षेत्रों के चुनाव परिणामों का विस्तृत विश्लेषण किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि संगठन यह समझने की कोशिश करेगा कि किन कारणों से जनता ने अपेक्षित समर्थन नहीं दिया। नितिन नवीन ने कहा कि चुनावी नतीजे किसी भी राजनीतिक दल के लिए सीखने और खुद को बेहतर बनाने का अवसर होते हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि भाजपा नए उत्साह और संकल्प के साथ दोबारा जनता के बीच जाएगी तथा जनविश्वास को और मजबूत करने के लिए लगातार काम करेगी।
30 साल पुराने गढ़ में मिली हार
बांकीपुर का परिणाम भाजपा के लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि यह सीट तीन दशक से अधिक समय तक पार्टी के कब्जे में रही थी। 1995 से यह विधानसभा क्षेत्र भाजपा का मजबूत गढ़ माना जाता रहा है। पहले यहां से नवीन किशोर प्रसाद सिन्हा विधायक रहे और बाद में उनके बेटे नितिन नवीन लगातार पांच बार इस सीट का प्रतिनिधित्व करते रहे। नितिन नवीन के राज्यसभा सदस्य बनने के बाद सीट खाली होने से उपचुनाव कराया गया।इस बार जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने भाजपा उम्मीदवार नीरज कुमार को 19,324 मतों के अंतर से हराकर जीत दर्ज की। निर्वाचन आयोग के अनुसार प्रशांत किशोर को 64,151 वोट, जबकि नीरज कुमार को 44,827 वोट मिले। उपचुनाव में 34.24 प्रतिशत मतदान रिकॉर्ड किया गया।
जीत के बाद प्रशांत किशोर का संदेश
परिणाम आने के बाद प्रशांत किशोर ने इसे केवल एक विधानसभा सीट की जीत नहीं,बल्कि बिहार की राजनीति को लेकर जनता का व्यापक संदेश बताया। उनका कहना था कि राज्य की जनता बेहतर नेतृत्व और नई राजनीतिक दिशा की अपेक्षा रखती है। वहीं बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी चुनाव परिणाम पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रशांत किशोर को जीत की बधाई दी और कहा कि लोकतंत्र में जनता का निर्णय सर्वोपरि होता है तथा उसका सम्मान किया जाना चाहिए।
