Bullet Trian News: भारत के महत्वाकांक्षी बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट को लेकर केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने बताया कि इस परियोजना में कुल 12 स्टेशन शामिल हैं, जिनमें साबरमती को टर्मिनल स्टेशन के रूप में विकसित किया जा रहा है, जबकि मुंबई में बुलेट ट्रेन का टर्मिनल बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स (BKC) में होगा। मंत्री के अनुसार, इस प्रोजेक्ट के लिए तीन डिपो तैयार किए जा रहे हैं, जो एक असामान्य स्थिति है, क्योंकि सामान्यतः 508 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर के लिए दो डिपो पर्याप्त होते हैं।
देरी की वजह और अतिरिक्त इंतजाम
अश्विनी वैष्णव ने दावा किया कि उद्धव ठाकरे के कार्यकाल के दौरान महाराष्ट्र सरकार द्वारा आवश्यक परमिशन और मंज़ूरी रोक दिए जाने के कारण परियोजना में काफी देरी हुई। उनकी मानें तो इस प्रशासनिक देरी का सीधा असर निर्माण प्रक्रिया पर पड़ा, जिसके चलते अब अतिरिक्त व्यवस्थाएं करनी पड़ रही हैं। तीन डिपो का निर्माण भी इसी रणनीतिक बदलाव का हिस्सा बताया जा रहा है।
सुरंग का फाइनल ब्रेकथ्रू
इसके अलावा रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शुक्रवार को नई दिल्ली के रेल भवन से महाराष्ट्र के पालघर जिले में बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट की 1.5 किलोमीटर लंबी पहाड़ी सुरंग के फाइनल ब्रेकथ्रू को वर्चुअली देखा। रेलवे मंत्रालय के एक प्रेस नोट में कहा गया है, "यह 1.5 किलोमीटर लंबी पहाड़ी सुरंग पालघर जिले की सबसे लंबी सुरंगों में से एक है और विरार और बोइसर बुलेट ट्रेन स्टेशनों के बीच स्थित है। यह महाराष्ट्र में दूसरा सुरंग ब्रेकथ्रू है, क्योंकि ठाणे और BKC के बीच पहली 5 किलोमीटर लंबी भूमिगत सुरंग सितंबर 2025 में पूरी हो गई थी।"
320 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार
508 किलोमीटर लंबा मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल प्रोजेक्ट, जो गुजरात, महाराष्ट्र और दादरा और नगर हवेली से होकर गुजरता है, भारत का एकमात्र हाई-स्पीड रेल प्रोजेक्ट है जिसे 320 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से बुलेट ट्रेन चलाने के लिए डिज़ाइन किया गया है, जो पूरी दूरी 2 घंटे और 17 मिनट में तय करेगा। यह प्रोजेक्ट जापानी सरकार की तकनीकी और वित्तीय सहायता से पूरा किया जा रहा है।
