अहमदाबाद : अहमदाबाद और मुंबई के बीच बुलेट ट्रेन का सपना साकार होता जा रहा है। यह सपना तेजी से आकार ले रहा है। बुलेट ट्रेन के बन जाने से अहमदाबाद से मुंबई पहुंचना बहुत ही आसान हो जाएगा। मुबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन कॉरिडोर कुल 508 किमी लंबा है, जिसमें कुल 12 स्टेशन होंगे। इस रूट पर 8 स्टेशन गुजरात में, जबकि 4 स्टेशन महाराष्ट्र में बन रहे हैं। बुलेट ट्रेन को लेकर ताजा अपडेट आपके चेहरे पर खुशी की लहर ले आएगा।
कोलक नदी पर बना पुल
नेशनल हाई-स्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (NHSRCL) ने गुजरात के वलसाड़ जिले में कोलक नदी पर 160 मीटर लंबा पुल तैयार कर लिया है। इसी मंगलवार को सूचना दी गई कि इस पुल का काम पूरा हो चुका है। इस पुल का काम पूरा होने के साथ ही 508 किमी लंबी बुलेट ट्रेन मार्ग पर बनने वाले कुल 24 पुल (नदियों के ऊपर) में से 9 बनकर तैयार हो चुके हैं। बताया गया कि इसमें वापी और विलमोरा स्टेशनों के बीच बने पुलों में चार फुल-स्पैन गर्डर भी शामिल हैं, जो 40-40 मीटर के हैं।बता दें कि कोलक नदी, वापी से 7 किमी और बिलिमोरा रेलवे स्टेशन से करीब 43 किमी दूर है। कोलक नहीं यहां वलवेरी के पास सपुतरा के पहाड़ों से निकलती है और अरब सागर में जाकर गिरती है। NHSRCL के अनुसार वापी जिले में कोलक नदी के अलावा वलसाड में पार और औरंगा नदी, नवसारी में पूर्णा, मिंढोला, अंबिका और वेंगनिया नदी, खेड़ा जिले में मोहर और वडोदरा जिले में धाधर नदी के ऊपर पुल बनाए गए हैं।
ये स्टेशन बन रहे
इनके अलावा नर्मदा, ताप्ती, माही और साबरमती नदियों के ऊपर पुल बनाए जाने का काम अभी जारी है। अहमदाबाद से मुंबई के बीच बन रहे इस 508 किमी लंबे बुलेट ट्रेन रूट पर बन रहे स्टेशनों की लिस्ट -- साबरमती
- अहमदाबाद
- आणद
- वडोदरा
- भरूच
- सूरत
- बिलिमोरा
- वापी
- बोइसर
- विवार
- ठाणे
- मुंबई
ट्रांसपोर्ट हब के रूप में विकसित होंगे स्टेशन
NHSRCL का कहना है कि बुलेट ट्रेन के स्टेशनों का निर्माण कार्य भी तेजी से चल रहा है। बताया गया कि गुजरात में बनने वाले सभी 8 स्टेशनों का फाउंडेशन वर्क पूरा हो चुका है। सुपरस्ट्रक्चर के कंस्ट्रक्शन का काम एडवांस स्टेज में पहुंच चुका है। बुलेट ट्रेन के स्टेशन पर यात्रियों के लिए एडवांस स्तर की सुविधाएं उपलब्ध होंगी। कुछ स्टेशनों को तो ट्रांसपोर्ट हब के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहां पर कई तरह के यातायात के साधन उपलब्ध होंगे। इसमें ऑटो, बस, टैक्सी जैसे यातायात के साथ आसानी से मिलेंगे।

बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट का ताजा अपडेट
2 जुलाई 2024 तक सभी सिविल कॉन्ट्रेक्ट दिए जा चुके हैं और 190 किमी के रूट में वायाडक्ट और 321 किमी के रूट में पीयर वर्क पूरा हो चुका है। इस पूरे प्रोजेक्ट के लिए जितनी जमीन की आवश्यकता है, उतनी गुजरात, दादरा और नागर हवेली व महाराष्ट्र में एक्वायर की गई है।
पहली पहाड़ी सुरंग बनकर तैयार है
NHSRCL ने बताया कि गुजरात में वलसाड के जरोली गांव के पास पहली 350 मीटर लंबी पहाड़ी सुरंग का काम भी पूरा हो चुका है। देश की पहली 7 किमी लंबी समुद्री सुरंग पर भी काम तेजी से चल रहा है। 7 किमी लंबी समुद्री सुरंग असल में बीकेसी और शिलफाटा के बीच बन रही 21 किमी लंबी सुरंग का हिस्सा है।पहली बुलेट ट्रेन 2026 में चलेगी
उम्मीद की जा रही है कि बुलेट ट्रेन का पहला चरण सूरत से बिलिमोरा के बीच साल 2026 में शुरू हो जाएगा। ज्ञात हो कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापान के तत्कालीन प्रधानमंत्री शिंजो आबे ने 14 सितंबर 2017 को गुजरात में अहमदाबाद-मुंबई बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट को लॉन्च किया था। बुलेट ट्रेन से अहमदाबाद से मुंबई के बीच 508 किमी की दूरी करीब 3-3.30 घंटे में तय होगी।भारत की पहली बुलेट ट्रेन परियोजना को जापान की शिंकनसेन टेक्नोलॉजी से बनाया जा रहा है। इसे बनाने के लिए जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी (JICA) ने फंड दिया है।
