K Kavitha Bail: आबकारी नीति मामले में पांच महीने से तिहाड़ जेल में बंद बीआरएस नेता के कविता मंगलवार शाम जेल से बाहर आ गईं। सुप्रीम कोर्ट ने आज ही के कविता को जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया था। न्यायमूर्ति बी आर गवई और न्यायमूर्ति के वी विश्वनाथन की पीठ ने कहा कि कविता की हिरासत की अब जरूरत नहीं है क्योंकि वह पांच महीनों से अधिक समय से हिरासत में हैं और इन मामलों में उनके खिलाफ केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) तथा प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच पूरी हो गयी है।
उधर, तिहाड़ जेल के बाहर बीआरएस नेताओं ने के.कविता का स्वागत किया। इस दौरान उन्होंने कहा, साढ़े पांच महीने के बाद अपने परिवार से मिलकर हम भावुक हो गए हैं, लेकिन इस स्थिति के लिए सिर्फ राजनीति जिम्मेदार है। पूरा देश जानता है कि सिर्फ राजनीतिक की वजह से मैं जेल में थी। हमारी कोई गलती नहीं थी, हम लड़ेंगे और खुद को बेगुनाह साबित करेंगे। उन्होंने कहा, हम फाइटर्स हैं, हम कानूनी और राजनीतिक रूप से लड़ेंगे।
बाहर आते ही बेटे को लगाया गले
जेल से बाहर आने के बाद के कविता काफी भावुक दिखीं। उन्होंने तिहाड़ जेल से बाहर आते ही अपने बेटे को गले लगाया। इस दौरान उनके पति और भाई केटीआर भी मौजूद रहे। बता दें, के कविता को जमानत देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि चूंकि दोनों मामलों में 493 गवाहों की जांच की जानी है और 50,000 पृष्ठों के दस्तावेजों पर विचार किया जाना है, इसलिए निकट भविष्य में मुकदमे के समाप्त होने की कोई संभावना नहीं है। इसलिए अपीलकर्ता (कविता) को प्रत्येक मामले में 10-10 लाख रुपये की मुचलका राशि पर तत्काल जमानत पर रिहा करने का निर्देश दिया जाता है।
15 मार्च को हुई थी गिरफ्तारी
ईडी ने कविता (46) को 15 मार्च को हैदराबाद में उनके बंजारा हिल्स स्थित घर से गिरफ्तार किया था। सीबीआई ने कथित घोटाले से जुड़े भ्रष्टाचार के मामले में 11 अप्रैल को उन्हें गिरफ्तार किया था। तेलंगाना के पूर्व मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव की बेटी कविता पर 'साउथ ग्रुप' का हिस्सा होने का आरोप लगाया गया है, जो व्यापारियों और राजनेताओं का एक कथित गिरोह है। इस गिरोह ने कथित तौर पर शराब लाइसेंस के बदले दिल्ली की सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी को 100 करोड़ रुपये की रिश्वत दी थी। कविता इन आरोपों को लगातार खारिज कर रही हैं।
