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Janmashtami Ke Bhajan: नंद के आनंद भयो से लेकर छोटी-छोटी गैया जैसे कान्हा के मधुर भजनों तक, जन्माष्टमी पर गाएं ये गीत, जन्माष्टमी गाना लिरिक्स

Janmashtami Ke Bhajan: जन्माष्टमी पर भगवान श्रीकृष्ण के जन्म की खुशी भजनों और भक्ति गीतों के साथ मनाई जाती है। ‘नंद के आनंद भयो’ जैसे लोकप्रिय भजन इस उत्सव का खास हिस्सा हैं। पढ़ें जन्माष्टमी के प्रसिद्ध कृष्ण भजन, गाना।

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जन्माष्टमी के भजन, गाना लिरिक्स इन हिंदी

Janmashtami Ke Bhajan, जन्माष्टमी गाना, भजन लिरिक्स इन हिंदी: आज जन्माष्टमी का पावन पर्व मनाया जा रहा है। इस दिन भगवान श्रीकृष्ण की पूजा के साथ उनके भजन गाने और सुनने की भी खास परंपरा है। घरों और मंदिरों में सुबह से ही कृष्ण भजनों की गूंज सुनाई देने लगती है। खासकर ‘नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की’ भजन जन्माष्टमी के मौके पर खूब गाया जाता है। भगवान कृष्ण के जन्म की खुशी को जाहिर करने वाले ऐसे भजनों में भक्ति के साथ उत्सव का रंग भी देखने को मिलता है।

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अगर आप भी आज जन्माष्टमी पर घर में पूजा के दौरान कृष्ण भजन चलाना चाहते हैं या परिवार और दोस्तों के साथ भक्ति गीत गाना चाहते हैं, तो कुछ लोकप्रिय भजन आपके लिए अच्छे विकल्प हो सकते हैं। इनमें कान्हा के जन्म, उनकी बाल लीलाओं, मुरली और उनके प्रति भक्तों के प्रेम का सुंदर वर्णन मिलता है। यहां पढ़ें जन्माष्टमी के प्रसिद्ध कृष्ण भजन, गाना, जन्माष्टमी के गाना, कृष्ण जन्माष्टमी के भजन कौनसे हैं, जन्माष्टमी गान लिरिक्स।

नन्द के आनंद भयो, जय कन्हिया लाल की, Nand Ke Anand Bhayo Jai Kanhaiya Lal Ki

आनंद उमंग भयो, जय हो नन्द लाल की।

नन्द के आनंद भयो, जय कन्हिया लाल की॥

बृज में आनंद भयो, जय यशोदा लाल की।

हाथी घोडा पालकी, जय कन्हिया लाल की॥

जय हो नंदलाल की, जय यशोदा लाल की।

गोकुल में आनंद भयो, जय कन्हिया लाल की॥

आनंद उमंग भयो, जय हो नन्द लाल की।

नन्द के आनंद भयो, जय कन्हिया लाल की॥

बृज में आनंद भयो, जय यशोदा लाल की।

हाथी घोडा पालकी, जय कन्हिया लाल की॥

आनंद उमंग भयो, जय हो नन्द लाल की।

नन्द के आनंद भयो, जय कन्हिया लाल की॥

बृज में आनंद भयो, जय यशोदा लाल की।

नन्द के आनंद भयो, जय कन्हिया लाल की॥

आनंद उमंग भयो, जय हो नन्द लाल की।

गोकुल में आनंद भयो, जय कन्हिया लाल की॥

जय हो नंदलाल की, जय यशोदा लाल की।

हाथी घोडा पालकी, जय कन्हिया लाल की॥

आनंद उमंग भयो, जय हो नन्द लाल की।

नन्द के आनंद भयो, जय कन्हिया लाल की॥

बृज में आनंद भयो, जय यशोदा लाल की।

नन्द के आनंद भयो, जय कन्हिया लाल की॥

आनंद उमंग भयो, जय हो नन्द लाल की।

नन्द के आनंद भयो, जय कन्हिया लाल की॥

कोटि ब्रह्माण्ड के अधिपति लाल की।

हाथी घोडा पालकी, जय कन्हिया लाल की॥

गौ चरने आये, जय हो पशुपाल की।

गोकुल में आनंद भयो, जय कन्हिया लाल की॥

कोटि ब्रह्माण्ड के अधिपति लाल की।

नन्द के आनंद भयो, जय कन्हिया लाल की॥

गौ चरने आये, जय हो पशुपाल की।

नन्द के आनंद भयो, जय कन्हिया लाल की॥

पूनम के चाँद जैसी शोभी है बाल की।

हाथी घोडा पालकी, जय कन्हिया लाल की॥

आनंद उमंग भयो, जय हो नन्द लाल की।

गोकुल में आनंद भयो, जय कन्हिया लाल की॥

कोटि ब्रह्माण्ड के अधिपति लाल की।

नन्द के आनंद भयो, जय कन्हिया लाल की॥

गौ चरने आये, जय हो पशुपाल की।

नन्द के आनंद भयो, जय कन्हिया लाल की॥

भक्तो के आनंद्कनद जय यशोदा लाल की।

हाथी घोडा पालकी, जय कन्हिया लाल की॥

जय हो यशोदा लाल की, जय हो गोपाल की।

गोकुल में आनंद भयो, जय कन्हिया लाल की॥

कोटि ब्रह्माण्ड के अधिपति लाल की।

नन्द के आनंद भयो, जय कन्हिया लाल की॥

गौ चरने आये, जय हो पशुपाल की।

नन्द के आनंद भयो, जय कन्हिया लाल की॥

आनद से बोलो सब जय हो बृज लाल की।

हाथी घोडा पालकी, जय कन्हिया लाल की॥

जय हो बृज लाल की,पावन प्रतिपाल की।

गोकुल में आनंद भयो, जय कन्हिया लाल की॥

कोटि ब्रह्माण्ड के अधिपति लाल की।

नन्द के आनंद भयो, जय कन्हिया लाल की॥

गौ चरने आये, जय हो पशुपाल की।

नन्द के आनंद भयो, जय कन्हिया लाल की॥

आनंद उमंग भयो, जय हो नन्द लाल की।

नन्द के आनंद भयो, जय कन्हिया लाल की॥

बृज में आनंद भयो, जय यशोदा लाल की।

नन्द के आनंद भयो, जय कन्हिया लाल की॥

जय हो नंदलाल की, जय यशोदा लाल की।

हाथी घोडा पालकी, जय कन्हिया लाल की॥

आनंद उमंग भयो, जय हो नन्द लाल की।

हाथी घोडा पालकी, जय कन्हिया लाल की॥

बृज में आनंद भयो, जय यशोदा लाल की।

नन्द के आनंद भयो, जय कन्हिया लाल की॥

जय हो नंदलाल की, जय यशोदा लाल की।

नन्द के आनंद भयो, जय कन्हिया लाल की॥

आनंद उमंग भयो, जय हो नन्द लाल की।

नन्द के आनंद भयो, जय कन्हिया लाल की॥

बृज में आनंद भयो, जय यशोदा लाल की।

नन्द के आनंद भयो, जय कन्हिया लाल की

यशोदा का नंदलाला बृज का उजाला है, Yashoda Ka Nandlala

यशोदा का नंदलाला बृज का उजाला है

मेरे लाल से तो सारा जग झिलमिलाए

ज़ु ज़ु ज़ू ज़ु

रात ठंडी ठंडी हवा, गा के सुलाए

भोर गुलाबी पलकें, खोल के जगाए

दो अँखियों में तुझे बसाके

जाने कब से जागूँ

तू माँगे तो चाँद भी दे दूँ

तुझ से कुछ ना माँगूँ

खोल तू आँखें देख यहाँ हूँ

और नहीं कोई मैं तेरी माँ हूँ, ज़ु ज़ु ज़ू ...

तेरे लिये कैसे कैसे सपने सजाए, मेरे लाल से ...

जाने कब ये आती जाती

सांस कहाँ थम जाए

देख मुरझाता फूल टूट के

डाली से कब गिर जाए

तू जो मुझे माँ माँ ... माँ, रहके बुलाए

रूह को मेरी चैन आ जाए, ज़ु ज़ु ज़ू ...

सो जाए ऐसे फिर ना जागूँ जगाए, मेरे लाल से

छोटी छोटी गैया, छोटे छोटे ग्वाल, Choti Choti Gaiya Chote Chote Gwal

छोटी छोटी गैया, छोटे छोटे ग्वाल ।

छोटो सो मेरो मदन गोपाल ॥

छोटी छोटी गैया, छोटे छोटे ग्वाल ।

छोटो सो मेरो मदन गोपाल ॥

आगे आगे गैया पीछे पीछे ग्वाल ।

बीच में मेरो मदन गोपाल ॥

छोटी छोटी गैया, छोटे छोटे ग्वाल ।

छोटो सो मेरो मदन गोपाल ॥

कारी कारी गैया, गोरे गोरे ग्वाल।

श्याम वरण मेरो मदन गोपाल॥

छोटी छोटी गैया, छोटे छोटे ग्वाल ।

छोटो सो मेरो मदन गोपाल ॥

घास खाए गैया, दूध पीवे ग्वाल ।

माखन खावे मेरो मदन गोपाल ॥

छोटी छोटी गैया, छोटे छोटे ग्वाल ।

छोटो सो मेरो मदन गोपाल ॥

छोटी छोटी लकुटी, छोले छोटे हाथ ।

बंसी बजावे मेरो मदन गोपाल ॥

छोटी छोटी गैया, छोटे छोटे ग्वाल ।

छोटो सो मेरो मदन गोपाल ॥

छोटी छोटी सखियाँ, मधुबन बाग ।

रास राचावे मेरो मदन गोपाल ॥

छोटी छोटी गैया, छोटे छोटे ग्वाल ।

छोटो सो मेरो मदन गोपाल ॥

छोटी छोटी गैया, छोटे छोटे ग्वाल ।

छोटो सो मेरो मदन गोपाल ॥

Avni Bagrola
अवनी बागरोलाauthor

अवनी बागरोला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के लाइफस्टाइल सेक्शन में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं। फैशन, ब्यूटी, ट्रेंड्स, पर्सनल स्टाइलिंग और मॉडर्न लाइफस्टाइल से जुड़े कंटेंट पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें जेन Z और स्टाइल-सेवी ऑडियंस के बीच खास पहचान दिलाती है। अवनी की लेखन शैली सरल, ट्रेंडी और यूज़र-फ्रेंडली है, जो पाठकों को तेजी से बदलते फैशन व लाइफस्टाइल ट्रेंड्स को समझने में मदद करती है। अब तक 3000 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुकी अवनी क्रिएटिव अप्रोच, अपडेटेड नॉलेज और रियल-टाइम ट्रेंड सेंस के लिए जानी जाती हैं।

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