Kerala Assembly Elections 2026: केंद्रीय चुनाव आयोग द्वारा जारी एक दस्तावेज में गलती सामने आने के बाद संबंधित सहायक अनुभाग अधिकारी को निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई प्रारंभिक जांच लंबित रहने तक के लिए की गई है। सूत्रों के मुताबिक, निलंबित अधिकारी का नाम जैसिल पी अजीज है, जो केरल के मुख्य चुनाव अधिकारी के दफ्तर में सहायक अनुभाग अधिकारी के पद पर तैनात हैं।
चुनाव आयोग की ओर से जारी आधिकारिक स्पष्टीकरण में कहा गया है कि राजनीतिक दलों को भेजे गए एक पत्र के साथ ऐसा दस्तावेज चला गया था जिस पर एक भारतीय जनता पार्टी (BJP) की मुहर लगी हुई थी। बाद में इसे लिपिकीय त्रुटि बताते हुए वापस ले लिया गया था। केरल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने अपने ऑफिस में तैनात एक सहायक अनुभाग अधिकारी को निलंबित करने का आदेश जारी किया है।
क्या है पूरा मामला विवाद?
हाल के दिनों में कुछ मलयालम समाचार चैनलों पर एक पत्र प्रसारित किया गया, जिसमें चुनाव आयोग का दस्तावेज दिखाया गया और उस पर भाजपा की मुहर लगी हुई थी। इसको लेकर सवाल उठे कि आयोग का आधिकारिक पत्र किसी पार्टी की मुहर के साथ कैसे जारी हुआ। इसके बाद मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय ने पूरे मामले पर स्पष्टीकरण जारी किया।
क्या कुछ बोले केरल के CEO?
स्पष्टीकरण में कहा गया कि यह पूरी तरह लिपिकीय गलती थी और जैसे ही ध्यान में आई, तुरंत सुधार कर दिया गया। केरल सीईओ के अनुसार, भाजपा ने केरल में 2019 के दिशानिर्देशों को लेकर स्पष्टीकरण मांगा था और इसके साथ उस समय के आदेश की फोटो प्रति दी थी, जिस पर उस दल की मुहर लगी हुई थी। दस्तावेज को जांचते समय उस मुहर पर ध्यान नहीं गया और वही प्रति स्पष्टीकरण के साथ अन्य दलों को भेज दी गई।
2019 के गाइडलाइंस को लेकर मांगा गया था स्पष्टीकरण
चुनाव आयोग के मुताबिक, ये मामला उम्मीदवारों के आपराधिक मामलों की जानकारी प्रकाशित करने से जुड़े दिशानिर्देशों से संबंधित था। 2019 में इस संबंध में निर्देश जारी किए गए थे, जिन्हें बाद में संशोधित भी किया जा चुका है। हाल में एक राजनीतिक दल ने पुराने निर्देशों को लेकर स्पष्टीकरण मांगा था और उसी के साथ पुराना आदेश जमा कराया था।
गलती सामने आते ही दस्तावेज वापस लिया गया
स्पष्टीकरण में कहा गया कि जैसे ही यह गलती सामने आई, 21 मार्च को उप मुख्य निर्वाचन अधिकारी की ओर से पत्र जारी कर गलत दस्तावेज वापस ले लिया गया। यह सुधार पत्र सभी राजनीतिक दलों, जिला निर्वाचन अधिकारियों और रिटर्निंग अधिकारियों को भेजा गया। कार्यालय ने कहा कि सही दिशानिर्देश पहले ही सभी दलों को भेजे जा चुके हैं और वही लागू हैं।
जांच लंबित, अधिकारी पर कार्रवाई
मामले को गंभीर मानते हुए उस फाइल को संभाल रहे सहायक अनुभाग अधिकारी को निलंबित कर दिया गया है। आदेश में कहा गया है कि जांच पूरी होने तक यह निलंबन जारी रहेगा। कार्यालय ने कहा कि जिम्मेदारी तय करने के लिए विभागीय जांच की जा रही है।
चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर दिया भरोसा
केरल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि चुनाव से जुड़ी प्रक्रिया पूरी तरह सुरक्षित और पारदर्शी है। स्पष्टीकरण में कहा गया है कि एक लिपिकीय गलती को आधार बनाकर गलत संदेश नहीं फैलाया जाना चाहिए। केरल के सीईओ ने कहा कि चुनाव प्रणाली को किसी बाहरी प्रभाव से बचाने के लिए सख्त व्यवस्था लागू है।
मीडिया और जनता से भी अपील
केरल के मुख्य चुनाव अधिकारी ने मीडिया और जनता से अपील की है कि इस गलती को लेकर भ्रामक खबरें न चलाई जाएं। सफाई देते हुए कहा गया कि दस्तावेज गलत तरीके से जारी नहीं किया गया था, बल्कि एक प्रति में लगी मुहर पर ध्यान नहीं जाने के कारण यह स्थिति बनी। चुनाव आयोग ने भरोसा दिलाया कि भविष्य में ऐसी गलती न हो इसके लिए अतिरिक्त सावधानी बरती जा रही है।
