Ranchi News: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की 14वीं संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा और JSSC की विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में हुई कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के खिलाफ राजधानी रांची में छात्रों का आक्रोश उफान पर है। कचहरी स्थित जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में हजारों अभ्यर्थी अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हुए हैं। इस बीच, बीती रात जिला प्रशासन की ओर से अधिकारियों ने प्रदर्शन स्थल पहुंचकर छात्रों से बातचीत की।
'हम अपने छोटे भाइयों से बात करने आए हैं': SDM कुमार रजत
आंदोलन को शांत कराने और गतिरोध दूर करने के उद्देश्य से रांची सदर के SDM कुमार रजत और ADM धनंजय कुमार जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम पहुंचे और प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों से बातचीत की।अधिकारियों ने छात्रों की समस्याओं को सुना और उनसे शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखने की अपील की।
SDM रांची सदर कुमार रजत ने कहा हम यहां अपने छोटे भाइयों से बात करने आए हैं ताकि यह समझ सकें कि भविष्य की परीक्षाओं की तैयारी में प्रशासन और सरकार उनकी किस प्रकार मदद कर सकती है। हालांकि, आंदोलनकारी छात्र अपनी मांगों पर पूरी तरह अड़े हुए हैं और उनका कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस और नीतिगत निर्णय नहीं लिया जाता, आंदोलन खत्म नहीं होगा।
डेलिगेशन बनाने की अपील करने भी पहुंचे थे अधिकारी
गौरतलब है कि 5 अगस्त को भी प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों से मिलने के लिए राज्य सरकार के प्रतिनिधि के रूप में SDM कुमार रजत और ADM धनंजय कुमार धरना स्थल पहुंचे थे और प्रदर्शनकारियों का प्रतिनिधित्व करने वाले 5 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को मुख्यमंत्री आवास पर चर्चा के लिए आमंत्रित किया। 6 अगस्त को खबर आई कि छात्रों, वकील और एक्सपर्ट्स का एक डेलिगेशन बना भी लिया गया, जिसके साथ सरकार के प्रतिनिधियों की मीटिंग होगी।
छात्र आंदोलन की 5 मुख्य मांगें:
14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा की निष्पक्ष जांच और विवादित परिणामों पर रोक।
सम्पूर्ण पेपर लीक व धांधली मामलों की CBI (केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो) जांच कराई जाए।
JPSC और JSSC भर्ती प्रक्रियाओं में पूर्ण पारदर्शिता तय की जाए।
परीक्षा तंत्र में सेंध लगाने वाले दोषी अधिकारियों, कर्मचारियों और दलालों पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई हो।
धांधली के साए में हुई परीक्षाओं को रद्द कर दोबारा पारदर्शी तरीके से आयोजित कराया जाए।
10 अगस्त को होगा विधानसभा घेराव
पूर्व निर्धारित योजना के अनुसार छात्र संगठनों ने 6 अगस्त को झारखंड विधानसभा घेराव का कार्यक्रम तय किया था। हालांकि, इस तारीख में बदलाव किया गया है। विधानसभा सत्र की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था के मद्देनजर प्रशासन द्वारा आसपास के क्षेत्रों में निषेधाज्ञा लागू की गई थी। 6 अगस्त को ही JLKM पार्टी द्वारा अपने अलग कार्यक्रम की घोषणा की गई थी, जिससे छात्रों के विशुद्ध आंदोलन के भ्रमित या राजनीतिक रंग लेने की संभावना थी। इन परिस्थितियों को देखते हुए छात्र संगठनों ने रणनीति में बदलाव करते हुए विधानसभा घेराव की नई तारीख 10 अगस्त तय की है।
